कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में फर्टिलाइजर और कृषि आदानों की बढ़ती कीमतों तथा किसानों से अधिक पैसे वसूलने की शिकायतों के बीच कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक समद पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों को फर्टिलाइजर केवल सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर ही बेचा जाना चाहिए। यदि कोई व्यापारी या विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर (FCO) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त निदेशक समद पटेल ने बताया कि कृषि विभाग की विशेष टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान जेवरगी, यादरामी, चित्तपुरा और सेदम तालुकों में स्थित एग्रीकल्चर मार्ट, फर्टिलाइजर बिक्री केंद्रों और कृषि आदान दुकानों की जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानों के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, वितरण व्यवस्था और मूल्य सूची की बारीकी से जांच की।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में किसानों की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ विक्रेता फर्टिलाइजर और अन्य कृषि उत्पाद निर्धारित दरों से अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि आदानों की कालाबाजारी पर रोक लगाना है।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। इसके बाद अधिकारियों को ऐसे सभी विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अनुसार जिले के विभिन्न हिस्सों में कुल 28 दुकानों की जांच की गई, जिनमें से 26 दुकानों को नियमों के उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किए गए हैं।
समद पटेल ने कहा कि विभाग की कार्रवाई केवल खुदरा दुकानों तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में गोदामों और थोक भंडारण केंद्रों पर भी छापेमारी की जाएगी। यदि किसी लाइसेंसधारी विक्रेता के खिलाफ अनियमितता या कालाबाजारी के प्रमाण मिलते हैं तो उसका लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले भर में कृषि विभाग ने निगरानी और जांच अभियान को और तेज कर दिया है। जेवरगी, यादरामी, सेदम, चित्तपुरा और चिंचोली क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीफ सीजन के दौरान फर्टिलाइजर की मांग बढ़ने के कारण विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है।
कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल फर्टिलाइजर ही नहीं, बल्कि बीज और अन्य कृषि आदानों की बिक्री पर भी नजर रखी जा रही है। अगले दो महीनों तक जिले में लगातार छापेमारी और निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य किसानों को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना है।
संयुक्त निदेशक ने किसानों से अपील की कि यदि किसी दुकान पर फर्टिलाइजर, बीज या अन्य कृषि सामग्री निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेची जा रही हो तो इसकी जानकारी तुरंत कृषि विभाग या संबंधित अधिकारियों को दें। शिकायत मिलने पर विभाग तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों को नकली बीज और नकली कृषि उत्पाद बेचने वाले धोखेबाजों से भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसान केवल अधिकृत और सरकारी लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही बीज, उर्वरक और कृषि आदान खरीदें। खरीदारी के समय बिल अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
कृषि विभाग का मानना है कि किसानों, प्रशासन और लाइसेंसधारी विक्रेताओं के सहयोग से ही फर्टिलाइजर और कृषि आदानों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। विभाग का यह अभियान किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें समय पर उचित मूल्य पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


