नागालैंड सरकार ने कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने दीमापुर के तोलुवी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन करते हुए कहा कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों को मजबूत बनाना राज्य के आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागालैंड की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती और कृषि गतिविधियों पर निर्भर है। ऐसे में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बेहतर विपणन व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के व्यापक अवसर मौजूद हैं।
कृषि आधारित उद्योगों पर सरकार का फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है। इसके जरिए कृषि उत्पादों की बर्बादी को कम करने और उनकी बाजार पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री रियो ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग नागालैंड में औद्योगिक विकास के सबसे संभावनाशील क्षेत्रों में शामिल हैं। राज्य में फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है, जिनका प्रसंस्करण कर मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थानीय उद्यमियों, स्टार्टअप्स और युवाओं को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इससे राज्य में उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और नए व्यवसायों की शुरुआत आसान होगी।
आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नागालैंड उपभोक्ता आधारित राज्य है और कई आवश्यक वस्तुओं के लिए बाहरी राज्यों तथा अन्य क्षेत्रों पर निर्भर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयातित उत्पादों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन और प्रसंस्करण बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा किसानों और उद्यमियों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे।
किसानों को मिलेगा बेहतर लाभ
मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों के विपणन में बिचौलियों की भूमिका कम होने से किसानों को उनकी उपज का अधिक लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से किसान सीधे उद्योगों और बाजारों से जुड़ सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग में सुधार से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं को भारत सरकार की विशेष सहायता योजनाओं के तहत विकसित किया जा रहा है। इनका उद्देश्य औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करना, स्थानीय उत्पादन बढ़ाना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इससे राज्य में रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को उद्यमिता अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय युवाओं को व्यवसाय और स्टार्टअप के अवसरों को भी अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाएं और सूक्ष्म वित्त कार्यक्रम युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर युवा रोजगार पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बन सकते हैं।
कौशल विकास पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी चिंता का विषय है। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
उनके अनुसार उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर अधिक होते हैं। इसलिए सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दे रही है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता नागालैंड
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य प्रसंस्करण इन्क्यूबेशन सेंटर जैसे प्रयास राज्य में कृषि आधारित औद्योगिक विकास को नई दिशा देंगे। इससे किसानों को बेहतर बाजार, युवाओं को रोजगार और स्थानीय उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के अवसर मिलेंगे।
नागालैंड सरकार की यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

