• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

तिलहन किसानों के लिए वरदान बना ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’, अब वॉट्सऐप पर मिलेगी 24 घंटे मुफ्त वैज्ञानिक सलाह

‘Oilseeds farmer friend’ becomes a boon for oilseed farmers, now connect on WhatsApp 24 hours free scientific advice

Emran Khan by Emran Khan
June 12, 2026
in कृषि समाचार
0
तिलहन किसानों के लिए वरदान बना ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’, अब वॉट्सऐप पर मिलेगी 24 घंटे मुफ्त वैज्ञानिक सलाह
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत में तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयासों के बीच किसानों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की गई है। आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑयलसीड्स रिसर्च (आईसीएआर-आईआईओआर), हैदराबाद द्वारा विकसित वॉट्सऐप आधारित एआई परामर्श सेवा ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान बनकर उभर रही है। यह सेवा किसानों को तिलहन फसलों से जुड़ी वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित जानकारी उनकी अपनी भाषा में सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराती है।

विशेष बात यह है कि किसानों को इस सेवा का लाभ लेने के लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। केवल वॉट्सऐप के माध्यम से वे अपनी फसल संबंधी समस्याओं और सवालों का जवाब तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन में हुआ था शुभारंभ

‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ सेवा की शुरुआत 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन के दौरान की गई थी। इस सेवा का शुभारंभ डीएआरई सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक द्वारा किया गया।

यह पहल किसानों तक आधुनिक डिजिटल तकनीक पहुंचाने और वैज्ञानिक अनुसंधान को सीधे खेतों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर सही सलाह उपलब्ध कराकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है।

सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है सेवा

इस एआई आधारित चैटबॉट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बहुभाषी क्षमता है। किसान अपनी पसंद की किसी भी भारतीय भाषा में सवाल पूछ सकते हैं और उसी भाषा में जवाब प्राप्त कर सकते हैं।

देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों के लिए भाषा अक्सर तकनीकी जानकारी प्राप्त करने में बाधा बनती है। लेकिन ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ इस समस्या को दूर करते हुए किसानों को उनकी मातृभाषा में वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराता है।

किन फसलों के लिए मिलेगी सलाह?

यह चैटबॉट देश की प्रमुख तिलहन फसलों से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। इनमें शामिल हैं:

  • सोयाबीन
  • मूंगफली
  • सरसों
  • सूरजमुखी
  • तिल
  • नाइजर
  • अन्य प्रमुख तिलहन फसलें

किसान इन फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक किसी भी विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं।

फसल के पूरे चक्र की जानकारी

‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ केवल सामान्य जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फसल के संपूर्ण जीवन चक्र से जुड़ी सलाह प्रदान करता है।

किस्म चयन में मदद

किसान अपने क्षेत्र और मौसम के अनुसार उपयुक्त किस्मों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फसल प्रबंधन

उर्वरक प्रबंधन, पौध संरक्षण और पोषण संबंधी सलाह भी उपलब्ध कराई जाती है।

कीट एवं रोग नियंत्रण

फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों की पहचान तथा उनके वैज्ञानिक उपचार की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।

सिंचाई प्रबंधन

पानी की आवश्यकता और सिंचाई के सही समय के बारे में भी सलाह दी जाती है।

कटाई के बाद प्रबंधन

भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाती है।

24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध

इस सेवा की एक और बड़ी विशेषता यह है कि यह चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहती है।

किसान किसी भी समय अपने सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें तुरंत जवाब मिल जाता है। इससे कृषि विशेषज्ञों तक पहुंच की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कृषि वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों तक पहुंच सीमित होती है, वहां यह सेवा किसानों के लिए एक डिजिटल कृषि सलाहकार की तरह कार्य कर सकती है।

कैसे काम करता है एआई चैटबॉट?

‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित है। यह किसानों द्वारा भेजे गए प्रश्नों को समझकर फसल और क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त जवाब देता है।

इसका नॉलेज बेस कई प्रमुख आईसीएआर संस्थानों द्वारा तैयार किया गया है। यही कारण है कि किसानों को मिलने वाली सलाह पूरी तरह वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित होती है।

चैटबॉट किसानों द्वारा टाइप किए गए या स्थानीय भाषा में भेजे गए प्रश्नों को समझने में सक्षम है, जिससे इसका उपयोग बेहद आसान हो जाता है।

कई संस्थानों की विशेषज्ञता का मिला सहयोग

इस परियोजना के विकास में कई प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थानों ने योगदान दिया है।

इनमें शामिल हैं:

  • आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑयलसीड्स रिसर्च (IIOR), हैदराबाद
  • आईसीएआर-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट (NSRI), इंदौर
  • आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ग्राउंडनट रिसर्च (IIGR), जूनागढ़
  • आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रेपसीड एंड मस्टर्ड रिसर्च (IIRMR), भरतपुर
  • पीसी यूनिट (तिल एवं नाइजर)

इन संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ज्ञान को एआई तकनीक के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।

किसानों तक कैसे पहुंचेगी सेवा?

इस सेवा का उपयोग करना बेहद आसान है।

चरण 1

अपने मोबाइल में +91 40245 98180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नाम से सेव करें।

चरण 2

वॉट्सऐप खोलें और अपनी पसंदीदा भाषा में संदेश भेजें।

चरण 3

तुरंत अपनी तिलहन फसल से संबंधित वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित सलाह प्राप्त करें।

तिलहन उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद

भारत लंबे समय से खाद्य तेलों के आयात पर निर्भर रहा है। सरकार घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को समय पर सही तकनीकी जानकारी मिले तो तिलहन फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ भारत की पहली देशव्यापी वॉट्सऐप आधारित एआई कृषि सलाह सेवा है, जो तिलहन किसानों को उनकी भाषा में मुफ्त और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करा रही है। यह पहल न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है बल्कि कृषि अनुसंधान और खेत के बीच की दूरी भी कम कर रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ यह सेवा लाखों किसानों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल साथी साबित हो सकती है और देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

Tags: AgricultureFarmingIndian AgricultureTilhan
Previous Post

देश में बढ़ेगा बागवानी उत्पादन, 2025-26 में 3777 लाख टन से अधिक उत्पादन का अनुमान

Next Post

Dasheri Mango की खेती से कमाएं बेहतर मुनाफा, जानिए Plant, Price और फायदे

Next Post
dasheri-mango

Dasheri Mango की खेती से कमाएं बेहतर मुनाफा, जानिए Plant, Price और फायदे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • NAAS-धानुका कृषि प्रसार उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित हुए देश के अग्रणी कृषि विज्ञान केंद्र और वैज्ञानिक
  • Rural Agricultural Market Scheme: किसानों को गांव के पास मिलेगा बेहतर बाजार, जानें लाभ, आवेदन और पूरी जानकारी
  • अभिमन्यु एग्री बिजनेस ग्रुप ने उरई में आयोजित किया भव्य विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम, कूपन ड्रा ने बढ़ाया उत्साह
  • राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में पंचायती राज संस्थाओं का जलवा, डिजिटल शासन की मिसाल बनीं ग्राम पंचायतें
  • Rosemary Plant को सूखने से बचाने के आसान उपाय

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.