भारत में तिलहन उत्पादन बढ़ाने और खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता कम करने के प्रयासों के बीच किसानों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की गई है। आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑयलसीड्स रिसर्च (आईसीएआर-आईआईओआर), हैदराबाद द्वारा विकसित वॉट्सऐप आधारित एआई परामर्श सेवा ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी समाधान बनकर उभर रही है। यह सेवा किसानों को तिलहन फसलों से जुड़ी वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित जानकारी उनकी अपनी भाषा में सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध कराती है।
विशेष बात यह है कि किसानों को इस सेवा का लाभ लेने के लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं है। केवल वॉट्सऐप के माध्यम से वे अपनी फसल संबंधी समस्याओं और सवालों का जवाब तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन में हुआ था शुभारंभ
‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ सेवा की शुरुआत 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय तिलहन सम्मेलन के दौरान की गई थी। इस सेवा का शुभारंभ डीएआरई सचिव एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक द्वारा किया गया।
यह पहल किसानों तक आधुनिक डिजिटल तकनीक पहुंचाने और वैज्ञानिक अनुसंधान को सीधे खेतों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर सही सलाह उपलब्ध कराकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है।
सभी भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है सेवा
इस एआई आधारित चैटबॉट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बहुभाषी क्षमता है। किसान अपनी पसंद की किसी भी भारतीय भाषा में सवाल पूछ सकते हैं और उसी भाषा में जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों के लिए भाषा अक्सर तकनीकी जानकारी प्राप्त करने में बाधा बनती है। लेकिन ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ इस समस्या को दूर करते हुए किसानों को उनकी मातृभाषा में वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराता है।
किन फसलों के लिए मिलेगी सलाह?
यह चैटबॉट देश की प्रमुख तिलहन फसलों से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। इनमें शामिल हैं:
- सोयाबीन
- मूंगफली
- सरसों
- सूरजमुखी
- तिल
- नाइजर
- अन्य प्रमुख तिलहन फसलें
किसान इन फसलों की बुवाई से लेकर कटाई तक किसी भी विषय पर प्रश्न पूछ सकते हैं।
फसल के पूरे चक्र की जानकारी
‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ केवल सामान्य जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फसल के संपूर्ण जीवन चक्र से जुड़ी सलाह प्रदान करता है।
किस्म चयन में मदद
किसान अपने क्षेत्र और मौसम के अनुसार उपयुक्त किस्मों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
फसल प्रबंधन
उर्वरक प्रबंधन, पौध संरक्षण और पोषण संबंधी सलाह भी उपलब्ध कराई जाती है।
कीट एवं रोग नियंत्रण
फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों की पहचान तथा उनके वैज्ञानिक उपचार की जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकती है।
सिंचाई प्रबंधन
पानी की आवश्यकता और सिंचाई के सही समय के बारे में भी सलाह दी जाती है।
कटाई के बाद प्रबंधन
भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी किसानों को उपलब्ध कराई जाती है।
24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध
इस सेवा की एक और बड़ी विशेषता यह है कि यह चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहती है।
किसान किसी भी समय अपने सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें तुरंत जवाब मिल जाता है। इससे कृषि विशेषज्ञों तक पहुंच की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कृषि वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों तक पहुंच सीमित होती है, वहां यह सेवा किसानों के लिए एक डिजिटल कृषि सलाहकार की तरह कार्य कर सकती है।
कैसे काम करता है एआई चैटबॉट?
‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित है। यह किसानों द्वारा भेजे गए प्रश्नों को समझकर फसल और क्षेत्र के अनुसार उपयुक्त जवाब देता है।
इसका नॉलेज बेस कई प्रमुख आईसीएआर संस्थानों द्वारा तैयार किया गया है। यही कारण है कि किसानों को मिलने वाली सलाह पूरी तरह वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित होती है।
चैटबॉट किसानों द्वारा टाइप किए गए या स्थानीय भाषा में भेजे गए प्रश्नों को समझने में सक्षम है, जिससे इसका उपयोग बेहद आसान हो जाता है।
कई संस्थानों की विशेषज्ञता का मिला सहयोग
इस परियोजना के विकास में कई प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थानों ने योगदान दिया है।
इनमें शामिल हैं:
- आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑयलसीड्स रिसर्च (IIOR), हैदराबाद
- आईसीएआर-नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट (NSRI), इंदौर
- आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ग्राउंडनट रिसर्च (IIGR), जूनागढ़
- आईसीएआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रेपसीड एंड मस्टर्ड रिसर्च (IIRMR), भरतपुर
- पीसी यूनिट (तिल एवं नाइजर)
इन संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ज्ञान को एआई तकनीक के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।
किसानों तक कैसे पहुंचेगी सेवा?
इस सेवा का उपयोग करना बेहद आसान है।
चरण 1
अपने मोबाइल में +91 40245 98180 नंबर को ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ नाम से सेव करें।
चरण 2
वॉट्सऐप खोलें और अपनी पसंदीदा भाषा में संदेश भेजें।
चरण 3
तुरंत अपनी तिलहन फसल से संबंधित वैज्ञानिक और अनुसंधान आधारित सलाह प्राप्त करें।
तिलहन उत्पादन बढ़ाने में मिलेगी मदद
भारत लंबे समय से खाद्य तेलों के आयात पर निर्भर रहा है। सरकार घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को समय पर सही तकनीकी जानकारी मिले तो तिलहन फसलों की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। ‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
‘ऑयलसीड्स किसान मित्र’ भारत की पहली देशव्यापी वॉट्सऐप आधारित एआई कृषि सलाह सेवा है, जो तिलहन किसानों को उनकी भाषा में मुफ्त और वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करा रही है। यह पहल न केवल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है बल्कि कृषि अनुसंधान और खेत के बीच की दूरी भी कम कर रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ यह सेवा लाखों किसानों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल साथी साबित हो सकती है और देश में तिलहन उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

