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Home कृषि समाचार

यूपी सरकार की बड़ी पहल: स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा ₹80,000 तक अनुदान, महिलाओं के लिए 50% आरक्षण

UP government's big initiative: Up to ₹80,000 subsidy on buying indigenous cows

Emran Khan by Emran Khan
June 17, 2026
in कृषि समाचार
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यूपी सरकार की बड़ी पहल: स्वदेशी गाय खरीदने पर मिलेगा ₹80,000 तक अनुदान, महिलाओं के लिए 50% आरक्षण
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उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। ‘मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना’ के तहत पशुपालकों को उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदने पर ₹80,000 तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। योजना का उद्देश्य न केवल दूध उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।

राज्य सरकार का मानना है कि पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और अतिरिक्त आय का एक मजबूत माध्यम बन सकता है। इसी सोच के साथ यह योजना लागू की गई है, जिससे किसान और पशुपालक आधुनिक डेयरी व्यवसाय की ओर आकर्षित हो सकें।

स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर विशेष जोर

योजना के तहत गिर, साहिवाल, थारपारकर और हरियाणा जैसी उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों की खरीद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये नस्लें अपनी बेहतर दुग्ध क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता और भारतीय जलवायु के अनुकूल होने के कारण देशभर में प्रसिद्ध हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन से न केवल दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पशुपालकों की आय में भी स्थायी वृद्धि होगी। साथ ही जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को भी इससे मजबूती मिलेगी।

दो गायों की इकाई पर मिलेगा अनुदान

योजना के अंतर्गत इच्छुक पशुपालक दो स्वदेशी गायों की एक इकाई स्थापित कर सकते हैं। इसके लिए परियोजना लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत या ₹80,000 तक का अनुदान दिया जाएगा।

हालांकि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। खरीदी जाने वाली गायें पहली या दूसरी ब्यात की होनी चाहिए, ताकि उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता अधिक हो और पशुपालकों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण पशु उपलब्ध हों और वे डेयरी व्यवसाय को लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित कर सकें।

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता महिलाओं को दिया गया विशेष महत्व है। सरकार ने योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा महिला दुग्ध उत्पादकों और महिला पशुपालकों के लिए आरक्षित किया है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं पहले से ही पशुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि उन्हें वित्तीय सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे सफल डेयरी उद्यमी बन सकती हैं।

महिला आरक्षण के माध्यम से सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

डेयरी व्यवसाय बनेगा आय का स्थायी स्रोत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार केवल फसल उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को भी अपनाना चाहिए। इससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होते हैं और कृषि जोखिम कम होता है।

दूध की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है, इसलिए डेयरी व्यवसाय को स्थायी आय का माध्यम माना जाता है। यदि पशुपालक उन्नत नस्ल की गायों का पालन करते हैं तो वे दूध उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं।

योजना के माध्यम से सरकार ऐसे ही छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालकों को प्रोत्साहित कर रही है जो डेयरी क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते।

ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन सकता है। पशुपालन से जुड़े कार्यों में परिवार के कई सदस्य शामिल हो सकते हैं, जिससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलते हैं।

स्वदेशी गायों के पालन से दूध उत्पादन के साथ-साथ गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। यही कारण है कि सरकार इस क्षेत्र को ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसान और पशुपालक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र लाभार्थी आसानी से योजना से जुड़ सकेंगे।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी, पासबुक की प्रति तथा पासपोर्ट आकार का फोटो शामिल है।

इसके अलावा संबंधित विभाग द्वारा मांगे गए अन्य दस्तावेज भी जमा करने होंगे। अधिकारियों के अनुसार आवेदन से पहले सभी पात्रता शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लेना चाहिए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न आए।

सहायता के लिए विभागीय कार्यालय उपलब्ध

यदि किसी आवेदक को आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वह संबंधित पशुपालन विभाग या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी तथा जिला स्तर के संबंधित कार्यालयों द्वारा योजना से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वदेशी पशुपालन को नई दिशा

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना उत्तर प्रदेश में पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। यह योजना एक ओर जहां स्वदेशी गायों के संरक्षण को बढ़ावा देगी, वहीं दूसरी ओर किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण, उदार अनुदान और स्वदेशी नस्लों पर फोकस इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। यदि इसका लाभ व्यापक स्तर पर किसानों और पशुपालकों तक पहुंचता है, तो यह प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

Tags: Animal FarmingAnimal HusbandryCow FarmingDairy Managament
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