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Home मौसम

Delhi Rain Alert: आज गर्मी-उमस का येलो अलर्ट, 18-19 जुलाई को झमाझम बारिश की दस्तक

Delhi Rain Alert: Delhi Rain Alert: 'Yellow alert' for heat and humidity today; heavy rain expected on July 18-19

Fiza by Fiza
July 16, 2026
in मौसम
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Delhi Rain Alert

Delhi Rain Alert

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Delhi Rain Alert: जुलाई का महीना अपने चरम पर है और देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में गुरुवार को लोगों को गर्मी और उमस का दोहरा सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, राहत की खबर यह है कि 18 और 19 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है।

दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम का अलग-अलग रंग देखने को मिल रहा है। कहीं मानसून सक्रिय है तो कहीं बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में किसानों से लेकर आम जनता तक, हर कोई आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा है।

दिल्ली-एनसीआर में क्यों बढ़ी परेशानी?

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बादल तो नजर आ रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है। इसी वजह से लोगों को तेज उमस का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौली का दौर जारी है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों में मौसम बदल सकता है। 18 और 19 जुलाई को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। यदि बारिश का यह दौर लंबा चला तो राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। नगर निगम और प्रशासन ने भी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

दिल्ली में तापमान का हाल

  • अधिकतम तापमान: 35 से 37 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: 27 से 29 डिग्री सेल्सियस
  • आर्द्रता: 70 से 85 प्रतिशत
  • हवा की गति: 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा

विशेषज्ञों के मुताबिक, उमस के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और हृदय रोगियों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता

उत्तर प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। पूर्वी और तराई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जबकि पश्चिमी यूपी में अभी भी बारिश का इंतजार है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और बस्ती में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ जैसे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान और मक्का की फसल के लिए यह बारिश बेहद लाभदायक साबित होगी। हालांकि, लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और फसल क्षति का खतरा भी बना रहेगा।

बिहार में नदियां उफान पर

बिहार में मानसून का असर काफी तेज है। कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। बिहार के किसानों के लिए यह स्थिति मिश्रित है। जहां धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, वहीं अधिक वर्षा से खेतों में जलभराव की समस्या भी सामने आ रही है।

राजस्थान में राहत की बारिश

राजस्थान में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिलने लगी है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।मरुस्थलीय क्षेत्रों में भी बादलों की सक्रियता बढ़ी है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है और भूजल स्तर में भी सुधार होने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश में बारिश का मजबूत सिस्टम

मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई शहरों में लगातार बारिश हो रही है। राज्य में एक मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम बनने के कारण अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। नर्मदा और ताप्ती नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। सोयाबीन, कपास और मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि, अधिक वर्षा होने पर फसल रोगों का खतरा भी बढ़ सकता है।

पंजाब और हरियाणा में किसानों की उम्मीदें

पंजाब और हरियाणा में धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में किसान मानसून पर काफी निर्भर रहते हैं। पिछले कुछ दिनों में दोनों राज्यों में हल्की बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। धान की रोपाई कर चुके किसानों को फिलहाल राहत मिली है क्योंकि बारिश के कारण सिंचाई का खर्च कम हुआ है। विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है।

हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा

पहाड़ी राज्यों में मानसून जहां प्राकृतिक सुंदरता बढ़ा रहा है, वहीं लोगों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर रहा है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। कई स्थानों पर मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

महाराष्ट्र में बारिश ने पकड़ी रफ्तार

महाराष्ट्र में मुंबई, पुणे, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मुंबई में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। विदर्भ और मराठवाड़ा के किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। यहां बारिश की स्थिति में सुधार हुआ है, जिससे कपास और सोयाबीन की फसल को लाभ मिलने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। ब्रहमपुत्र नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। राहत और बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

किसानों के लिए मौसम क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की हर गतिविधि किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।

  • धान की रोपाई के लिए पर्याप्त पानी आवश्यक है।
  • मक्का और सोयाबीन की फसल को समय पर वर्षा चाहिए।
  • अत्यधिक बारिश फसल रोगों को बढ़ा सकती है।
  • कम बारिश से सिंचाई लागत बढ़ जाती है।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि किसान नियमित रूप से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और उसी के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाएं।

मौसम बदलने पर स्वास्थ्य का रखें ध्यान

गर्मी और उमस के बीच अचानक बारिश होने से वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

  1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  2. बाहर निकलते समय छाता साथ रखें।
  3. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
  4. जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
  5. घर के आसपास पानी जमा न होने दें।

अगले 72 घंटों का मौसम पूर्वानुमान

  • दिल्ली-एनसीआर: 18-19 जुलाई को तेज बारिश।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी जिलों में भारी बारिश।
  • बिहार: बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्कता।
  • राजस्थान: कई जिलों में मानसून सक्रिय।
  • मध्य प्रदेश: भारी बारिश जारी रहने की संभावना।
  • हिमाचल और उत्तराखंड: भूस्खलन का खतरा।
  • महाराष्ट्र: कोंकण और मुंबई में बारिश का दौर।
  • असम और मेघालय: भारी वर्षा का अलर्ट।

निष्कर्ष

दिल्ली-एनसीआर (Delhi Rain Alert) में फिलहाल गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, लेकिन 18 और 19 जुलाई को होने वाली संभावित बारिश राहत लेकर आ सकती है। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों में मानसून अपनी अलग तस्वीर पेश कर रहा है। कहीं यह किसानों के लिए वरदान बनकर आया है तो कहीं बाढ़ और भूस्खलन की वजह से चुनौती बन गया है।

आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलता मिजाज देश की कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

Tags: Delhi NCR Rain ForecastDelhi NCR WeatherDelhi Rain AlertHeavy Rain AlertIMD weather alertMonsoon Update IndiaUttar Pradesh WeatherWeather News India
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