• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

PMMSY से तमिलनाडु और केरल के मछुआरों को बड़ी राहत, Seaweed Farming, Fisheries Infrastructure और KCC से मिलेगा नया आर्थिक बल

PMMSY से तमिलनाडु और केरल के मछुआरों को बड़ी राहत, Seaweed Farming, Fisheries Infrastructure और KCC से मिलेगा नया आर्थिक बल

Emran Khan by Emran Khan
July 29, 2026
in कृषि समाचार
0
PMMSY से तमिलनाडु और केरल के मछुआरों को बड़ी राहत, Seaweed Farming, Fisheries Infrastructure और KCC से मिलेगा नया आर्थिक बल

Blue Economy को मिलेगी नई मजबूती

0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत सरकार देश के Fisheries Sector को आधुनिक बनाने, पारंपरिक मछुआरों (Traditional Fishermen) की आय बढ़ाने और तटीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का प्रभावी ढंग से संचालन कर रही है। लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बताया कि तमिलनाडु और केरल जैसे समुद्री राज्यों में आधुनिक Fisheries Infrastructure, Seaweed Farming, Mariculture, Skill Development, Kisan Credit Card (KCC) और Cold Chain Network को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों की आजीविका, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और आय में स्थायी सुधार लाना भी है।

तमिलनाडु में Seaweed Park को मिली बड़ी मंजूरी

मत्स्यपालन विभाग ने बताया कि तमिलनाडु में ₹127.71 करोड़ की लागत से Multipurpose Seaweed Park स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना रामनाथपुरम जिले के वलमावुर स्थित Hub-I में विकसित होगी, जहां समुद्री शैवाल (Seaweed) के गुणन, उत्पादन और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि Seaweed Farming भविष्य में तटीय क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा स्रोत बनेगी और महिलाओं सहित हजारों परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराएगी।

रामनाथपुरम में मछुआरों को सब्सिडी, बीमा और आजीविका सहायता

पिछले तीन वर्षों के दौरान PMMSY और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत रामनाथपुरम जिले के हजारों पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है।

इनमें शामिल हैं

  • Fishing Ban अवधि में 1.19 लाख से अधिक मछुआरा परिवारों को आजीविका सहायता।
  • Group Accident Insurance के माध्यम से सुरक्षा कवरेज।
  • Seaweed Rafts और Monoline Units की स्थापना।
  • Biofloc Ponds का निर्माण।
  • Refrigerated Fish Transport Vehicles की सहायता।
  • Open Sea Cage Culture को बढ़ावा।
  • Tuna Fishing Boats पर 50% एवं 70% तक सब्सिडी।

इन योजनाओं का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक मत्स्य व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाना है।

Fisheries Infrastructure को मिल रही नई मजबूती

रामनाथपुरम जिले में आधुनिक मत्स्य अवसंरचना विकसित करने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं।

इनमें

  • Fish Landing Centres का निर्माण एवं आधुनिकीकरण
  • Fish Harbours का विकास
  • Cold Storage एवं Ice Plant
  • Artificial Reefs की स्थापना
  • Climate Resilient Coastal Fishing Villages
  • Coastal Infrastructure Development

जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

सरकार के अनुसार कृत्रिम रीफ (Artificial Reefs) समुद्री जैव विविधता को बढ़ाने के साथ-साथ मछली उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

5,599 मछुआरों को मिला आधुनिक प्रशिक्षण

रामनाथपुरम जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान 88 Skill Development Programmes आयोजित किए गए, जिनमें 5,599 से अधिक मछुआरों और मत्स्य किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।

इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल विषय हैं

  • Seaweed Farming
  • Mariculture
  • Cage Culture
  • Aquaculture
  • Engine Repair
  • Boat Operation
  • Fish Processing
  • Ready-to-Eat Fish Products
  • Dry Fish Processing
  • Fish Net Making
  • Waste Fishing Net Recycling

सरकार का कहना है कि Skill Development से युवाओं और महिलाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

KCC से मिला ₹236 करोड़ से अधिक संस्थागत ऋण

सरकार ने बताया कि केवल रामनाथपुरम जिले में 13,949 मछुआरों और मत्स्य किसानों को Kisan Credit Card (KCC) के माध्यम से ₹236.26 करोड़ का संस्थागत ऋण उपलब्ध कराया गया है।

इसके अतिरिक्त 45 Deep Sea Tuna Fishing Vessels की खरीद के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

केरल को PMMSY के तहत ₹1,413 करोड़ की स्वीकृति

केरल में भी PMMSY के तहत पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान ₹1,413.91 करोड़ की मत्स्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

सरकार के अनुसार एर्नाकुलम संसदीय क्षेत्र के लिए ₹8.85 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से ₹8.62 करोड़ पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

इन परियोजनाओं में

  • Biofloc Culture
  • Recirculatory Aquaculture System (RAS)
  • Cage Culture
  • Brackish Water Aquaculture
  • Ornamental Fisheries
  • Fish Marketing Kiosks
  • Fisheries Service Centres

जैसी आधुनिक गतिविधियां शामिल हैं।

पारंपरिक मछुआरों के लिए व्यापक योजनाएं

सरकार ने बताया कि केरल सहित पूरे देश में पारंपरिक मछुआरों के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

इनमें प्रमुख हैं

  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
  • प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PMMKSSY)
  • Fisheries Infrastructure Development Fund (FIDF)
  • Kisan Credit Card (KCC)
  • Blue Revolution Programme

इन योजनाओं के माध्यम से मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, रोजगार सृजन, आधुनिक विपणन, मूल्य संवर्धन, सामाजिक सुरक्षा और संसाधनों के सतत उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

केरोसीन आवंटन में 420% तक बढ़ोतरी

लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, केंद्र सरकार ने केरल के लिए Public Distribution System (PDS) Superior Kerosene Oil (SKO) के आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

वर्ष 2024-25 में जहां राज्य को 4,368 KL केरोसीन आवंटित किया गया था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 22,704 KL हो गया, जो लगभग 419.78 प्रतिशत की वृद्धि है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार इस केरोसीन का उपयोग खाना पकाने, प्रकाश व्यवस्था, मत्स्य पालन, आपदा प्रबंधन और अन्य विशेष आवश्यकताओं के लिए कर सकती है।

Blue Economy को मिलेगी नई मजबूती

केंद्र सरकार का कहना है कि PMMSY, PMMKSSY, FIDF और KCC जैसी योजनाएं केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि Blue Economy, Sustainable Fisheries, Climate Resilient Coastal Development, Modern Infrastructure, Value Addition और Export Promotion को भी नई दिशा दे रही हैं। आधुनिक तकनीक, समुद्री शैवाल खेती, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और वैज्ञानिक मत्स्य प्रबंधन के माध्यम से तमिलनाडु और केरल के लाखों पारंपरिक मछुआरों एवं मत्स्य किसानों की आय बढ़ाने और तटीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

 

Tags: AgricultureAnimal HusbandryFarming
Previous Post

PMMSY से बढ़ा मत्स्य उत्पादन, पारंपरिक मछुआरों को मिला संरक्षण और आधुनिक तकनीकों का सहारा

Next Post

कृषि में AI, Geospatial Technology और किसानों के कल्याण पर केंद्र–तेलंगाना का फोकस, शिवराज सिंह चौहान और रेवंत रेड्डी की अहम बैठक

Next Post
ग्रामीण विकास योजनाओं की हुई समीक्षा

कृषि में AI, Geospatial Technology और किसानों के कल्याण पर केंद्र–तेलंगाना का फोकस, शिवराज सिंह चौहान और रेवंत रेड्डी की अहम बैठक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • उर्वरक गुणवत्ता परीक्षण में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार की सख्त व्यवस्था, तीन-स्तरीय जांच से तय होगी अंतिम रिपोर्ट
  • कृषि में AI, Geospatial Technology और किसानों के कल्याण पर केंद्र–तेलंगाना का फोकस, शिवराज सिंह चौहान और रेवंत रेड्डी की अहम बैठक
  • PMMSY से तमिलनाडु और केरल के मछुआरों को बड़ी राहत, Seaweed Farming, Fisheries Infrastructure और KCC से मिलेगा नया आर्थिक बल
  • PMMSY से बढ़ा मत्स्य उत्पादन, पारंपरिक मछुआरों को मिला संरक्षण और आधुनिक तकनीकों का सहारा
  • PMMSY से बदलेगी अंतर्देशीय मत्स्य पालन की तस्वीर, उत्तर प्रदेश को ₹1,294 करोड़ की परियोजनाओं की मंजूरी

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.