भारतीय कृषि में आधुनिक फसल सुरक्षा तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में इफको-एमसी क्रॉप साइंस ने अपने नए उत्पादों का भव्य शुभारंभ किया है। कंपनी ने अपने पहले बड़े प्रोडक्ट लॉन्च कार्यक्रम ‘स्वर्णारंभ 2026 – मार्चिंग टुवर्ड्स ए न्यू गोल्डन डिकेड‘ के दौरान अपनी पहली 9(3) पेटेंटेड फफूंदनाशी ‘मित्सुकी‘ और उन्नत नींबू वर्गीय अर्क आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट ‘नेक्सावेट‘ को लॉन्च किया।
यह कार्यक्रम कंपनी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह इफको-एमसी के इतिहास का पहला भव्य प्रोडक्ट लॉन्च कार्यक्रम था। आयोजन में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें सहकारिता क्षेत्र के वरिष्ठ नेतृत्व, वैश्विक प्रौद्योगिकी साझेदार, कृषि व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधि, चैनल पार्टनर्स, मीडिया प्रतिनिधि और किसान समुदाय के सदस्य शामिल रहे।
कंपनी के अनुसार, दोनों नए उत्पाद भारतीय किसानों को आधुनिक फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन को अधिक प्रभावी तथा टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
श्री दिलीप संघाणी ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
‘स्वर्णारंभ 2026’ कार्यक्रम का शुभारंभ इफको एवं इफको-एमसी के अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी ने किया। इस अवसर पर कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में इफको पंजाब के निदेशक श्री जगदीप सिंह नकई, इफको हरियाणा के निदेशक श्री प्रह्लाद सिंह, इफको उत्तराखंड के निदेशक श्री प्रदीप चौधरी, इफको के विपणन निदेशक एवं इफको-एमसी के प्रबंध निदेशक श्री योगेन्द्र कुमार, आईकेएलएल के नामित निदेशक श्री सुनील कुमार खत्री, इफको के कार्यकारी निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ तथा इफको ई-बाज़ार की निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती मधुलिका शुक्ला सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इफको-एमसी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मनोज वार्श्नेय, मुख्य परिचालन अधिकारी श्री संतोष शुक्ला और प्रोक्योरमेंट हेड मिकी हिरोसे सान ने वरिष्ठ नेतृत्व एवं अपनी टीम के साथ अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों और टीम सदस्यों ने भी इफको एवं इफको-एमसी के अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी का सम्मान किया।
‘मित्सुकी‘ और ‘नेक्सावेट‘ का अनावरण
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इफको-एमसी के दो नए उत्पादों का लॉन्च रहा। इनमें ‘मित्सुकी‘ एक उन्नत फफूंदनाशी है, जबकि ‘नेक्सावेट‘ एक आधुनिक सिलिकॉन एडजुवेंट है।
कंपनी के मुताबिक, दोनों उत्पादों को किसानों की फसल सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इनका उद्देश्य फसल में रोगों के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ कृषि रसायनों के इस्तेमाल की प्रभावशीलता को बढ़ाना है।
धान की प्रमुख बीमारियों पर प्रभावी ‘मित्सुकी‘
‘मित्सुकी’ को थायोफेनेट मिथाइल (Thiophanate Methyl) और पिकॉक्सीस्ट्रोबिन (Picoxystrobin) के पेटेंटेड संयोजन पर आधारित फफूंदनाशी के रूप में पेश किया गया है।
कंपनी के अनुसार, यह उत्पाद धान की प्रमुख बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण में सक्षम है। इनमें मुख्य रूप से शीथ ब्लाइट, ब्लास्ट और ग्रेन डिसकलरेशन जैसी बीमारियां शामिल हैं।
धान भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलों में से एक है और इसकी उत्पादकता पर फसल रोगों का सीधा असर पड़ता है। शीथ ब्लाइट और ब्लास्ट जैसी बीमारियां अनुकूल मौसम परिस्थितियों में तेजी से फैल सकती हैं और उत्पादन एवं गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में प्रभावी फफूंदनाशी का उपयोग किसानों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।
इफको-एमसी का कहना है कि ‘मित्सुकी’ में मौजूद पेटेंटेड संयोजन फसल रोग प्रबंधन के लिए उन्नत समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है।
स्प्रे की प्रभावशीलता बढ़ाएगा ‘नेक्सावेट‘
दूसरा लॉन्च किया गया उत्पाद ‘नेक्सावेट‘ है। इसे नींबू वर्गीय अर्क आधारित सिलिकॉन एडजुवेंट के रूप में विकसित किया गया है।
एडजुवेंट ऐसे सहायक उत्पाद होते हैं, जिन्हें कृषि रसायनों के साथ इस्तेमाल करने पर स्प्रे के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। कंपनी के अनुसार, ‘नेक्सावेट’ स्प्रे के बेहतर फैलाव, सतह पर चिपकाव, अवशोषण और पौधों द्वारा बेहतर ग्रहण क्षमता में सहायता करता है।
इसका अर्थ है कि कृषि रसायन का पौधे की सतह पर फैलाव और टिकाव बेहतर हो सकता है तथा पौधे द्वारा उसके प्रभावी ग्रहण में मदद मिल सकती है।
कंपनी का दावा है कि इससे कृषि रसायनों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी और किसानों को अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
कृषि में नवाचार की अहम भूमिका : दिलीप संघाणी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इफको एवं इफको-एमसी के अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी ने भारतीय कृषि के विकास में नवाचार को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि को आगे बढ़ाने में नई तकनीकों की केंद्रीय भूमिका है और इफको-एमसी विश्वस्तरीय तथा किसान-केंद्रित तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है, जो उत्पादकता, लाभप्रदता और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दे सकें।
श्री संघाणी के अनुसार, ‘मित्सुकी’ और ‘नेक्सावेट’ का शुभारंभ किसानों को आधुनिक फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने की कंपनी की यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
नए दशक की शुरुआत का प्रतीक है ‘स्वर्णारंभ 2026′
इफको-एमसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मनोज वार्श्नेय ने ‘स्वर्णारंभ 2026’ को कंपनी की नवाचार और किसान-प्रथम सोच का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल नए उत्पादों का लॉन्च नहीं है, बल्कि इफको-एमसी के लिए एक नए युग की शुरुआत है।
उनके मुताबिक, कंपनी उन्नत तकनीकों और वैश्विक रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारतीय किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को अधिक मूल्य प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय कृषि के सतत विकास में योगदान देना है।
350 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
‘स्वर्णारंभ 2026’ में 350 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र, कृषि व्यवसाय, वैश्विक तकनीकी साझेदारों, वितरण नेटवर्क और किसान समुदाय से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम को उसके भव्य आयोजन और नवाचार-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए प्रतिभागियों से व्यापक सराहना मिली।
इफको-एमसी के लिए यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर उत्पाद लॉन्च कार्यक्रम आयोजित किया गया।
किसानों के लिए फसल सुरक्षा समाधान विकसित करने पर जोर
भारत में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ फसलों को रोगों और कीटों से बचाना भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। फसल रोगों के कारण उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में प्रभावी और वैज्ञानिक फसल सुरक्षा समाधान किसानों की लागत और उत्पादन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इफको-एमसी का कहना है कि उसके नए उत्पादों को इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए पेश किया गया है। ‘मित्सुकी’ जहां विशेष रूप से धान की प्रमुख फफूंदजनित बीमारियों के प्रबंधन पर केंद्रित है, वहीं ‘नेक्सावेट’ कृषि रसायनों के स्प्रे प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया है।
हालांकि, किसी भी फसल सुरक्षा उत्पाद का इस्तेमाल किसानों को संबंधित फसल, रोग, अनुशंसित मात्रा और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही करना चाहिए।
इफको-एमसी क्रॉप साइंस का एक दशक का सफर
इफको-एमसी क्रॉप साइंस की स्थापना वर्ष 2015 में इफको और जापान की मित्सुबिशी कॉर्पोरेशन के संयुक्त उद्यम के रूप में हुई थी।
कंपनी का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले फसल संरक्षण समाधान किफायती कीमतों पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
पिछले एक दशक में कंपनी ने फसल सुरक्षा के क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों के उत्पाद विकसित किए हैं। इनमें शाकनाशी, कीटनाशी, फफूंदनाशी, प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) और जैविक समाधान शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, इन उत्पादों का उद्देश्य किसानों को बेहतर पैदावार, स्वस्थ फसल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने में सहयोग देना है।
‘सही दवा, सही दाम‘ पर कंपनी का जोर
इफको-एमसी अपनी कार्यप्रणाली में ‘सही दवा, सही दाम‘ की प्रतिबद्धता पर जोर देती है। कंपनी के अनुसार, उसका सिंगल-टियर वितरण मॉडल पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ किसानों के लिए बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम करता है।
सिंगल-टियर मॉडल का उद्देश्य वितरण श्रृंखला को सरल बनाना और उत्पादों को किसानों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।
कंपनी का कहना है कि किसान-प्रथम दृष्टिकोण उसके कारोबार के केंद्र में है और इसी के तहत फसल सुरक्षा समाधानों को किसानों की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
किसान सुरक्षा बीमा योजना भी कंपनी की पहल
किसानों को सशक्त बनाने की अपनी पहल के तहत इफको-एमसी ‘किसान सुरक्षा बीमा योजना‘ भी संचालित करती है। कंपनी के अनुसार, इफको-एमसी के उत्पाद की खरीद पर किसानों को निःशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाता है।
कंपनी का कहना है कि किसानों के लिए उसका दृष्टिकोण केवल उत्पाद उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की सुरक्षा और उनके सशक्तिकरण को भी इसमें शामिल किया गया है।
कृषि के नए तकनीकी दौर की ओर संकेत
‘स्वर्णारंभ 2026’ में ‘मित्सुकी’ और ‘नेक्सावेट’ का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय कृषि में उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ फसल सुरक्षा, गुणवत्ता और टिकाऊ उत्पादन पर तेजी से जोर दिया जा रहा है।
नई तकनीकों, बेहतर कृषि रसायनों, जैविक समाधानों और आधुनिक फसल प्रबंधन पद्धतियों के माध्यम से किसानों को अधिक प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने की आवश्यकता बढ़ रही है।
इफको-एमसी का यह नया लॉन्च इसी दिशा में कंपनी की रणनीति को दर्शाता है। ‘मित्सुकी’ और ‘नेक्सावेट’ के माध्यम से कंपनी ने फसल रोग प्रबंधन और कृषि रसायनों की प्रभावशीलता को बेहतर बनाने के लिए नए समाधान पेश किए हैं।
‘स्वर्णारंभ 2026’ इस मायने में इफको-एमसी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है कि कंपनी ने अपने अगले दशक की शुरुआत नवाचार, तकनीक और किसान-केंद्रित फसल सुरक्षा समाधानों के साथ करने का संदेश दिया है। आने वाले समय में इन उत्पादों की बाजार में स्वीकार्यता और किसानों को मिलने वाले वास्तविक लाभ यह तय करेंगे कि ये समाधान भारतीय कृषि में किस स्तर तक प्रभावी बदलाव ला पाते हैं।
