हापुड़, 22 सितंबर 2026। कृषि विज्ञान केंद्र, हापुड़ द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय, बागड़पुर, हापुड़ में स्वच्छता एवं स्वच्छ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “Cleanliness & Healthy Environment Awareness Campaign” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, कचरा प्रबंधन और स्वस्थ वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, हापुड़ के प्रभारी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार, वैज्ञानिक (पशु विज्ञान) डॉ. पी. के. मडके तथा विशेषज्ञ (कृषि प्रसार) डॉ. नीलम कुमारी उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री उमेश चंद त्यागी के सहयोग एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित रूप से हाथ धोना, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करना, आसपास कूड़ा न फैलाना और कचरे का उचित निस्तारण करना स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को “Clean Habits, Healthy Life” का संदेश देते हुए स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर (Cleanliness Champions) पर विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में विशेष Cleanliness Drive भी चलाया गया। विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कूड़े-कचरे को एकत्र किया और उसे निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया। अभियान के माध्यम से स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन और स्वस्थ समाज की आधारशिला है। बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना भविष्य की स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण के लिए आवश्यक है। डॉ. पी. के. मडके ने स्वच्छ परिसर तथा पशु-पक्षियों से जुड़ी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि साफ-सुथरा वातावरण कई बीमारियों की रोकथाम में सहायक होता है।

डॉ. नीलम कुमारी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “Swachhta Message” को अपने परिवार और समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे रोजमर्रा की आदत बनाना चाहिए।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री उमेश चंद त्यागी ने कृषि विज्ञान केंद्र, हापुड़ की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ ने विद्यालय, घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
