कृषि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब वह खेत तक पहुंचे और किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करते हुए बड़े स्तर पर अपनाई जा सके। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए सलाम किसान, PRYM Group का ब्रांड, ने नागपुर जिले के रामटेक में अपने एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन 16 अगस्त 2026 को किया।
उद्घाटन कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री ॲड. आशीषजी जयस्वाल, APMC अध्यक्ष सचिन किरपान, कृषि बाजार उत्पन्न समिती के प्रतिनिधि, एफपीओ प्रतिनिधि, किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों एवं कृषि हितधारकों ने भाग लिया।
किसानों तक कृषि तकनीक पहुंचाने की पहल
रामटेक एक्सपीरियंस सेंटर का उद्देश्य कृषि तकनीक को किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर अधिक सुलभ बनाना है। सेंटर के माध्यम से किसानों और एफपीओ को एक ही स्थान पर ड्रोन स्प्रेइंग सेवाएं, कृषि ड्रोन की बिक्री, ड्रोन पायलट प्रशिक्षण तथा तकनीक आधारित कृषि सेवाओं की जानकारी और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया गया। इसमें मजदूरों की उपलब्धता, फसलों में छिड़काव, ऊंची एवं बढ़ती फसलों पर प्रभावी स्प्रे तथा खेतों तक पहुंच जैसी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। किसानों की इन समस्याओं के समाधान में ड्रोन आधारित सटीक छिड़काव तकनीक की उपयोगिता और संभावनाओं पर भी जानकारी साझा की गई।
“ड्रोन केवल तकनीक नहीं, किसानों के लिए कृषि सेवा बने”
सलाम किसान की CEO धनश्री मंधानी ने कहा, “कृषि तकनीक का भविष्य केवल इस बात से तय नहीं होगा कि तकनीक कितनी उन्नत है, बल्कि इस बात से तय होगा कि वह किसान तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचती है। हमारा उद्देश्य ड्रोन के आसपास एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे ड्रोन केवल तकनीक के प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों के लिए एक सुलभ कृषि सेवा बन सकें।”
एफपीओ की भूमिका पर जोर
एक्सपीरियंस सेंटर के माध्यम से एफपीओ को कृषि तकनीक अपनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका देने पर भी जोर दिया गया। एफपीओ किसानों की सामूहिक मांग को एकत्रित कर तकनीक और कृषि सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बना सकते हैं। इससे व्यक्तिगत स्तर पर तकनीक अपनाने के बजाय सामुदायिक स्तर पर कृषि तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
कार्यक्रम में ॲड. आशीषजी जयस्वाल ने एफपीओ को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगामी एफपीओ-केंद्रित पहल और महत्वपूर्ण सब्सिडी सहायता का भी उल्लेख किया। इससे किसान संस्थाओं को मजबूत करने और किसानों तक कृषि तकनीक की पहुंच बढ़ाने की संभावनाएं और मजबूत होती हैं।
रामटेक से जिला स्तर पर कृषि तकनीक का नया मॉडल
सलाम किसान के अनुसार, रामटेक एक्सपीरियंस सेंटर को केवल एक स्थानीय केंद्र के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य तकनीक, प्रशिक्षित स्थानीय मानव संसाधन, किसान संस्थाओं और जमीनी स्तर की सेवा व्यवस्था को एक साथ जोड़कर जिला स्तर पर कृषि तकनीक का एक दोहराए जा सकने वाला मॉडल तैयार करना है।
इस पहल के माध्यम से सलाम किसान का लक्ष्य कृषि ड्रोन को केवल पायलट प्रोजेक्ट और डेमो तक सीमित रखने के बजाय दैनिक कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली सुलभ तकनीक और सेवा के रूप में किसानों तक पहुंचाना है। इसके जरिए किसानों को तकनीक के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण, सेवाएं और सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
रामटेक से शुरू हुई यह पहल कृषि ड्रोन और अन्य तकनीक आधारित कृषि समाधानों को किसानों की रोजमर्रा की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सलाम किसान का व्यापक लक्ष्य ऐसे कृषि तकनीक इकोसिस्टम को विकसित करना है, जिसे महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी दोहराया जा सके और बड़े स्तर पर किसानों तक तकनीक आधारित सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

