अंतरराष्ट्रीय उर्वरक बाजार में सितंबर की शुरुआत में कीमतों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। नाइट्रोजन उर्वरक के प्रमुख कच्चे माल Ammonia की भारत डिलीवरी के लिए कीमतें लगभग 460 डॉलर प्रति टन CFR के आसपास बताई जा रही हैं। हालिया बाजार रिपोर्ट के अनुसार भारत में Ammonia का स्पॉट बाजार करीब 450–460 डॉलर प्रति टन CFR के दायरे में रहा है। यह संकेत देता है कि पिछले कुछ महीनों की तेजी के बाद अमोनिया बाजार में कुछ नरमी आई है।
दूसरी ओर, फॉस्फेटिक उर्वरक बाजार में DAP की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत के लिए DAP का अंतरराष्ट्रीय स्तर करीब 915–920 डॉलर प्रति टन CFR के आसपास बताया जा रहा है। रबी सीजन की खरीदारी शुरू होने के साथ भारत की मांग वैश्विक DAP बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है।
Ammonia बाजार में क्यों आई नरमी?
Ammonia नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसकी कीमत में बदलाव का असर यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और दूसरे नाइट्रोजन उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है।
हालिया बाजार आकलन में भारत के लिए अमोनिया की कीमत लगभग 450–460 डॉलर प्रति टन CFR बताई गई है। Australian Fertilizer Corporation की साप्ताहिक रिपोर्ट में भी भारत के लिए यही दायरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी स्वेज बाजार में अमोनिया की स्थिति नरम रही और पर्याप्त उपलब्धता तथा अपेक्षाकृत कमजोर मांग ने कीमतों पर दबाव बनाया।
Ammonia बाजार में यह नरमी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उर्वरक कंपनियों की उत्पादन लागत में प्राकृतिक गैस और Ammonia की भूमिका काफी अहम होती है। यदि अमोनिया की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं तो कुछ उत्पादकों के लिए लागत दबाव कम हो सकता है।
हालांकि केवल Ammonia की कीमत देखकर पूरे उर्वरक बाजार में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना उचित नहीं होगा। अलग-अलग उर्वरकों की कीमतें उनकी अपनी सप्लाई, मांग, कच्चे माल और अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं।
DAP बाजार अभी भी ऊंचे स्तर पर
Ammonia में नरमी के विपरीत फॉस्फेटिक उर्वरक बाजार में DAP की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। उपलब्ध बाजार अपडेट में भारत के लिए DAP की कीमत लगभग 915–920 डॉलर प्रति टन CFR बताई गई है।
यह स्तर भारतीय आयातकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अपनी DAP आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। रबी सीजन से पहले खरीदारी बढ़ने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय मांग का प्रभाव और बढ़ सकता है।
DAP की कीमत केवल फॉस्फेट रॉक या फॉस्फोरिक एसिड पर निर्भर नहीं करती। इसके उत्पादन में अमोनिया और अन्य कच्चे माल की भी भूमिका होती है। इसलिए अमोनिया की कीमत में कमी DAP की उत्पादन लागत के एक हिस्से को राहत दे सकती है, लेकिन इससे DAP की अंतरराष्ट्रीय कीमत तुरंत उसी अनुपात में कम हो जाए, यह जरूरी नहीं है।
Egypt की NCIC का टेंडर क्यों महत्वपूर्ण है?
मिस्र की El-Nasr Company for Intermediate Chemicals (NCIC) ने अगस्त के अंत में विभिन्न उर्वरकों की बिक्री के लिए टेंडर जारी किया था। Argus की रिपोर्ट के अनुसार यह टेंडर 24 अगस्त को जारी हुआ और इसकी बोली की अंतिम तारीख 1 सितंबर थी।
इस टेंडर में 10,000 टन DAP, 10,000 टन TSP, 10,000 टन SSP, 10,000 टन merchant-grade phosphoric acid solution तथा 1,000 टन water-soluble SOP शामिल थे। फॉस्फोरिक एसिड की ग्रेड 52–54% P₂O₅ बताई गई थी और इसकी लोडिंग Ain Sokhna बंदरगाह से होनी थी।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट में इस टेंडर के भीतर CAN की पेशकश दर्ज नहीं है। इसलिए NCIC के इस विशेष टेंडर को DAP और फॉस्फोरिक एसिड समेत ऊपर बताए गए उत्पादों तक ही सीमित करके देखना अधिक सही है।
NCIC के पिछले DAP सौदे से क्या संकेत मिलता है?
NCIC ने इससे पहले 11 अगस्त को समाप्त हुए अपने टेंडर में 21,000 टन DAP को 915–920 डॉलर प्रति टन FOB पर बेचा था। यह कीमत 20 जुलाई के टेंडर में मिले 890–900 डॉलर प्रति टन FOB के मुकाबले काफी अधिक थी।
इससे वैश्विक फॉस्फेट बाजार में उस समय मौजूद मजबूत कीमतों का संकेत मिलता है। अगस्त के टेंडर में NCIC ने CAN भी बेचा था—27,000 टन CAN 26 को 250–270 डॉलर प्रति टन FOB के स्तर पर। लेकिन यह 11 अगस्त वाले टेंडर का परिणाम था, न कि 24 अगस्त को जारी अगले टेंडर में शामिल उत्पादों की सूची।
इस अंतर को समझना जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग टेंडर की तारीख और उत्पाद सूची को मिलाने से अंतरराष्ट्रीय उर्वरक बाजार की तस्वीर गलत हो सकती है।
फॉस्फोरिक एसिड पर भी बाजार की नजर
NCIC के नए टेंडर में 52–54% P₂O₅ ग्रेड का merchant-grade phosphoric acid शामिल होना भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। फॉस्फोरिक एसिड DAP और अन्य फॉस्फेटिक उर्वरकों के उत्पादन में महत्वपूर्ण कच्चा माल है।
वैश्विक फॉस्फेट बाजार में कच्चे माल की लागत अभी भी एक अहम मुद्दा बनी हुई है। हाल की बाजार रिपोर्टों में सल्फर की उपलब्धता और कीमत को फॉस्फेट उत्पादन की लागत के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। इसलिए DAP की कीमत को समझने के लिए केवल तैयार उत्पाद की कीमत देखना पर्याप्त नहीं है; सल्फर, फॉस्फोरिक एसिड और अमोनिया की लागत भी महत्वपूर्ण है।
भारत के लिए इसका क्या मतलब?
भारत दुनिया के प्रमुख उर्वरक आयातकों में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी खरीदारी का असर वैश्विक कीमतों पर पड़ सकता है। खासकर रबी सीजन से पहले DAP की मांग पर बाजार की नजर रहती है।
मौजूदा स्थिति में दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। एक तरफ भारत के लिए Ammonia की कीमत लगभग 450–460 डॉलर प्रति टन CFR के आसपास है, जो पिछले उच्च स्तरों से नरम बाजार को दर्शाती है। दूसरी तरफ DAP लगभग 915–920 डॉलर प्रति टन CFR के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
इसका मतलब यह है कि नाइट्रोजन और फॉस्फेट उर्वरकों के बाजार में कीमतों की दिशा एक जैसी नहीं है।
उर्वरक कंपनियों और किसानों पर संभावित असर
Ammonia की कीमत में नरमी से नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों के उत्पादन और आयात की लागत पर कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन इसका वास्तविक असर कंपनी, खरीद अनुबंध, माल ढुलाई, गैस लागत और मुद्रा विनिमय दर जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा।
DAP के मामले में तस्वीर अलग है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमत लंबे समय तक 900 डॉलर प्रति टन से ऊपर बनी रहती है, तो आयातकों की लागत ऊंची रह सकती है। भारत में किसानों के लिए DAP की खुदरा कीमत और अंतरराष्ट्रीय कीमत के बीच सरकार की सब्सिडी व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में DAP महंगा होने का अर्थ यह नहीं है कि किसान के लिए DAP का खुदरा मूल्य उसी अनुपात में बढ़ जाएगा। घरेलू कीमत पर सरकारी नीति, सब्सिडी, आयात लागत और कंपनियों की कीमत नीति का प्रभाव पड़ता है।
आगे बाजार में किन चीजों पर नजर रहेगी?
सितंबर में अंतरराष्ट्रीय उर्वरक बाजार के लिए कुछ प्रमुख संकेतक महत्वपूर्ण होंगे।
पहला, भारत की रबी सीजन की DAP खरीदारी कितनी तेजी से बढ़ती है। दूसरा, Ammonia की कीमत 450–460 डॉलर प्रति टन CFR के आसपास बनी रहती है या इसमें आगे और बदलाव आता है। तीसरा, फॉस्फोरिक एसिड और सल्फर की कीमतों में क्या दिशा बनती है।
इसके अलावा Egypt जैसे प्रमुख उत्पादक देशों के टेंडर भी बाजार के लिए मूल्य संकेत देते रहेंगे। NCIC के हालिया टेंडर में DAP और फॉस्फोरिक एसिड की पेशकश ने फॉस्फेट बाजार की गतिविधि को रेखांकित किया है।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय उर्वरक बाजार में फिलहाल तस्वीर मिश्रित है। भारत के लिए Ammonia का स्पॉट बाजार लगभग 450–460 डॉलर प्रति टन CFR के आसपास नरम स्थिति में है, जबकि DAP की कीमत लगभग 915–920 डॉलर प्रति टन CFR के ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
Egypt की NCIC की अगस्त में जारी बिक्री प्रक्रिया ने भी वैश्विक फॉस्फेट बाजार में गतिविधि को सामने रखा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर इसे DAP और फॉस्फोरिक एसिड सहित बताए गए उत्पादों का टेंडर कहना सही है; CAN को इसी टेंडर में शामिल बताने की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं होती।
आने वाले सप्ताहों में भारत की रबी खरीदारी, DAP की अंतरराष्ट्रीय कीमत, अमोनिया की लागत और फॉस्फेट उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

