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Home कृषि समाचार

जैविक उत्पादों पर Certification Mark का क्या मतलब है? जानिए Organic Certification की पूरी जानकारी

What does the certification mark on organic products mean? Get complete information about organic certification.

Fiza by Fiza
September 12, 2026
in कृषि समाचार
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Certification Mark

Certification Mark

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आजकल बाजार में Organic Products यानी जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सब्जियों और फलों से लेकर दाल, चावल, मसाले, चाय, शहद और दूसरे खाद्य पदार्थों तक, कई उत्पादों के पैकेट पर Organic, Certified Organic या अलग-अलग तरह के Certification Mark दिखाई देते हैं। लेकिन किसी उत्पाद पर केवल “Organic” लिखा होना और उसका वास्तव में प्रमाणित जैविक उत्पाद होना एक ही बात नहीं है।

यहीं पर Organic Certification Mark की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। Certification Mark उपभोक्ता को यह समझने में मदद करता है कि संबंधित उत्पाद किसी निर्धारित जैविक मानक और प्रमाणन व्यवस्था के अंतर्गत आता है।

इस लेख में विस्तार से समझेंगे कि जैविक उत्पादों पर Certification Mark का क्या मतलब है, Organic Certification क्यों जरूरी है, भारत में कौन-कौन से प्रमुख Organic Certification Marks देखने को मिलते हैं और कोई उपभोक्ता जैविक उत्पाद खरीदते समय उसकी पहचान कैसे कर सकता है।

Certification Mark क्या होता है?

Certification Mark एक ऐसा चिह्न या लोगो होता है जो किसी उत्पाद के बारे में निर्धारित मानकों या प्रमाणन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी देता है। जैविक उत्पादों के संदर्भ में इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह पहचानने में सहायता करना है कि उत्पाद जैविक उत्पादन और प्रमाणन से संबंधित निर्धारित नियमों के अंतर्गत आता है।दूसरे शब्दों में कहें तो Organic Certification एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें निर्धारित मानकों के आधार पर यह सत्यापित किया जाता है कि कृषि उत्पादन, प्रसंस्करण, हैंडलिंग या संबंधित गतिविधियों में लागू जैविक नियमों का पालन किया गया है।इसलिए बाजार में किसी पैकेट पर “Organic” शब्द देखकर ही फैसला करने के बजाय उसके Certification और Label संबंधी जानकारी को भी देखना चाहिए।

जैविक उत्पाद क्या होते हैं?

Organic Products वे उत्पाद हैं जिनका उत्पादन निर्धारित जैविक कृषि मानकों के अनुसार किया जाता है। Organic Farming का उद्देश्य ऐसी कृषि प्रणाली को बढ़ावा देना है जिसमें मिट्टी, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है।

जैविक खेती में सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग पर निर्धारित प्रतिबंध होते हैं और उत्पादन को जैविक मानकों के अनुसार संचालित करना पड़ता है।हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर वह चीज जिस पर “Natural”, “Farm Fresh” या “Chemical Free” लिखा हो, वह अपने-आप Certified Organic हो जाती है। ये शब्द अलग-अलग अर्थों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। Certified Organic Products के मामले में निर्धारित Certification System और मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

Organic Certification Mark का क्या मतलब है?

Organic Certification Mark का सामान्य अर्थ यह है कि उत्पाद या उसका उत्पादन किसी मान्यता प्राप्त जैविक प्रमाणन प्रणाली और उसके निर्धारित मानकों से जुड़ा हुआ है।Certification केवल पैकेट पर लगाया गया आकर्षक लोगो नहीं है। इसके पीछे उत्पादन, रिकॉर्ड, निरीक्षण, सत्यापन, प्रसंस्करण और लेबलिंग जैसी प्रक्रियाएं हो सकती हैं।

उदाहरण के तौर पर जैविक कृषि प्रमाणन में खेत की उत्पादन प्रणाली, इस्तेमाल किए जाने वाले Inputs, उत्पादन के रिकॉर्ड, उत्पाद की Handling और Processing जैसी चीजों की जांच की जा सकती है। यही कारण है कि Certification Mark ग्राहक और उत्पादक के बीच भरोसा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत में Organic Certification की आवश्यकता क्यों है?

भारत में जैविक उत्पादों का बाजार बढ़ने के साथ यह जरूरी हो जाता है कि ग्राहक असली प्रमाणित उत्पाद और केवल Organic होने का दावा करने वाले उत्पाद में अंतर समझ सके।Organic Food Certification का उद्देश्य जैविक उत्पादों के लिए तय नियमों और मानकों के अनुरूप उत्पादन तथा बिक्री को व्यवस्थित करना भी है।अगर Certification की व्यवस्था न हो तो ग्राहक के लिए केवल पैकेज देखकर यह जानना मुश्किल हो सकता है कि Organic दावा किस आधार पर किया जा रहा है।Certification और उचित Labeling इस जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायता करते हैं।

भारत में प्रमुख Organic Certification Marks

भारत में जैविक उत्पादों से संबंधित कई नाम और चिह्न देखने को मिल सकते हैं। इनमें India Organic, Jaivik Bharat और PGS-India विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इनके उद्देश्य और उपयोग का संदर्भ अलग हो सकता है, इसलिए इन्हें एक ही Certification Mark मान लेना सही नहीं होगा।

1. India Organic

India Organic भारत के National Programme for Organic Production यानी NPOP से जुड़ा प्रमाणन चिह्न है।NPOP के अंतर्गत जैविक उत्पादन के मानक, Accreditation और Certification से संबंधित व्यवस्था निर्धारित की जाती है। यह व्यवस्था विशेष रूप से प्रमाणित जैविक उत्पादन और व्यापार के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।जब ग्राहक किसी पात्र उत्पाद पर India Organic Logo देखता है, तो यह उस उत्पाद के NPOP Certification System से संबंध को दर्शाता है।इसलिए India Organic Certification Mark Meaning समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि यह केवल सामान्य “Organic” दावा नहीं बल्कि एक औपचारिक प्रमाणन व्यवस्था से संबंधित पहचान है।

2. Jaivik Bharat Logo

भारत में पैकेज्ड Organic Food की पहचान के संदर्भ में Jaivik Bharat लोगो भी महत्वपूर्ण है। इसे Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI से जुड़ी Organic Food पहचान के रूप में देखा जाता है।इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए जैविक खाद्य उत्पादों की पहचान आसान बनाना है।

यदि आप बाजार में Certified Organic Food Identification in India करना चाहते हैं, तो Jaivik Bharat Logo ऐसी जानकारी में उपयोगी संकेत हो सकता है। इसके साथ पैकेट पर उपलब्ध अन्य अनिवार्य और प्रमाणन संबंधी विवरण भी देखने चाहिए।

3. PGS-India

PGS-India का पूरा नाम Participatory Guarantee System for India है। यह जैविक उत्पादन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की एक सहभागितापूर्ण व्यवस्था है, जिसमें स्थानीय स्तर पर किसान और संबंधित समूह निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार Organic Standards के अनुपालन में भूमिका निभाते हैं।PGS व्यवस्था विशेष रूप से छोटे किसानों और स्थानीय जैविक कृषि प्रणाली के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।इसलिए यदि किसी उत्पाद पर PGS-India से संबंधित प्रमाणन जानकारी दिखाई देती है, तो ग्राहक उसके Certification Details की जांच कर सकता है।

Organic Certification कैसे किया जाता है?

Organic Farming Certification केवल तैयार उत्पाद को देखकर देने वाली प्रक्रिया नहीं है। इसमें उत्पादन की पूरी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाता है।Certification Scheme के आधार पर प्रक्रिया में अंतर हो सकता है, लेकिन आम तौर पर किसान या Producer को संबंधित Certification System की आवश्यकताओं का पालन करना पड़ता है।इसके अंतर्गत खेत और उत्पादन प्रणाली के बारे में जानकारी, कृषि Inputs का रिकॉर्ड, फसल प्रबंधन, Storage, Processing और Handling से संबंधित विवरण रखने पड़ सकते हैं।जहां Third-Party Certification लागू होता है, वहां Certification Body निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Inspection और Verification करती है।अगर आवश्यक मानकों का पालन पाया जाता है, तो संबंधित प्रक्रिया के अनुसार Certification प्रदान किया जा सकता है।Certification की वैधता बनाए रखने के लिए आगे भी नियमों और निरीक्षण संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना पड़ सकता है।

Organic Certification में खेत की जांच क्यों महत्वपूर्ण है?

Organic Certification का आधार केवल अंतिम पैकेट नहीं है। यह जानना भी जरूरी होता है कि उत्पाद किस उत्पादन प्रणाली से आया है।इसलिए खेत और Farm Records का निरीक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। निरीक्षण के दौरान यह देखा जा सकता है कि किसान जैविक मानकों के अनुसार खेती कर रहा है या नहीं और उत्पादन से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं या नहीं।यह व्यवस्था Traceability यानी उत्पाद को उसके उत्पादन स्रोत और Supply Chain से जोड़कर देखने में मदद करती है।

क्या Organic Certification का मतलब पूरी तरह Chemical-Free है?

यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। कई ग्राहक मानते हैं कि Certified Organic का अर्थ है कि उत्पाद में किसी भी परिस्थिति में किसी भी प्रकार के Chemical का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता।

लेकिन Organic Certification को “100% chemical-free guarantee” समझना सही नहीं है।Organic Certification का मूल अर्थ यह है कि उत्पादन और Processing निर्धारित Organic Standards के अनुसार किए गए हैं। इन Standards में किन Inputs की अनुमति है, किन पर प्रतिबंध है और उत्पादन कैसे किया जाना चाहिए, इसके नियम होते हैं।इसलिए “Organic” और “Chemical-Free” को बिल्कुल समान अर्थ वाला शब्द नहीं मानना चाहिए।

Organic, Natural और Chemical-Free में अंतर

बाजार में Organic, Natural, Chemical-Free, Eco-Friendly और Farm Fresh जैसे कई शब्द दिखाई देते हैं। लेकिन इन सभी का अर्थ Certified Organic नहीं होता।”Natural” आमतौर पर एक व्यापक Marketing Term के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। केवल Natural लिखे होने से Organic Certification सिद्ध नहीं होता।इसी तरह “Chemical-Free” दावा अपने आप में किसी आधिकारिक Organic Certification का विकल्प नहीं है।जबकि Certified Organic शब्द का संबंध किसी निर्धारित Certification Framework और Standards से होना चाहिए।इसलिए ग्राहक को केवल आकर्षक शब्दों पर निर्भर रहने के बजाय Certification Details देखनी चाहिए।

Certified Organic Product की पहचान कैसे करें?

अगर आपका सवाल है How to identify certified organic products in India, तो शुरुआत पैकेज की Labeling से की जा सकती है।सबसे पहले देखें कि उत्पाद पर संबंधित Organic Logo या Certification Information मौजूद है या नहीं। India Organic, Jaivik Bharat या लागू Certification System से संबंधित जानकारी को ध्यान से देखें।इसके अलावा निर्माता या Marketer का विवरण, FSSAI संबंधी जानकारी जहां लागू हो, Batch Number, उत्पादन या पैकेजिंग से जुड़ी जानकारी और Certification Details भी जांची जा सकती हैं। सिर्फ हरे रंग की Packaging, खेत की तस्वीर या “100% Natural” जैसे शब्द देखकर किसी उत्पाद को Certified Organic नहीं मानना चाहिए।

Organic Certification Mark क्यों महत्वपूर्ण है?

Certification Mark के कई फायदे हैं। सबसे महत्वपूर्ण फायदा है Consumer Trust।जब बाजार में बहुत सारे ब्रांड एक जैसे दावे करते हैं, तो Certification System ग्राहक को अधिक व्यवस्थित आधार पर उत्पाद समझने में सहायता करता है।दूसरा फायदा Transparency है। Certification के लिए उत्पादन और Supply Chain से संबंधित रिकॉर्ड रखने की आवश्यकता हो सकती है।तीसरा फायदा किसानों और उत्पादकों के लिए है। Certification उन्हें अपने उत्पादों को Certified Organic Market में प्रस्तुत करने का अवसर देता है।इसके अलावा Organic Certification अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि अलग-अलग बाजारों में जैविक उत्पादों के लिए निर्धारित Standards और Certification Requirements होते हैं।

किसानों के लिए Organic Certification का महत्व

Organic Certification केवल ग्राहकों के लिए नहीं बल्कि किसानों के लिए भी उपयोगी है।अगर कोई किसान निर्धारित Organic Standards के अनुसार खेती कर रहा है, तो Certification उसके उत्पादन को बाजार में अलग पहचान दिलाने में मदद कर सकता है।इससे किसान को Organic Supply Chain, Retail Market और कुछ परिस्थितियों में Export Market तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।हालांकि Certification में Documentation, Compliance और संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा करना पड़ता है। इसलिए किसान को यह समझना जरूरी है कि उसके लिए कौन-सी Certification Scheme उपयुक्त है।

Organic Certification और Traceability

Traceability Organic Certification का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसका अर्थ है किसी उत्पाद की Supply Chain से संबंधित जानकारी को रिकॉर्ड के माध्यम से समझ पाना।उदाहरण के लिए उत्पाद किस Producer या Farm से आया, उसका Processing और Packaging किस प्रकार हुआ और Supply Chain में वह किन चरणों से गुजरा, ऐसी जानकारी Certification System में महत्वपूर्ण हो सकती है।Traceability से Certification System की विश्वसनीयता मजबूत होती है और किसी समस्या की स्थिति में उत्पाद के स्रोत तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।

क्या बिना Certification वाला उत्पाद Organic हो सकता है?

व्यवहारिक रूप से कोई किसान जैविक तरीके अपना सकता है, लेकिन बाजार में किसी खाद्य उत्पाद को औपचारिक रूप से Organic के रूप में Label और Sell करने के लिए लागू नियमों को समझना जरूरी है। यही अंतर Organic Farming Practice और Certified Organic Product के बीच महत्वपूर्ण है।किसी किसान का कहना कि वह जैविक तरीके से खेती करता है और किसी उत्पाद का औपचारिक Certification Framework के अंतर्गत प्रमाणित होना दो अलग बातें हो सकती हैं।इसलिए ग्राहक के नजरिए से Certification अधिक सत्यापन योग्य आधार उपलब्ध कराता है।

क्या Certification Mark देखकर उत्पाद की गुणवत्ता तय की जा सकती है?

Certification Mark महत्वपूर्ण जानकारी देता है, लेकिन इसे उत्पाद के हर गुण की गारंटी नहीं समझना चाहिए।Organic Certification मुख्य रूप से यह बताता है कि उत्पाद Organic Standards और Certification Requirements के अनुसार तैयार किया गया है।इसका यह अर्थ जरूरी नहीं कि वह उत्पाद हर गैर-जैविक विकल्प से अधिक स्वादिष्ट होगा या उसमें हर परिस्थिति में ज्यादा पोषण होगा।इसी प्रकार Certification Mark किसी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता से जुड़े हर पहलू का एकमात्र पैमाना नहीं है।ग्राहक को Certification के साथ Ingredients, Nutrition Information, Expiry या Best Before Date और अन्य Label Details भी देखनी चाहिए।

Organic Products खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

जब आप कोई Organic Food खरीद रहे हों तो सबसे पहले उसके Label को ध्यान से पढ़ें। केवल बड़े अक्षरों में लिखे “ORGANIC” शब्द पर ध्यान न दें।Certification Logo और Certification Details देखें। इसके बाद Ingredients List पढ़ें, खासकर यदि उत्पाद कई Ingredients से मिलकर बना है।Packaging की स्थिति, Best Before या Expiry Information, Manufacturer Details और अन्य जरूरी Food Label Information भी जांचें।अगर Certification को लेकर संदेह हो, तो संबंधित Certification या आधिकारिक Verification व्यवस्था के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना बेहतर होता है।

Organic Certification और कीमत का संबंध

Certified Organic Products कई बार सामान्य उत्पादों की तुलना में महंगे दिखाई देते हैं। इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।जैविक उत्पादन में Farm Management, Documentation, Certification, अलग Handling, Processing और Supply Chain Management जैसी अतिरिक्त जरूरतें हो सकती हैं।इसके अलावा उत्पादन की मात्रा, बाजार की मांग, परिवहन, Packaging और Brand Positioning भी कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।इसलिए किसी Organic Product की अधिक कीमत का पूरा कारण केवल Certification Fee को मान लेना सही नहीं होगा।

क्या महंगा Organic Product हमेशा बेहतर होता है?

नहीं। केवल अधिक कीमत किसी उत्पाद की बेहतर Organic Authenticity साबित नहीं करती।किसी महंगे पैकेट पर Organic लिखा होना पर्याप्त नहीं है। Certification Information, Ingredients, Label और उत्पाद की जरूरत को ध्यान में रखकर निर्णय लेना बेहतर है।इसी प्रकार बहुत सस्ता Organic Product देखकर तुरंत उसे नकली मान लेना भी सही नहीं है। कीमत कई Commercial Factors से प्रभावित होती है।इसलिए Organic Certification Mark कीमत की तुलना में ज्यादा उपयोगी पहचान संकेत हो सकता है।

Organic Certification से उपभोक्ताओं को क्या फायदा होता है?

उपभोक्ता के लिए सबसे बड़ा फायदा यह है कि Organic Claim को समझने और सत्यापित करने का एक व्यवस्थित आधार मिलता है।Certification Standards यह स्पष्ट करते हैं कि किसी उत्पाद को प्रमाणित करने के लिए किन नियमों का पालन किया जाना चाहिए।दूसरा फायदा Label Transparency है। ग्राहक Certification Details देखकर अपने खरीद निर्णय को अधिक जानकारी के आधार पर ले सकता है।तीसरा फायदा Accountability का है। औपचारिक Certification System में Producer, Processor और Certification से जुड़े पक्षों के लिए निर्धारित जिम्मेदारियां होती हैं।

Organic Certification से पर्यावरण को क्या फायदा हो सकता है?

Organic Farming Systems आम तौर पर Soil Health, Biodiversity और Ecological Balance जैसे पहलुओं पर जोर देते हैं।जैविक खेती में निर्धारित Organic Standards के अनुसार Inputs और Farming Practices का प्रबंधन किया जाता है।इसका उद्देश्य ऐसी कृषि व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए।

हालांकि किसी एक Organic Product को खरीदने के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन केवल Certification Logo के आधार पर नहीं किया जा सकता। Transportation, Packaging, उत्पादन क्षेत्र और Supply Chain जैसे दूसरे कारक भी प्रभाव डालते हैं।

Organic Certification Mark को लेकर आम गलतफहमियां

Organic Products के बारे में कई गलत धारणाएं प्रचलित हैं। एक आम धारणा है कि Organic का मतलब बिल्कुल Chemical-Free होता है। जैसा कि ऊपर बताया गया, यह Organic Certification की सटीक परिभाषा नहीं है।दूसरी धारणा है कि Natural और Organic एक ही चीज हैं। वास्तव में Natural Label अपने आप Organic Certification नहीं दर्शाता।

तीसरी गलतफहमी है कि Organic Certification Mark होने का मतलब उत्पाद हर मामले में सामान्य उत्पाद से बेहतर है। Certification का मुख्य उद्देश्य निर्धारित Organic Standards के अनुपालन को प्रमाणित करना है, न कि हर संभव Product Attribute में श्रेष्ठता घोषित करना।

How to Check Organic Food Certification in India?

भारत में Organic Food Certification Check करने के लिए सबसे पहले Product Label की जांच करें।उस पर उपलब्ध Certification Logo, Certification Body या संबंधित विवरण को देखें। यदि Verification Number, Certification Information या Traceability Details दी गई हों तो उनकी जांच करें।संदेह होने पर संबंधित सरकारी या Certification Scheme के आधिकारिक माध्यम से जानकारी Verify की जा सकती है।Online Marketplace से Organic Products खरीदते समय केवल Product Title पर भरोसा न करें। Product Images और Label Information भी ध्यान से देखें।

Organic Certification का भविष्य

भारत में Organic Farming और Organic Food Market के बढ़ने के साथ Certification की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है।Digital Traceability, QR Code आधारित Product Information और बेहतर Supply Chain Records भविष्य में ग्राहकों के लिए Certified Products की जानकारी प्राप्त करना और आसान बना सकते हैं।साथ ही ग्राहकों में Organic Certification Awareness बढ़ने से कंपनियों पर भी अधिक स्पष्ट और सही Labeling करने का दबाव बढ़ सकता है।

इसलिए आने वाले वर्षों में Organic Market में केवल “Organic” शब्द लिखना पर्याप्त नहीं होगा। ग्राहक यह भी जानना चाहेंगे कि उत्पाद किस Standard के अनुसार Certified है और उसके दावे को कैसे Verify किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. जैविक उत्पादों पर Certification Mark का क्या मतलब है?

Organic Certification Mark यह संकेत देता है कि उत्पाद निर्धारित Organic Standards और लागू Certification System से संबंधित आवश्यकताओं के अनुसार प्रमाणित है। इसका सही अर्थ संबंधित Logo और Certification Scheme पर निर्भर करता है।

2. India Organic Logo क्या है?

India Organic भारत के National Programme for Organic Production यानी NPOP से जुड़ा Certification Mark है। यह NPOP Certification Framework के अंतर्गत प्रमाणित Organic Products की पहचान से संबंधित है।

3. Jaivik Bharat Logo का क्या मतलब है?

Jaivik Bharat भारत में Organic Food की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाला लोगो है और FSSAI के Organic Food Regulatory Framework से संबंधित है।

4. क्या Natural Product और Organic Product एक ही होते हैं?

नहीं। “Natural” लिखा होना अपने आप में Organic Certification का प्रमाण नहीं है। Certified Organic Product को संबंधित Organic Standards और Certification Requirements को पूरा करना होता है।

5. क्या Organic का मतलब 100% Chemical-Free है?

Organic Certification को 100% Chemical-Free Guarantee समझना सही नहीं है। इसका अर्थ निर्धारित Organic Production Standards और अनुमत या प्रतिबंधित Inputs से संबंधित नियमों का पालन करना है।

6. भारत में Certified Organic Product कैसे पहचानें?

Product Label पर संबंधित Organic Certification Information, Jaivik Bharat, India Organic या लागू Certification Scheme की जानकारी देखें। साथ ही Manufacturer Details, Food Label और उपलब्ध Verification Information भी जांचें।

7. PGS-India क्या है?

PGS-India यानी Participatory Guarantee System for India जैविक उत्पादन की एक सहभागितापूर्ण गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था है, जिसमें स्थानीय स्तर पर किसान और समूह Organic Standards के अनुपालन में भाग लेते हैं।

8. क्या Organic Products हमेशा महंगे होते हैं?

जरूरी नहीं। उनकी कीमत उत्पादन, Certification, Processing, Packaging, Transportation, Supply और Demand जैसे कई कारकों से प्रभावित होती है।

जैविक उत्पादों पर Certification Mark ग्राहक के लिए केवल एक Logo नहीं है। यह उस Certification System की पहचान है जिसके अंतर्गत किसी उत्पाद के Organic Claim को निर्धारित Standards और प्रक्रियाओं के आधार पर सत्यापित किया जाता है।भारत में India Organic, Jaivik Bharat और PGS-India जैसे नाम Organic Food और Organic Farming Certification के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं, हालांकि इनकी भूमिका और Certification Framework को अलग-अलग समझना चाहिए।Organic Product खरीदते समय केवल “Natural”, “Pure”, “Farm Fresh” या “Organic” जैसे आकर्षक शब्दों से प्रभावित होने के बजाय Label और Certification Information की जांच करना बेहतर है।अंततः Organic Certification Mark का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्राहक को अधिक पारदर्शिता देना और Certified Organic Products की पहचान को आसान बनाना है। एक जागरूक ग्राहक Certification Mark, Ingredients, Manufacturer Information और Food Label को समझकर अधिक जानकारीपूर्ण खरीद निर्णय ले सकता है।

 

Tags: Certified Organic ProductsIndia OrganicJaivik BharatOrganic CertificationOrganic Certification MarkOrganic Farming CertificationOrganic Food CertificationOrganic Food LabelOrganic Products
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