• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

महिला किसान दिवस 2026: कृषि विकास और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर

Women Farmers Day 2026: Emphasis on the role of women in agricultural development and building a developed India

Emran Khan by Emran Khan
October 16, 2026
in कृषि समाचार
0
Women Farmers Day 2026: Emphasis on the role of women in agricultural development and building a developed India

Women Farmers Day 2026: Emphasis on the role of women in agricultural development and building a developed India

0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत में कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महिला किसानों की भूमिका को रेखांकित करने के लिए आज महिला किसान दिवस 2026 (Women Farmers’ Day 2026) मनाया गया। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से नई दिल्ली स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के सचिव अतीश चंद्रा ने की। कार्यक्रम में महिला किसानों के योगदान, उनकी उपलब्धियों, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को मान्यता देने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

इस वर्ष महिला किसान दिवस की थीम “विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका” रही। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण समृद्धि को आगे बढ़ाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाना था।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आईं प्रगतिशील महिला किसानों, महिला कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया। साथ ही, महिला किसानों की प्रेरणादायक यात्राओं और उपलब्धियों को सामने लाने वाली पुस्तक “Women Farmers of India: Journey from Challenges to Success” का विमोचन भी किया गया।

खाद्य सुरक्षा से ग्रामीण आजीविका तक महिला किसानों का योगदान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महिला किसान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और कृषि विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भारतीय कृषि व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी केवल खेतों में काम करने तक सीमित नहीं है। वे फसल उत्पादन, पशुधन प्रबंधन, बीज संरक्षण, कटाई के बाद की गतिविधियों, कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे अनेक कार्यों में योगदान देती हैं। उनके अनुभव, पारंपरिक ज्ञान और नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता कृषि व्यवस्था को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने में सहायक है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी महिला किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से वे परिवारों की आजीविका को बनाए रखने, कृषि आधारित उद्यमों को आगे बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में योगदान देती हैं। ऐसे में कृषि विकास की योजनाओं और नीतियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की पहल

केंद्रीय कृषि सचिव अतीश चंद्रा ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्यक्ष आय सहायता, किफायती संस्थागत ऋण, Technology Transfer, कौशल विकास, कृषि यंत्रीकरण और कृषि विपणन अवसंरचना तक बेहतर पहुंच जैसी पहलों का उल्लेख किया।

महिला किसानों के लिए इन सुविधाओं की उपलब्धता खेती से जुड़े निर्णय लेने और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने में मददगार हो सकती है। संस्थागत ऋण तक पहुंच से कृषि गतिविधियों और छोटे कृषि उद्यमों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में सहायता मिलती है। वहीं, प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से महिलाएं नई तकनीकों, वैज्ञानिक खेती और कृषि व्यवसाय से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।

कृषि यंत्रीकरण तक पहुंच भी एक महत्वपूर्ण विषय है। आधुनिक कृषि उपकरणों और मशीनों का उपयोग खेती के विभिन्न कार्यों को अधिक कुशल बनाने में सहायक हो सकता है। इसी प्रकार, बेहतर कृषि विपणन अवसंरचना महिला किसानों को अपने उत्पादों के प्रबंधन और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सरकार की ओर से रेखांकित इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य महिलाओं की कृषि संबंधी क्षमताओं को मजबूत करना और उन्हें कृषि विकास की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भागीदारी का अवसर देना है।

उत्कृष्ट महिला किसानों को किया गया सम्मानित

महिला किसान दिवस 2026 के दौरान कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली उत्कृष्ट महिला किसानों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से खेती, ग्रामीण उद्यमिता और कृषि गतिविधियों में उनके समर्पण, संघर्ष, नवाचार तथा नेतृत्व को मान्यता दी गई।

महिला किसानों की उपलब्धियां ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास की संभावनाओं को सामने लाती हैं। खेती में नई पद्धतियों को अपनाने से लेकर कृषि आधारित उद्यमों के संचालन और स्थानीय स्तर पर अन्य महिलाओं को प्रेरित करने तक, उनकी भूमिका कई स्तरों पर दिखाई देती है।

महिला किसानों के अनुभव यह भी दर्शाते हैं कि ज्ञान, कौशल और संस्थागत सहयोग के अवसर मिलने पर महिलाएं कृषि गतिविधियों में अपनी भूमिका का विस्तार कर सकती हैं। ऐसे कार्यक्रम उनकी उपलब्धियों को सार्वजनिक मंच प्रदान करते हैं और दूसरे किसानों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर उपलब्ध कराते हैं।

‘चुनौतियों से सफलता तक’ की कहानियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “Women Farmers of India: Journey from Challenges to Success” नामक पुस्तक का विमोचन रहा। यह पुस्तक महिला किसानों की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों का संकलन है। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान, उपलब्धियों, नवाचार और संघर्ष से सफलता तक के सफर को रेखांकित किया गया है।

पुस्तक का उद्देश्य भारतीय कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाना और उनकी क्षमता, नेतृत्व तथा उद्यमशीलता की भावना को मान्यता देना है। महिला किसानों की वास्तविक यात्राएं कृषि क्षेत्र में काम करने वाली अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं।

खेती में महिलाओं को अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। तकनीकी जानकारी, वित्तीय संसाधनों, कृषि उपकरणों, बाजार और संस्थागत सहयोग तक पहुंच जैसे विषय उनकी कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सफलता की कहानियों को साझा करना उनके अनुभवों और उपलब्धियों को व्यापक पहचान देने का एक माध्यम है।

पुस्तक के माध्यम से महिला किसानों के प्रयासों और उनके योगदान को दर्ज करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता और नवाचार को भी प्रमुखता दी गई है।

महिला किसानों को अनुभव साझा करने का मंच

महिला किसान दिवस 2026 ने महिला किसानों और कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान किया। कार्यक्रम में कुछ प्रतिभागियों ने सभा को संबोधित करते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभवों, चुनौतियों, उपलब्धियों और कृषि क्षेत्र में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी।

इन अनुभवों ने उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने, ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने और अन्य महिलाओं को कृषि विकास में भाग लेने के लिए प्रेरित करने में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया।

ऐसे संवाद कार्यक्रम किसानों के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। महिला किसान अपने काम के दौरान विकसित किए गए व्यावहारिक ज्ञान और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाई गई पद्धतियों को साझा कर सकती हैं। इससे अन्य किसानों को भी उपयोगी अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं की भागीदारी इस प्रक्रिया को और महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि वे किसानों और कृषि से जुड़े वैज्ञानिक ज्ञान के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद करती हैं।

फसल उत्पादन से मूल्यवर्धन तक महिलाओं की भूमिका

महिला किसान कृषि मूल्य शृंखला (Agricultural Value Chain) के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसमें फसल उत्पादन, पशुधन प्रबंधन, बीज संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, कटाई के बाद की गतिविधियां और कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन शामिल है।

बीज संरक्षण और स्थानीय कृषि ज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं का अनुभव खेती की निरंतरता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कृषि पद्धतियों को बनाए रखने में उपयोगी हो सकता है। पशुधन प्रबंधन और कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियां भी ग्रामीण परिवारों की आजीविका में योगदान देती हैं।

इसके साथ ही, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से जुड़े कार्य ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों को आगे बढ़ा सकते हैं। इन गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

महिला किसानों का पारंपरिक ज्ञान, उद्यमशील पहल और नई कृषि तकनीकों को अपनाने की क्षमता भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और समावेशी बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर बढ़ते ध्यान के बीच महिलाओं की भूमिका और अधिक प्रासंगिक हो जाती है।

कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं की भूमिका भी अहम

महिला कृषि अधिकारी और कृषि प्रसार कार्यकर्ता कृषि अनुसंधान तथा किसानों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं। प्रशिक्षण, तकनीकी जानकारी के प्रसार, जागरूकता कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शन के माध्यम से वे किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने में सहायता करती हैं।

कृषि प्रसार व्यवस्था के माध्यम से किसानों तक नई तकनीकों और कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाई जाती है। महिला प्रसार कार्यकर्ताओं की भागीदारी से महिला किसानों को प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।

महिला किसानों को कृषि संबंधी ज्ञान और संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना उनके कौशल विकास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रक्रिया में कृषि अनुसंधान संस्थानों, प्रशिक्षण संस्थानों और कृषि विभागों के बीच समन्वय की भी अहम भूमिका रहती है।

महिला किसान दिवस के आयोजन ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को केवल श्रम तक सीमित न मानते हुए उनके ज्ञान, नेतृत्व और निर्णय क्षमता को पहचानने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधनों तक पहुंच पर जोर

महिला किसान दिवस 2026 के आयोजन ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की पहुंच को मजबूत करने के महत्व को दोहराया। इसमें प्रौद्योगिकी, संसाधनों, क्षमता विकास के अवसरों और संस्थागत सहयोग तक बेहतर पहुंच को महिला सशक्तिकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में रेखांकित किया गया।

कृषि में नई तकनीकों का उपयोग उत्पादकता, संसाधनों के कुशल इस्तेमाल और खेती के प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। लेकिन इन तकनीकों का लाभ उठाने के लिए जानकारी, प्रशिक्षण और उपयुक्त संसाधनों तक पहुंच जरूरी है।

इसी तरह, कृषि संबंधी योजनाओं, संस्थागत ऋण और विपणन सुविधाओं की जानकारी महिला किसानों को अपने कृषि कार्यों की बेहतर योजना बनाने में सहायता कर सकती है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया और नेतृत्व में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण संदेश रहा।

महिला किसानों की क्षमता को मजबूत करने के लिए उनके अनुभवों को समझना, उनकी उपलब्धियों को मान्यता देना और उन्हें संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना आवश्यक है। इससे कृषि विकास की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को व्यापक बनाया जा सकता है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मनाया जा रहा महिला किसान दिवस

महिला किसान दिवस 2026 का आयोजन केवल नई दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। यह दिवस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ कृषि प्रसार शिक्षा संस्थानों (EEI), राज्य कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थानों (SAMETI) और मैनेज (MANAGE) में भी मनाया जा रहा है।

इन कार्यक्रमों में महिला किसानों और कृषि क्षेत्र के अन्य हितधारकों की भागीदारी पर जोर दिया गया है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों की महिला किसानों की भागीदारी को महत्व दिया गया है, ताकि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में उनके योगदान को भी पहचान मिल सके।

विभिन्न राज्यों और संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिला किसानों को अपने अनुभव साझा करने, कृषि संबंधी जानकारी प्राप्त करने और अन्य हितधारकों के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है। इस तरह के आयोजन कृषि विकास में महिलाओं की भूमिका को व्यापक स्तर पर सामने लाने का माध्यम बन सकते हैं।

विकसित भारत के लक्ष्य में महिला किसानों की भागीदारी

महिला किसान दिवस 2026 का व्यापक संदेश यह रहा कि विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। कृषि उत्पादकता को बढ़ाना, टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना ऐसे लक्ष्य हैं, जिनमें महिला किसानों का योगदान अहम है।

महिलाओं को तकनीक, वित्तीय संसाधनों, प्रशिक्षण, बाजार और संस्थागत सहयोग तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने से कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी को मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही, कृषि से जुड़े निर्णयों और नेतृत्व के अवसरों में उनकी भूमिका को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

15 अक्टूबर को आयोजित महिला किसान दिवस 2026 ने महिला किसानों की उपलब्धियों को मान्यता देने, उनके अनुभवों को साझा करने और कृषि क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान किया।

कुल मिलाकर, महिला किसानों को सशक्त बनाना केवल महिला कल्याण का विषय नहीं, बल्कि कृषि उत्पादकता, ग्रामीण समृद्धि और टिकाऊ विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। महिला किसानों के ज्ञान, अनुभव, नवाचार और नेतृत्व को उचित पहचान तथा सहयोग देकर भारतीय कृषि को अधिक समावेशी बनाने और विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

 

Tags: AgricultureFarmingICARIndian Farming
Previous Post

रॉटरडैम कन्वेंशन की बैठक में Profenofos, Quinalphos और Phenthoate पर भारत को बड़ी सफलता, PMFAI ने किया प्रमुख कीटनाशकों का प्रभावी बचाव

Next Post

ESTIC 2026: कृषि तकनीक, खाद्य सुरक्षा और पोषण पर ICAR पेश करेगा अपनी प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियां

Next Post
ESTIC 2026: ICAR to present its major scientific achievements on agricultural technology, food security and nutrition

ESTIC 2026: कृषि तकनीक, खाद्य सुरक्षा और पोषण पर ICAR पेश करेगा अपनी प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियां

Recent Posts

  • World Food Day 2026: अब सिर्फ पेट भरना नहीं, हर थाली में पोषण जरूरी!
  • फसल क्रांति किसान मेले में ACFI ने किसानों को किया जागरूक, कृषि रसायनों के संतुलित उपयोग पर दिया जोर
  • MSP New Rate 2026: गेहूं, धान और सरसों की नई कीमतें, जानें MSP और मंडी भाव में कितना अंतर
  • BASAI के CEO विपिन सैनी को Leadership Excellence Summit 2026 में सम्मान, टिकाऊ कृषि और किसान हितों पर रखे विचार
  • ESTIC 2026: कृषि तकनीक, खाद्य सुरक्षा और पोषण पर ICAR पेश करेगा अपनी प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियां

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Quick Links

  • Privacy policy
  • Terms and Conditions

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.

Go to mobile version