• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

बांस की खेती से लखपति बन जाएंगी ये महिलाएं, सरकार ने शुरु की जबरदस्त स्कीम

Fiza by Fiza
August 13, 2024
in कृषि समाचार
0
बांस की खेती से लखपति बन जाएंगी ये महिलाएं, सरकार ने शुरु की जबरदस्त स्कीम
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

֍:बांस की खेती के लिए 10 लाख महिलाएं तैयार! §ֆ:इससे मिल रहे बेहतर परिणाम के बाद इसे अब देश के सभी राज्यों में लागू करने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने संयुक्त राज्य अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) और उद्योग फाउंडेशन के साथ भागीदारी में बांस की खेती के जरिए स्थायी ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और जलवायु लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया. सेमिनार में बांस के खेती पर भारत की पहली मैग्जीन लॉन्च की गई, जो सात क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है. ताकि इसके जरिए छोटी जोत वाली महिला किसान भी बांस खेती के बारे में आवश्यक जानकारी हासिल कर सके.

§֍:बांस के उत्पाद की बढ़ेगी मांग§ֆ:इस सेमिनार के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव चरणजीत सिंह और यूएसएआईडी की केयरटेकर मिशन निदेशक एलेक्जेंड्रिया ह्यूर्टा ने यूजीएओ ऐप का शुभांरभ किया जो एक डिजिटल टूल है. यह डिजिटल टूल छोटी जोत वाली महिला किसानों के लिए रियल टाइम डेटा मुहैया कराता है. यह ऐप फॉरेस्ट स्टीवर्डशिप काउंसिल (एफएससी) प्रमाणन के लिए एक सप्लाई चेन बनाने में भी सहायता करेगा, जिससे बांस उत्पाद की मांग और निर्यात क्षमता बढ़ेगी. इस दौरान सेमिनार को संबोधित करते हुए चरणजीत सिंह ने कहा कि बांस की खेती आजीविका में सुधार लाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का एक अच्छा मौका देती है. यह कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके विकास को बढ़ावा देते हुए उनके लिए कमाई का साधन उपलब्ध कराना है.
§֍:सशक्त होंगी महिलाएं§ֆ:यूएसएआईडी की कार्यवाहक मिशन निदेशक एलेक्जेंड्रिया ह्यूएर्टा ने कहा कि लैंगिक असमानताओं को दूर करना और स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा देना यूएसएआईडी की वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यूएसएआईडी की पावर परियोजना महिलाओं को सशक्त बना रही है जो स्थानीय स्तर पर चलाई जा रही है और इसने इसी स्तर पर जलवायु संबंधी चुनौतियों के लिए समाधान उपलब्ध कराने का काम किया है. इसे एनआरएलएम के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है. ग्रामीण विकास मंत्रालय की ग्रामीण आजीविका की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने कहा कि बांस की खेती के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाते हुए उनके लिए स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना मिशन का हिस्सा का है.

§֍:बांस की खेती में संभावनाएं§ֆ:उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल आर्थिक अवसरों को मुहैया करवाता है, बल्कि यह पर्यावरण को स्थिर बनाने में भी योगदान देता है. साथ ही कहा कि यह पहल देशभर में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए एक मॉडल के रूप में काम करेगी.उद्योग फाउंडेशन की सह-संस्थापक नीलम छिबर ने कहा कि बांस की खेती में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने और अनगिनत महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने की अपार संभावनाएं हैं. उद्योग फाउंडेशन की डीएवाई-एनआरएलएम के साथ भागीदारी यूएसएआईडी की उत्पादक-स्वामित्व वाली महिला उद्यम (पॉवर) परियोजना की सफलता पर आधारित है. इसके तहत 37 महिला स्वामित्व वाले उद्यमों और किसान उत्पादक समूहों में 10,000 से अधिक महिलाओं को एकत्रित किया है. इन महिला उत्पादकों ने पिछले पांच वर्षों में 30 लाख डॉलर से अधिक के बाज़ार ऑर्डर पूरे किए हैं.

§
कृषि के क्षेत्र में महिलाओं को आगे आने के कई मौके मिल रहें हैं. इस बीच केंद्र और राज्य सरकारें भी महिलाओं के लिए नई योजनाएं लेकर आती रहती है. अब महिलाओं के लिए बांस की खेसी से आजीविका को बेहतर करने का नया अवसर मिला है. महिलाएं बांस की खेती कर अच्छी कमाई कर सकती हैं. देश की कई ग्रामीण महिलाओं को बांस की खेती से जोड़कर सशक्त बनाने की तैयारी की जा रही है. भारत में करीब 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निधारित किया गया है. इसलिए महिलाओं को बांस की खेती से जोड़ने और इससे फायदा पहुंचाने के बारे में महिलाओं को जागरुक किया जा रहा है. इस लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से दीनदयाल अंत्योदय योजना चलाई जा रही है. इस योजना से कई जगहों पर अच्छे परिणाम भी आए हैं.

Previous Post

स्वतंत्रता दिवस के दिन होगी तेज बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

Next Post

एमपी सरकार ने शुरु की लाडली बहनों की तरह लडली भैया योजना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

Next Post
एमपी सरकार ने शुरु की लाडली बहनों की तरह लडली भैया योजना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

एमपी सरकार ने शुरु की लाडली बहनों की तरह लडली भैया योजना, जानें कैसे मिलेगा फायदा

Recent Posts

  • 1 मई से नहरों में बहेगा पानी: पंजाब के किसानों के लिए बड़ा तोहफा, धान से लेकर कपास तक होगी भरपूर सिंचा
  • डीजे की तेज धुन बनी मौत की वजह! बरात के शोर से 140 मुर्गियों की गई जान, गांव में मचा हड़कंप
  • भारत स्पेशलिटी केमिकल्स कॉन्क्लेव 2026, नवाचार, निर्यात और रोजगार सृजन पर होगा फोकस
  • पेस्टिसाइड मैनेजमेंट बिल में डेटा प्रोटेक्शन पर विवाद, स्वदेशी उद्योग ने सरकार से किया विरोध
  • पीएयू–क्रॉपलाइफ संवाद: पंजाब में टिकाऊ और आधुनिक कृषि की नई दिशा तय

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.