֍:इस तरह रखा जाता है ख्याल§ֆ:हींग की खेती आसान नहीं है. इसके लिए आपको कई प्रोसेस से गुजरना होता है. खेती करने के बाद हींग के पौधे तैयार होते हैं. जिनकी जड़ के रस को निकालकर गोंद और स्टार्च में मिलाया जाता है. जिसके बाद उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार किया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि हींग के पौधों तेज धूप में नहीं रखना चाहिए, इससे वे खराब भी हो सकते हैं. §֍:मिलेगा तगड़ा मुनाफा§ֆ:हींग की मार्केट में 12 महीने काफी डिमांड रहती है. इसी वजह से हींग के दाम भी काफी ज्यादा होते हैं. बता दें कि हींग की खेती में प्रति हेक्टेयर तीन लाख रुपये तक की लागत आती है. इसकी फसल पांचवे साल में ही 10 लाख रुपये तक का फायदा दे जाती है. पता हो कि बाजार में एक किलो हींग का भाव 40 हजार रुपये प्रतिकिलो से लेकर 45 हजार रुपये प्रतिकिलो तक होता है. ऐसे में हींग की खेती में किसानों को काफी लाभ मिलता है. फसल की बात करें तो हींग की जड़ें लंबी और गहरी होती हैं, जिस कारण इसे अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है. §भारत में किसानों का रुख परंपरागत फसलों से हटकर नई पसलों की ओर जा रहा है. अब किसान बागवानी, पशु पालन, मसाला उत्पादन, जैसी कई फसलों की खेती कर रहे है. इसी के चलते आज आपको बताने जा रहे हैं हींग की खेती के बारे में, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी. इसकी मार्केट में डिमांड भी काफी रहती है. साथ ही इसके दाम भी हजारों रुपये प्रतिकिलो होते हैं. ऐसे में ये फसल आपके लिए एक फायदेमंद विकल्प हो सकता है. हींग की खेती किस तरह की जाती है जानने कि लिए पढ़ें पूरी खबर…

