Agricultural Entrepreneurship: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) के पूसा कृषि परिसर में आयोजित “Developing Smart Snacks with Millets: A Wholesome Revolution”विषयक एग्रीप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ADP) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम के समापन सत्र में आईसीएआर-आईएआरआई के निदेशकडॉ. च. श्रीनिवास राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए और कृषि आधारित उद्यमिता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, किसानों, महिला उद्यमियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े इच्छुक प्रतिभागियों को मिलेट्स आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण और विपणन की जानकारी प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्मार्ट स्नैक्स विकसित करने की आधुनिक तकनीकों, खाद्य गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. च. श्रीनिवास राव ने कहा कि मिलेट्स न केवल पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उपभोक्ताओं के बीच स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में मिलेट्स आधारित उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध है। उन्होंने प्रतिभागियों को इस क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता के नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के मिलेट्स जैसे बाजरा, ज्वार, रागी और अन्य मोटे अनाजों से तैयार किए जाने वाले स्नैक्स की तकनीकी जानकारी दी। साथ ही उन्हें उत्पाद विकास की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण, उद्यम स्थापना और व्यवसाय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया।
आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार और स्टार्टअप स्थापित करने की दिशा में नई सोच और आत्मविश्वास प्रदान किया है। कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें मिलेट्स आधारित उत्पादों के व्यावसायिक अवसरों को समझने में मदद मिली है और वे भविष्य में इस क्षेत्र में उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित हुए हैं।
समापन समारोह में संस्थान के वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए और उनके प्रयासों की सराहना की गई।
यह पहल भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से संचालित की गई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मिलेट्स आधारित नवाचार, पोषण सुरक्षा और कृषि उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। साथ ही यह प्रयास देश में मिलेट्स के बढ़ते महत्व और उनके व्यावसायिक उपयोग को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है।

