֍:देश का गौरव बढ़ाएंगे किसान §ֆ:देश भर से आए प्रगतिशील किसानों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने खेती-किसानी की आधुनिक पद्धतियों और इनोवेशन के बारे में बताया. वहीं केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया. मुंडा ने कहा कि जब हमारे नागरिक बाद में 100वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे, तब यह स्मरणीय होगा कि 75वां गणतंत्र दिवस हमारे देशवासियों ने किस तरह से मनाया, क्योंकि यह गणतंत्र दिवस सिर्फ आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि अमृत महोत्सव से अमृत काल में प्रवेश करने का द्वार खोलने वाला है.
§֍:पीएम मोदी चाहते थे गणतंत्र दिवस पर आएं किसान§ֆ:मुंडा ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन अब कर्त्तव्य पथ पर हो रहा है, जिसका कि पहले राजपथ नाम था. हमने बहुत सारे शासकों को आजादी से पहले देखा है, चाहे वे मुगलकालीन हो या ब्रिटिशकालीन. इनके दौर से गुजरते हुए हमने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाहा कि हम गणतंत्र दिवस उन लोगों के साथ मनाएं जो वास्तविक रूप से गांवों में, खेतों में पसीना बहाकर देश को सींचते हैं, इसीलिए किसान यहां आमंत्रित किए गए हैं. मुंडा ने कहा कि हमारा किसान परिवार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अन्नदाता हैं. किसानों की प्रगति में ही देश की प्रगति है.
§֍:बदलते दौर की खेती सीखेंगे किसान §ֆ:केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बदलते समय में खेती-किसानी की नई पद्धतियां सीखना किसानों के लिए लाभदायी सिद्ध होगा. उद्देश्य यही है कि नए अनुभवों के साथ हमारे किसान, हमारे गांव और हमारा देश समर्थ हों. सभी किसानों का सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से मंत्री मुंडा ने स्वागत-अभिनंदन किया. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनभागीदारी की भावना के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के आम लोगों को गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में बुलाया है. सम्मेलन में केंद्रीय कृषि सचिव मनोज अहूजा, अतिरिक्त सचिव मनिंदर कौर द्विवेदी और शुभा ठाकुर सहित कई लोग मौजूद रहे. किसानों को प्रशिक्षण के साथ ही फील्ड विजिट भी किया.
§केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भारत के किसान, गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्र ध्वज फहराने देश की राजधानी में आएं हैं, यह हमारे लोकतंत्र की ताकत है. यह अवसर देश को मजबूती देगा. संभवत: पहली बार किसी सरकार ने किसानों को गणतंत्र दिवस के लिए अपने खर्चे पर दिल्ली बुलाया है. यह केंद्र सरकार का किसानों के प्रति लगाव प्रदर्शित करता है. मुंडा बृहस्पतिवार को पूसा, दिल्ली में कृषि मंत्रालय की ओर से आयोजित किसान सम्मेलन की शुरुआत कर रहे थे. इसमें केंद्र सरकार द्वारा देशभर से गणतंत्र दिवस के लिए विशेष रूप से आमंत्रित करीब आठ सौ किसान अपने जीवन साथी या सहयोगियों के साथ मौजूद रहे. सैकड़ों किसान व कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्य इस मौके पर मौजूद रहे.

