֍:लाखों का जुर्माना वसूला§ֆ:मंगलवार तक राज्य के मोगा जिले में 629 पराली जलाने की घटनाएं सामने आ गई हैं. इनमें से 507 किसानों पर केस दर्ज कर 21 लाख 70 रुपए जुर्माना लगाया गया और 13 लाख के करीब जुर्माना वसूला गया है. बीकेयू किसान यूनियन के आगू इकबाल सिंह ने कहा कि किसानों के पास कोई मशीन नहीं है, जिससे वे जल्दी-जल्दी पराली खत्म करके गेहूं की बिजाई कर सके.§֍:प्रशासन पर लगा आरोप§ֆ:किसान नेता ने कहा कि एक तरफ किसानों की फसल मंडियों में पड़ी है दूसरे ओर किसानों के ऊपर प्रशासन जुर्माना लगा रहा है और मामले दर्ज कर रहा है. उन्होंरने सरकार से दूसरी फसल पर एमएसपी देने की मांग की, जिससे वे धान की खेती न करें, क्योंेकि धान की पराली का प्रबंधन मुश्किल है. जब प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों को किसान खेत में रोक लेते हैं तो वे कहते हैं कि शाम 4 बजे के बाद पराली को आग लगाएं, क्योंसकि 4 बजे के बाद सैटेलाइट फोटो नहीं खींचते है. §पंजाब में काफी समय से पराली जलान के मामले सामने आ रहे हैं. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरकार हर जिले में पराली जलाने को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. जिला प्रशासन की ओर से जिले में अलग-अलग टीमें बनाकर गांव-गांव पराली जलाने से रोकने के लिए जागरुक कर रही है. वहीं, मोगा डीसी, एसएसपी खेतों में जाकर पराली की आग बुझा रहे हैं, ताकि प्रदूषण रोका जा सके.

