֍:इन किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन§ֆ:राज्य की उपज में नमी रहने के बाद किसानों ने जल्दी में सोयाबीन बेचना शुरू कर दिया क्योंकि ऐसी फसल जल्दी खराब होती है. लेकिन मंडी में इस सोयाबीन का अच्छा भाव नहीं मिल रहा और समर्थन मूल्य से 500-600 रुपये किलो तक का नुकसान हो रहा है. लातूर में अभी तक 18188 किसानों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है. इन किसानों में 3526 किसानों के मोबाइल पर इस रजिस्ट्रेशन के सफल होने का मैसेज आ चुका है. यानी इतने किसान अपनी उपज को सरकारी दर पर बेच सकेंगे.§֍:किसानों के खातों में पहुंचेगी इतनी रकम§ֆ:रजिस्टर्ड किसानों में से 37 किसानों ने 6640 क्विंटल सोयाबीन की बिक्री की है. लातूर में समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर 10 अक्टूबर से सोयाबीन की खरीद शुरू हुई है जिसे नेफेड के जरिये खरीदा जा रहा है. हालांकि अभी 379 किसानों ने ही अपनी उपज बेची है. सोयाबीन में नमी अधिक होने से खरीदी में परेशानी देखी जा रही है. साथ ही दिवाली त्योहार होने से किसान ने कम बिक्री की. कहा जा रहा है कि खरीद में अब तेजी आएगी. लातूर के जिला मार्केटिंग अधिकारी ने बताया ‘नेफेड’ की ओर से सोयाबीन बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की गई है. अब तक 18 हजार 188 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इस बीच रजिस्ट्रेशन की समय सीमा 15 नवंबर को समाप्त हो गई थी. अधिक किसानों को गारंटी मूल्य का लाभ मिल सके, इसके लिए इस प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाई गई है. §महाराष्ट्र में सोयाबीन किसानों के लिए ‘नेफेड’ की ओर से खरीद कंद्रों को शरु किया गया है. इन केंद्रों पर किसानों से एमएसपी दामों पर सोयाबीन की खरीद की जा रही है. डेढ़ माह की अवधि में लातूर जिले में केवल 6 हजार 640 क्विंटल सोयाबीन की खरीद हुई है. इस बीच, सोयाबीन की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में सरकार की ओर से 15 दिन की मोहलत दी गई है. अब किसान 30 नवंबर तक सोयाबीन बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. इस साल 4 लाख 90 हजार 906 हेक्टेयर में सोयाबीन की कटाई हुई है.

