देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान, तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, 7 से 9 अप्रैल के बीच एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा, जो देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम का असर भारत के लगभग 30 से 40 प्रतिशत हिस्से पर देखने को मिल सकता है। खास बात यह है कि इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक सक्रिय हो रहे हैं, जिनकी सबसे ज्यादा तीव्रता 7 और 8 अप्रैल को रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक, भारी बारिश और कई जगह ओलावृष्टि देखने को मिल सकती है।
अगर राज्यों की बात करें तो कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। वहीं राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अप्रैल के बीच तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। बिहार और झारखंड में 6 से 8 अप्रैल के दौरान छिटपुट ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 7 और 8 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं।
दिल्ली के मौसम की बात करें तो 6 अप्रैल को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की उम्मीद है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लेकिन 7 और 8 अप्रैल को मौसम फिर से बदल जाएगा और आंशिक बादल छाने के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है।
इस बदलते मौसम का असर तापमान पर भी पड़ेगा। अगले सात दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, यह राहत किसानों के लिए परेशानी बन सकती है।
दरअसल, रबी सीजन की खड़ी फसलें जैसे गेहूं और सरसों इस समय खेतों में तैयार खड़ी हैं। ऐसे में तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। खासकर बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई इलाकों में किसानों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है।
कुल मिलाकर, अप्रैल की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ की असामान्य सक्रियता ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे में लोगों और खासकर किसानों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

