पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) ने अपने एलुमनाई और Aadvi Business Structures LLP के सहयोग से “AI लिटरेसी प्रोजेक्ट” के माध्यम से कृषि और एग्रीबिजनेस क्षेत्र में एक नई दिशा देने का कार्य किया है। वर्ष 2025 में शुरू की गई इस पहल के तहत अब तक 18,000 से अधिक छात्र, किसान, एग्रीप्रेन्योर, पेशेवर और व्यवसायी लाभान्वित हो चुके हैं। यह पहल कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग और भविष्य के करियर अवसरों को भी मजबूत कर रही है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल द्वारा की गई थी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में AI का उपयोग केवल दावों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे वास्तविक और डेटा आधारित होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पीएयू के पास पिछले 50 वर्षों का कृषि डेटा उपलब्ध है, जिसका उपयोग करके सटीक पूर्वानुमान (फोरकास्टिंग) और निर्णय लेने में किसानों की मदद की जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डेटा-आधारित AI प्रणाली किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज के निदेशक डॉ. रामनदीप सिंह ने बताया कि AI तेजी से एग्रीबिजनेस मॉडल, मार्केटिंग रणनीतियों और सप्लाई चेन को बदल रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से छात्रों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकेंगे। उन्होंने इस सहयोग को एग्रीबिजनेस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस अवसर पर पीएयू के एलुमनाई और ग्लोबल फार्मर नेटवर्क के सदस्य Global Farmer Network से जुड़े डॉ. मलविंदर सिंह और डॉ. पवितर पाल सिंह पांगली ने कृषि में AI के व्यावहारिक उपयोगों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि AI आधारित समाधान किसानों और एग्रीप्रेन्योर को सशक्त बनाने के साथ-साथ वैश्विक ज्ञान को स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद करते हैं।
डिजिटल व्यवसाय के दृष्टिकोण से कोमल चोपड़ा लेखी ने बताया कि AI डिजिटल मार्केटिंग और राजस्व सृजन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। उन्होंने कहा कि AI टूल्स, सोशल मीडिया रणनीतियों और मजबूत डिजिटल उपस्थिति के माध्यम से व्यवसाय तेजी से विकास कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को उनके प्रशिक्षण और सहभागिता के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इस पहल में AI और डेटा साइंस विशेषज्ञ सुरभि लेखी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी।
डॉ. गोसल ने पीएयू के युवा एलुमनाई के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय के उस दृष्टिकोण को साकार करती है, जिसमें कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि AI साक्षरता न केवल किसानों बल्कि युवाओं के लिए भी नए करियर अवसर खोल रही है।
यह पहल एग्रीबिजनेस इकोसिस्टम को सशक्त बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। AI लिटरेसी प्रोजेक्ट के माध्यम से पीएयू और उसके एलुमनाई कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को गति दे रहे हैं, जो आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

