छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के अंतर्गत बस्तर जैसे दुर्गम इलाकों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया है। यह आश्वासन केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दिया।
बैठक में मुख्य रूप से बस्तर संभाग के दूर-दराज़ गांवों तक सड़क संपर्क बढ़ाने, ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा आदिवासी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियां देश के अन्य सामान्य क्षेत्रों से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में मौजूदा मानकों के कारण हजारों ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं।
PMGSY-IV में विशेष प्रावधान की मांग
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान केंद्र सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत वर्तमान में 500 मीटर की परिधि को आधार मानकर सड़क निर्माण की पात्रता तय की जाती है। लेकिन बस्तर जैसे वनाच्छादित और पहाड़ी क्षेत्रों में गांव छोटे-छोटे समूहों में फैले हुए हैं, जिससे अधिकांश गांव इस मानक के दायरे में नहीं आ पाते।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि अरुणाचल प्रदेश की तरह बस्तर क्षेत्र में भी 10 किलोमीटर की परिधि को एक क्लस्टर माना जाए। ऐसा होने पर अनेक छोटे और बिखरे हुए गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा सकेगा तथा लाखों ग्रामीणों को परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला होती है। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का सकारात्मक रुख
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के दूरस्थ, जनजातीय और पिछड़े क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों की विशेष परिस्थितियों को समझते हुए राज्य सरकार द्वारा दिए गए सुझावों का गंभीरता से अध्ययन किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार संबंधित मंत्रालयों के साथ चर्चा कर उचित निर्णय लेने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली शर्त मजबूत आधारभूत संरचना होती है। सड़क संपर्क बेहतर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि विपणन, पर्यटन और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होती है। इसलिए केंद्र सरकार ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करती है, जो दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक हों।
बस्तर के लिए क्यों जरूरी है सड़क संपर्क?
बस्तर संभाग देश के सबसे बड़े आदिवासी बहुल क्षेत्रों में से एक है। यहां का अधिकांश इलाका घने जंगलों, पहाड़ियों और नदी-नालों से घिरा हुआ है। कई गांव आज भी ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। अनेक गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से पूरी तरह कट जाता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कृषि विपणन और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मानकों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बदलाव किया जाता है तो बस्तर के हजारों गांवों को पहली बार सर्व मौसम सड़क सुविधा मिल सकती है। इससे न केवल लोगों का जीवन आसान होगा बल्कि क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
ग्रामीण विकास कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने भी प्रदेश में चल रही विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता, आवास निर्माण और सामुदायिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में सड़क, आवास, पेयजल, स्वच्छता और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण की प्रगति से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।
केंद्रीय मंत्री ने की राज्य सरकार की सराहना
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत मुक्तिधाम और शौचालय निर्माण के कार्यों को सराहनीय बताया। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में उल्लेखनीय उपलब्धि
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों का निर्माण किया जा रहा है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि पक्के घर केवल रहने की सुविधा नहीं देते, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता भी लाते हैं। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सड़क संपर्क, आवास, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का समानांतर विस्तार होता है तो बस्तर जैसे क्षेत्रों में व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन संभव होगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
सड़क संपर्क बेहतर होने से क्षेत्र के किसानों, वन उत्पाद संग्रहकर्ताओं, छोटे व्यापारियों और स्थानीय उद्यमियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। कृषि एवं वनोपज को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, परिवहन लागत कम होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा पर्यटन की संभावनाओं वाले क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार
दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंचने से बच्चों की विद्यालयों तक नियमित पहुंच सुनिश्चित होगी। शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी गांवों तक पहुंच आसान होगी। गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव होगा।
साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
केंद्र-राज्य समन्वय से तेज होगा विकास
बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक नागरिक को विकास का समान अवसर प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि PMGSY-IV में प्रस्तावित संशोधन लागू होता है तो बस्तर के हजारों ग्रामीणों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा आदिवासी क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित होगा।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की भी उपस्थिति रही। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, भविष्य की कार्ययोजना तथा बस्तर सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह बैठक केंद्र और राज्य के बीच सहयोगात्मक संघवाद की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों को व्यापक विकास का लाभ मिलने की उम्मीद है।
