उत्तर प्रदेश में किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इस फैसले के बाद किसानों को अब गेहूं की फसल पर ₹2585 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिलेगा, जो कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है।
बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 37 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें से 35 को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्तावों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सरकार ने इस बार गेहूं खरीद को लेकर भी व्यापक तैयारी की है। राज्य में 25 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक गेहूं की खरीद की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों से सीधे MSP पर गेहूं खरीदा जाएगा, जिससे उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत मिल सके।
खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए आठ प्रमुख एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें भारतीय खाद्य निगम (FCI), यूपी मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ जैसी संस्थाएं शामिल हैं। ये सभी एजेंसियां मिलकर खरीद कार्य को अंजाम देंगी, ताकि किसानों को समय पर भुगतान और सुविधा मिल सके।
क्रय केंद्रों का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, जिलाधिकारी को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव करने का अधिकार दिया गया है। इससे उन क्षेत्रों में भी किसानों को सुविधा मिल सकेगी, जहां मौसम या अन्य कारणों से समय में लचीलापन जरूरी होता है।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान मूल्य समर्थन योजना का लाभ उठा सकें। इसके तहत यदि किसान अपने गेहूं को सीधे क्रय केंद्र पर लेकर आते हैं, तो उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ही खरीद की गारंटी दी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य के किसानों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। MSP में बढ़ोतरी और व्यापक खरीद व्यवस्था से किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है, साथ ही कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

