• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home समाचार

सीमा सड़क संगठन ने अपना 65वां स्थापना दिवस मनाया, रक्षा सचिव हुए शामिल

Fiza by Fiza
May 8, 2024
in समाचार
0
सीमा सड़क संगठन ने अपना 65वां स्थापना दिवस मनाया, रक्षा सचिव हुए शामिल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ֆ:रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने के लिए सीमा सड़क संगठन की प्रशंसा की और विश्वास व्यक्त किया कि संगठन के कर्मयोगी रिकॉर्ड समय में सीमा बुनियादी ढांचे के विकास को जारी रखेंगे। उन्होंने सीमा सड़क संगठन से आग्रह किया कि वे परियोजनाओं को तीव्र गति से संपन्न करने के लिए नवीनतम तकनीक और तकनीकों को अपनी कार्यप्रणामी में शामिल करें। इससे अधिक कुशलता से कार्य पूर्ण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में सीमा सड़क संगठन के लिए स्वचालन और मशीनीकरण महत्वपूर्ण होगा।रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने सिल्कयारा सुरंग ढहने और सिक्किम बाढ़ के दौरान राहत और बचाव प्रयासों में सीमा सड़क संगठन कर्मियों के बहुमूल्य योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि, यह संगठन वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके तहत चुने हुए सीमावर्ती गांवों के व्यापक विकास की परिकल्पना की गई है।


§ֆ:इस अवसर पर अपने संबोधन में सीमा सड़क के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने सीमा सड़क संगठन के सभी रैंकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सीमा सड़क संगठन की अखिल भारतीय उपस्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि टैगलाइन ‘इन द साइलेंस ऑफ आवर ग्रेट माउंटेन्स – वर्क स्पीक्स’ संगठन के समर्पण, दृढ़ता और देश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन पर प्रभाव को दर्शाती है। उन्होंने सभी रैंकों से जुड़े कर्मियों का आह्वान किया कि वे लोगों के आपसी संपर्क के लिए स्थानों को जोड़ने का कार्य जारी रखें और प्रगति, समृद्धि और एकता की स्थायी विरासत को संजोय रखने और नवीनतम प्रयासों को जारी रखने की प्रतिज्ञा करें।


§ֆ:इस कार्यक्रम में रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने सेला सुरंग पर एक सार-संग्रह के साथ-साथ ‘ऊंचिन सदाकेन’, ‘पथ प्रदर्शक’ और ‘पथ विकास’ सहित कुछ पुस्तकों का अनावरण भी किया। उन्होंने वर्ष 2023-24 के लिए सीमा सड़क संगठन कर्मियों को उत्कृष्टता पुरस्कार दिए और संगठन में शामिल महिला कर्मियों को विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। सेला टनल जैसी विभिन्न परियोजनाओं के साथ-साथ सिक्किम बाढ़ के दौरान काम करने वाले आकस्मिक भुगतान वाले मजदूरों को भी सम्मानित किया गया।सीमा सड़क संगठन की स्थापना 1960 में हुई थी उस समय संगठन के पास केवल दो परियोजनाएं – पूर्व में प्रोजेक्ट टस्कर (अब वर्तक) और उत्तर में प्रोजेक्ट बीकन थी। आज इस संगठन का 11 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तार हो चुका है और इस समय सीमा सड़क संगठन 18 परियोजनाओं पर कार्य करने वाला एक महत्वपूर्ण संगठन बन गया है। इसने अब ऊंचाई वाले और कठिन बर्फीले क्षेत्रों में अग्रणी बुनियादी ढांचा निर्माण एजेंसी के रूप में अपनी साख स्थापित कर ली है।

§ֆ:सीमा सड़क संगठन मुख्य रूप से सशस्त्र बलों की रणनीतिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर 9,000 फीट से 19,000 फीट तक की ऊंचाई पर सड़क निर्माण और रखरखाव कार्यों को निष्पादित करता है। छह दशकों से अधिक समय में, इसने भारत की सीमाओं के साथ-साथ भूटान, म्यांमा, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान सहित मित्र देशों में प्रतिकूल जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों में 62,214 किलोमीटर से अधिक सड़कों, 1,005 पुलों, सात सुरंगों और 21 हवाई क्षेत्रों का निर्माण किया है। इस प्रकार सीमा सड़क संगठन ने राष्ट्र के रणनीतिक उद्देश्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।2023-24 में, सीमा सड़क संगठन ने 3,611 करोड़ रुपये की कुल 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी कीं। इसमें अरुणाचल प्रदेश में बालीपारा-चारद्वार-तवांग रोड पर सेला सुरंग का निर्माण शामिल है। यह सुरंग हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ईटानगर से राष्ट्र को समर्पित की थी। सीमा सड़क संगठन शीघ्र ही 4.10 किलोमीटर लंबी शिंकुन ला सुरंग पर निर्माण कार्य शुरू करेगा। इसका निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यह सुरंग चीन में 15,590 फीट की मिला सुरंग को पीछे छोड़ते हुए 15,800 फीट की दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग बन जाएगी।


§ֆ:सीमा सड़क संगठन ने बागडोगरा और बैरकपुर नाम की दो महत्वपूर्ण हवाई क्षेत्र परियोजनाओं को पूर्ण किया है, ये परियोजनाएं संगठन की उत्कृष्टता यात्रा में एक और मील का पत्थर है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में मुध एयरफील्ड परियोजना की आधारशिला रखी थी। सीमा सड़क संगठन का लक्ष्य इस परियोजना को केवल दो कार्य सत्रों के अंतराल में ही पूरा करना है।कुछ वर्षों में, सीमा सड़क संगठन के बजट व्यय में तेजी से वृद्धि देखी गई है, इससे पता चलता है कि संगठन अपनी क्षमताओं के अनुरूप कार्यों को तीव्र गति से पूर्ण करने के लिए निरंतर गतिशील है। बजट प्रावधान में वृद्धि ने सीमा सड़क संगठन को महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू करने, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने और इसकी परिचालन तैयारी को बढ़ाने के लिए सशक्त बनाया है।

§ֆ:सीमा सड़क संगठन स्त्री-पुरुष समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने, महिलाओं को महत्वपूर्ण भूमिकाएं और अवसर प्रदान करने में अग्रणी रहा है। कर्नल पोनुंग डोमिंग जैसे अधिकारी पूर्वी लद्दाख में महत्वपूर्ण परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं। सहायक कार्यकारी अभियंता (सिविल) श्रीमती निकिता चौधरी ने सेला सुरंग परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

§सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) 07 मई, 2024 को अपना 65वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर नई दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इसकी अध्यक्षता रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने ने की। कार्यक्रम में अपने संबोधन में रक्षा सचिव ने कहा कि दुर्गम इलाकों और मौसम की विपरीत दुरूह स्थिति में सीमा सड़क संगठन ने अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। उन्होंने सीमा सड़क संगठन को एक अत्यंत महत्वपूर्ण संगठन बताया, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में अपनी मूलभूत परियोजनाओं के माध्यम से, दूर-दराज के क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने के अतिरिक्त, देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Previous Post

भारतीय नौसेना के जहाज दिल्ली, शक्ति और किल्टन दक्षिण चीन सागर में पहुंचे

Next Post

कमांडेंट्स कॉन्क्लेव का छठा संस्करण पुणे में आयोजित किया गया

Next Post
कमांडेंट्स कॉन्क्लेव का छठा संस्करण पुणे में आयोजित किया गया

कमांडेंट्स कॉन्क्लेव का छठा संस्करण पुणे में आयोजित किया गया

Recent Posts

  • “एशिया पर ‘अल नीनो’ का साया: गर्मी, सूखा और महंगाई का ट्रिपल अटैक!”
  • गेहूं बेचने में अब नहीं होगी दिक्कत! एमपी सरकार ने बढ़ाई स्लॉट बुकिंग की तारीख, किसानों को बड़ी राहत
  • किसानों से लेकर बच्चों तक पर फोकस: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, 2442 करोड़ का दलहन मिशन मंजूर
  • व्हाइट रेवोल्यूशन-2: डेयरी सेक्टर में नई क्रांति, पशुपालकों की आय बढ़ाने का बड़ा प्लान
  • खरीफ में हरी खाद पर योगी सरकार का फोकस: ढैंचा से बढ़ेगी पैदावार, घटेगी लागत

Recent Comments

No comments to show.
Fasal Kranti is a leading monthly agricultural magazine dedicated to empowering Indian farmers. Published scince 2013 in Hindi, Punjabi, Marathi, and Gujarati, it provides valuable insights, modern farming techniques, and the latest agricultural updates. With a vision to support 21st-century farmers, Fasal Kranti strives to be a trusted source of knowledge and innovation in the agricultural sector.

Category

  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Subscribe Now

Contact

Promote your brand with Fasalkranti. Connect with us for advertising.
  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team .

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • Agriculture News
  • Success Stories
  • Interviews
  • Weather
  • Articles
  • Schemes
  • Animal Husbandry

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.