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अल नीनो की आशंका पर केंद्र सरकार अलर्ट, किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान

Central government alert on the possibility of El Nino, protection of farmers' interests is top priority

Emran Khan by Emran Khan
June 3, 2026
in कृषि समाचार
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अल नीनो की आशंका पर केंद्र सरकार अलर्ट, किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: शिवराज सिंह चौहान
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संभावित अल नीनो प्रभाव और दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कम रहने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारें समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मौसम संबंधी किसी भी चुनौती का असर किसानों और खेती पर न्यूनतम रहे।

कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने दक्षिण-पश्चिम मानसून, संभावित अल नीनो प्रभाव, जल उपलब्धता, बीज भंडारण, फसल रणनीति और राज्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

अल नीनो को लेकर केंद्र की विशेष निगरानी

बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि देशभर में मौसमी वर्षा दीर्घकालीन औसत (LPA) का लगभग 90 प्रतिशत रह सकती है। इसके साथ ही मानसून के दौरान अल नीनो की स्थिति विकसित होने की संभावना भी व्यक्त की गई है।

इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को पहले से सतर्क रहने और जिला स्तर तक तैयारी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौसम पूर्वानुमानों को गंभीरता से लिया जा रहा है, लेकिन किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बेहतर तकनीक, सिंचाई सुविधाओं, जल संरक्षण उपायों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से संभावित जोखिमों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

किसानों के हित सर्वोपरि

बैठक के दौरान श्री चौहान ने दोहराया कि किसानों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने सभी विभागों और राज्य सरकारों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रतिकूल मौसमीय स्थिति में किसानों को समय पर सलाह, गुणवत्तापूर्ण बीज, वैकल्पिक फसल विकल्प और जल प्रबंधन संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल जोखिम का आकलन करना नहीं, बल्कि समय रहते ऐसे सभी कदम उठाना है जिससे किसानों का आत्मविश्वास बना रहे और खरीफ सीजन प्रभावित न हो।

जलाशयों का जलस्तर सामान्य से बेहतर

समीक्षा बैठक में एक सकारात्मक तथ्य यह सामने आया कि देश के प्रमुख जलाशयों में वर्तमान जल भंडारण स्थिति संतोषजनक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जलाशयों में पानी का भंडारण इस समय सामान्य स्तर के लगभग 127 प्रतिशत से अधिक है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह स्थिति खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए बड़ी ताकत साबित होगी। पर्याप्त जल उपलब्धता के कारण नमी की कमी और सूखे जैसी परिस्थितियों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। उन्होंने राज्यों को उपलब्ध जल संसाधनों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग की रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए।

कम वर्षा वाले क्षेत्रों पर विशेष फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन राज्यों और जिलों में कम वर्षा, लंबा ड्राई स्पेल या अल नीनो का अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों में सतत समीक्षा, त्वरित निर्णय और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला स्तर पर तैयार किए गए कंटिन्जेंसी प्लान केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। स्थानीय परिस्थितियों, जल उपलब्धता, फसल पैटर्न और जोखिमों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक योजनाएं लागू की जाएं।

बीज उपलब्धता और वैकल्पिक फसल योजना तैयार

बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ और रबी दोनों मौसमों के लिए बीजों की उपलब्धता आवश्यकता से अधिक है। साथ ही राष्ट्रीय बीज रिजर्व भी तैयार रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को तुरंत वैकल्पिक बीज उपलब्ध कराए जा सकें।

केंद्रीय मंत्री ने बीज की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों तक केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज ही पहुंचने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि कम वर्षा या देरी से मानसून की स्थिति में कम अवधि में तैयार होने वाली और कम पानी की आवश्यकता वाली फसल किस्मों को बढ़ावा दिया जाए।

नमी संरक्षण और जल प्रबंधन पर जोर

सरकार का विशेष फोकस खेतों में नमी बनाए रखने और जल संरक्षण उपायों पर है। श्री चौहान ने कहा कि खेत-तालाब, वर्षा जल संचयन, स्थानीय जल संरचनाओं और अन्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि वर्षा सामान्य से कम भी रहती है, तो नमी संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन के जरिए फसलों को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। ग्रामीण विकास विभाग और स्थानीय एजेंसियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों तक पहुंचेगी मोबाइल एडवाइजरी

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों तक मौसम, फसल, रोग-कीट प्रबंधन और बुवाई संबंधी सलाह मोबाइल संदेशों और डिजिटल माध्यमों से तेजी से पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि आज सरकार के पास पर्याप्त तकनीकी प्लेटफॉर्म और डेटा उपलब्ध है, जिसका उपयोग किसानों की सहायता के लिए किया जाना चाहिए।

राज्य स्तरीय तंत्र, कृषि कॉल सेंटर, कृषि विज्ञान केंद्रों और स्थानीय अधिकारियों को एकीकृत कर ऐसा सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे किसानों को सही समय पर सही जानकारी मिल सके।

Tags: AgricultureAl NinoFarming
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