ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक Skills उपलब्ध कराने और उन्हें स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ने वाली दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY 1.0) की परियोजनाओं के औपचारिक समापन की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 7 और 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), पूसा में DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत परियोजनाओं के समापन को लेकर दो दिवसीय National-level Workshop आयोजित की जा रही है।
इस कार्यशाला में ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की Implementation Agencies तथा केंद्रीय Technical Support Agencies के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत चल रही और लंबित परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करना, Documentation से जुड़ी समस्याओं की पहचान करना तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परियोजनाओं के Formal Closure के लिए एक Coordinated Approach विकसित करना है।
कार्यशाला में विशेष रूप से Project Documentation, Operational Challenges, Technical Issues, MIS-related Problems, Best Practices, Case Studies और Stakeholder Responsibilities पर चर्चा की गई। साथ ही MIS Completion Module का Demonstration भी किया गया, ताकि परियोजनाओं के समापन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, Transparent और Time-bound बनाया जा सके।
DDU-GKY ग्रामीण युवाओं के लिए प्रमुख रोजगार-उन्मुख कार्यक्रम
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY), दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय का एक प्रमुख Employment-oriented Skill Development Programme है।
इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप Market-oriented Skills प्रदान करना और उन्हें रोजगार से जोड़ना है। इसके माध्यम से युवाओं की Employability बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें Sustainable Livelihood Opportunities उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए Skill Training, Placement और रोजगार से जुड़े विभिन्न interventions को एक साथ आगे बढ़ाने वाली इस योजना का ग्रामीण Economy और Workforce Development में महत्वपूर्ण योगदान है।
योजना का व्यापक उद्देश्य केवल Training उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को ऐसी Skills से जोड़ना है जिनकी मांग Labour Market में हो और जिनके माध्यम से वे बेहतर रोजगार एवं स्थायी आय के अवसर प्राप्त कर सकें।
2,000 से अधिक Projects के Documentation को पूरा करने का लक्ष्य
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में ग्रामीण कौशल क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत लंबित परियोजनाओं के Documentation को पूरा करने के लिए Coordinated, Time-bound और Campaign-based Approach अपनाने पर जोर दिया।
संयुक्त सचिव (ग्रामीण कौशल-II) सुश्री जयश्री एमजी ने DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत 2,000 से अधिक परियोजनाओं के Documentation को पूरा करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परियोजनाओं से संबंधित सभी जरूरी Documents, Records, MIS Data और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं व्यवस्थित रूप से पूरी हों, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बंद किया जा सके।
Project Closure केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से परियोजनाओं की उपलब्धियों, Financial Records, Training Outcomes और Implementation Performance का भी व्यवस्थित Documentation संभव होता है।
Project-specific और Action-oriented Approach पर जोर
उद्घाटन सत्र में श्री पवन कुमार, निदेशक (ग्रामीण कौशल) ने सभी लंबित परियोजनाओं के लिए Project-specific और Action-oriented Approach अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने समय पर बाधाओं की पहचान और उनके समाधान के साथ-साथ निर्धारित Standard Operating Procedures (SOPs) का पालन करने पर जोर दिया।
अलग-अलग राज्यों में परियोजनाओं की परिस्थितियां और लंबित मुद्दे अलग हो सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक Project की स्थिति के अनुसार Action Plan तैयार करना और जिम्मेदार Stakeholders को स्पष्ट जिम्मेदारी देना परियोजनाओं के समयबद्ध समापन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
DDU-GKY 2.0 में रोजगार और Retention पर बढ़ेगा फोकस
कार्यशाला में DDU-GKY के अगले चरण यानी DDU-GKY 2.0 की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई।
इसमें विशेष रूप से कम से कम 70 प्रतिशत Employment Outcome और Employment Retention को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
इसका मतलब है कि Skill Training के बाद युवाओं को केवल रोजगार मिलने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि रोजगार में उनकी Retention और स्थायित्व को भी महत्वपूर्ण Outcome के रूप में देखा जाएगा।
यह बदलाव Skill Development को अधिक Outcome-oriented बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
Training, Placement और Long-term Employment के बीच बेहतर Linkage स्थापित करने से ग्रामीण युवाओं को अधिक Sustainable Career Opportunities उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
NABCONS और NIRDPR ने प्रस्तुत की Technical जानकारी
कार्यशाला के पहले दिन NABCONS (NABARD Consultancy Services) और NIRDPR (National Institute of Rural Development and Panchayati Raj) के Technical Experts ने DDU-GKY 1.0 परियोजनाओं के Documentation और Closure Process पर Presentations दीं।
इन Presentations में मुख्य रूप से:
- Best Practices
- Case Studies
- Operational Challenges
- Technical Issues
- Possible Solutions
- Stakeholder Roles and Responsibilities
- Documentation Process
- Project Closure Requirements
जैसे विषय शामिल रहे।
इन सत्रों का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को Practical Approaches उपलब्ध कराना था, ताकि वे अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों का समाधान कर सकें और परियोजनाओं का व्यवस्थित Closure सुनिश्चित कर सकें।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और Project Completion Status प्रस्तुत किए।
आंध्र प्रदेश, असम, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों में DDU-GKY 1.0 परियोजनाओं के Implementation और Completion से जुड़े अनुभव साझा किए।
State-wise Discussions ने एक-दूसरे से सीखने और Effective Implementation Practices साझा करने का अवसर उपलब्ध कराया।
इन चर्चाओं के दौरान उन Challenges को भी सामने रखा गया जिनका सामना Implementation Agencies को Ground Level पर करना पड़ रहा है।
Best Practices से मिलेगी राज्यों को सीख
राष्ट्रीय कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विभिन्न राज्यों में अपनाई गई Best Practices को एक-दूसरे के साथ साझा करना भी रहा।
अलग-अलग राज्यों में DDU-GKY परियोजनाओं के संचालन के दौरान विकसित हुई प्रभावी प्रक्रियाओं को अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।
इस तरह का Peer Learning Model परियोजना प्रबंधन, Documentation, Monitoring और Closure Process को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
विशेष रूप से उन राज्यों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जहां कुछ Projects के Documentation या Closure से जुड़े मुद्दे अभी लंबित हैं।
Documentation क्यों है महत्वपूर्ण?
किसी भी सरकारी योजना की परियोजना के सफल समापन के लिए Documentation अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
Project Documentation के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि परियोजना से जुड़े Training, Financial, Administrative और Outcome-related Records व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहें।
DDU-GKY जैसे Skill Development Programme में Documentation के माध्यम से Training के विभिन्न चरणों, Beneficiaries, Project Implementation और अन्य जरूरी जानकारी को Record किया जा सकता है।
सही Documentation भविष्य में Monitoring, Evaluation, Audit और Impact Assessment के लिए भी उपयोगी होता है।
इसी कारण सरकार DDU-GKY 1.0 की 2,000 से अधिक परियोजनाओं के Documentation को पूरा करने पर विशेष जोर दे रही है।
MIS से आसान होगी Project Closure Process
कार्यशाला के Technical Sessions में Management Information System (MIS) से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई।
सरकारी योजनाओं में MIS का उपयोग Project Data को व्यवस्थित करने, Monitoring करने और Implementation Progress को Track करने के लिए किया जाता है।
DDU-GKY 1.0 के Project Closure में भी MIS की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यशाला के दौरान MIS Completion Module का Demonstration किया गया। इसके माध्यम से परियोजनाओं के समापन के लिए आवश्यक जानकारी और प्रक्रियाओं को Digital System में व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।
Digital Completion Process से Data Management को बेहतर बनाने, Pending Information की पहचान करने और Project Closure में Transparency बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
Technical और Operational Challenges पर खुली चर्चा
कार्यशाला में केवल उपलब्धियों पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि परियोजनाओं के Implementation के दौरान आने वाली Operational और Technical Challenges को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने बताया कि Project Completion के दौरान अलग-अलग स्तरों पर किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इन Challenges की पहचान के बाद संभावित Solutions और आगे की Action Plan पर चर्चा की गई।
इस प्रकार Workshop को केवल Review Meeting के बजाय एक Problem-solving Platform के रूप में भी देखा जा सकता है।
Stakeholders की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
DDU-GKY 1.0 के Projects को समय पर बंद करने के लिए केंद्र, राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों और Technical Agencies के बीच बेहतर Coordination आवश्यक है।
इस पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग Stakeholders की Roles and Responsibilities को स्पष्ट रखना महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय Policy और Programme-level Guidance उपलब्ध कराता है, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की Implementation Agencies Ground-level Execution में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वहीं NABCONS और NIRDPR जैसी Technical Support Agencies Documentation, Technical Guidance और Capacity Building में सहायता प्रदान कर रही हैं।
इन सभी के बीच Effective Coordination से Project Closure Process को तेज और अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
राज्यों ने मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई
कार्यशाला के समापन सत्र में प्रतिभागी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत परियोजनाओं के Documentation को पूरा करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और Technical Agencies के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सभी Stakeholders ने Transparent, Accountable और Time-bound Execution सुनिश्चित करने पर सहमति व्यक्त की।
इससे संकेत मिलता है कि सरकार अब लंबित परियोजनाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तेजी से पूरा करने और उनके Formal Closure की दिशा में अभियान आधारित प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहती है।
DDU-GKY 2.0 से ग्रामीण युवाओं को क्या उम्मीद?
DDU-GKY 1.0 के Project Closure के साथ-साथ DDU-GKY 2.0 की प्राथमिकताओं पर चर्चा इस कार्यक्रम के अगले चरण की दिशा को भी स्पष्ट करती है।
नई प्राथमिकताओं में Employment Outcome और Employment Retention को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
इससे Skill Training को केवल Certificate-based Approach से आगे बढ़ाकर Employment-linked और Outcome-based Model में विकसित करने की संभावना है।
ग्रामीण युवाओं के लिए ऐसी Skills की पहचान करना जरूरी होगा जिनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ Training Institutions, Employers और Industry के बीच बेहतर Linkage भी रोजगार के स्थायी अवसर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Rural Economy को मजबूत करने में Skill Development की भूमिका
ग्रामीण भारत में Skill Development केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह Rural Economic Transformation का महत्वपूर्ण आधार भी बन सकता है।
यदि ग्रामीण युवाओं को स्थानीय और राष्ट्रीय Labour Market की जरूरतों के अनुसार Skills मिलती हैं, तो उनकी Income Opportunities बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और स्थानीय Economy में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
DDU-GKY जैसे programmes इसी व्यापक उद्देश्य के तहत ग्रामीण युवाओं को Skill, Employment और Sustainable Livelihood से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
National Workshop से आगे की दिशा स्पष्ट
7-8 सितंबर को आयोजित यह National-level Workshop DDU-GKY 1.0 की लंबित परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण Coordination Platform बनकर सामने आई है।
Workshop में Project Documentation, MIS Completion, Best Practices, Case Studies और Operational Challenges पर हुई चर्चा से राज्यों को अपनी-अपनी परियोजनाओं के Closure के लिए अधिक स्पष्ट Action Plan तैयार करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही DDU-GKY 2.0 में 70 प्रतिशत या उससे अधिक Employment Outcome और बेहतर Employment Retention पर जोर यह संकेत देता है कि आने वाले समय में Skill Development Programmes का मूल्यांकन केवल Training की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि युवाओं को मिलने वाले वास्तविक और टिकाऊ रोजगार परिणामों के आधार पर अधिक किया जाएगा।
निष्कर्ष
DDU-GKY 1.0 के अंतर्गत 2,000 से अधिक Projects के Documentation को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच Coordination को मजबूत करने की पहल ग्रामीण Skill Development System में महत्वपूर्ण कदम है।
Project-specific Action Plan, SOP Compliance, MIS-based Monitoring, Technical Support, Best Practices Sharing और Time-bound Documentation के माध्यम से लंबित परियोजनाओं को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकता है।
वहीं DDU-GKY 2.0 में Employment और Retention को प्राथमिकता देने से योजना का Focus और अधिक Outcome-oriented होने की उम्मीद है।
ग्रामीण युवाओं को बाजार की जरूरत के अनुसार Skills, बेहतर Employment Linkages और Sustainable Livelihood Opportunities उपलब्ध कराना आने वाले समय में ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। केंद्र, राज्य और Technical Agencies के बीच मजबूत Coordination के साथ DDU-GKY ग्रामीण भारत के युवाओं को रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ने में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

