संयुक्त राष्ट्र की संस्था Food and Agriculture Organization (FAO) ने चेतावनी दी है कि यदि Strait of Hormuz में बाधा लंबे समय तक बनी रहती है, तो दुनिया को गंभीर खाद्य संकट या “फूड कैटास्ट्रॉफी” का सामना करना पड़ सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा और कृषि आपूर्ति श्रृंखला के लिए बेहद अहम माना जाता है, और इसके बाधित होने से कृषि उत्पादन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।
FAO के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो के अनुसार, फिलहाल वैश्विक स्तर पर खाद्य संकट नहीं है क्योंकि पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं, जो मौजूदा झटकों को संभाल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि यदि जल्द ही इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, तो इसका असर आने वाले महीनों में दिखने लगेगा। FAO के एग्रीफूड इकोनॉमिक्स डिवीजन के निदेशक डेविड लाबोर्डे ने भी कहा कि ऊर्जा और उर्वरक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता अंततः खाद्य कीमतों और महंगाई को बढ़ा सकती है, जिसका असर 2026 के अंत और 2027 तक जारी रह सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक कृषि में उपयोग होने वाले 20 से 45 प्रतिशत महत्वपूर्ण एग्री-इनपुट्स इस जलमार्ग के जरिए ही निर्यात होते हैं। खासतौर पर उर्वरकों की आपूर्ति पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि दुनिया में व्यापार होने वाली लगभग आधी यूरिया की खेप खाड़ी देशों से इसी मार्ग से गुजरती है। उर्वरक उत्पादन में प्राकृतिक गैस का महत्वपूर्ण योगदान होता है, और गैस आपूर्ति में व्यवधान के कारण कई उर्वरक संयंत्रों को उत्पादन कम करना पड़ा है या बंद करना पड़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो किसानों को कम उर्वरक में उत्पादन करना पड़ेगा या फिर लागत बढ़ानी होगी, जिसका सीधा असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। इससे वैश्विक स्तर पर खाद्य महंगाई बढ़ सकती है और विशेष रूप से गरीब देशों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा, जहां खेती का समय और संसाधनों की उपलब्धता सीमित होती है।
वर्तमान संकट की जड़ ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष को माना जा रहा है। इस टकराव के चलते इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट भी गहरा गया है और तेल-गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
FAO ने स्पष्ट किया है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन “समय तेजी से निकल रहा है” और यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह इनपुट संकट एक बड़े खाद्य संकट में बदल सकता है। विशेषज्ञों ने युद्धविराम बनाए रखने और समुद्री यातायात को जल्द बहाल करने पर जोर दिया है, ताकि वैश्विक कृषि और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर खतरे को टाला जा सके।

