दुनियाभर में एक बार फिर वायरस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है. इस बार खतरे की वजह बना है हंता वायरस, जिसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने 12 देशों में सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज पर यात्रा कर रहे दो भारतीय यात्रियों में हंता वायरस जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं. हालांकि अभी तक बड़े स्तर पर संक्रमण फैलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे हल्के में लेने के खिलाफ चेतावनी दे रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय सामने आया जब क्रूज पर मौजूद कुछ यात्रियों को तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी की शिकायत हुई. मेडिकल जांच के दौरान दो भारतीय यात्रियों समेत कई लोगों के सैंपल लिए गए. शुरुआती जांच में हंता वायरस संक्रमण की आशंका जताई गई, जिसके बाद जहाज को निगरानी में रखा गया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने संपर्क में आए यात्रियों की पहचान शुरू कर दी है.
हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों और दूसरे संक्रमित कृन्तकों के जरिए फैलता है. इनके मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस सामान्य फ्लू की तरह शुरू होता है, लेकिन गंभीर मामलों में फेफड़ों और किडनी पर असर डाल सकता है. कई मामलों में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है.
WHO ने जिन 12 देशों को अलर्ट जारी किया है, उनमें एशिया, यूरोप और अमेरिका के कुछ देश शामिल बताए जा रहे हैं. संगठन ने सभी देशों को एयरपोर्ट, समुद्री बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है. साथ ही संदिग्ध मामलों की तुरंत जांच और आइसोलेशन सुनिश्चित करने को कहा गया है.
हालांकि विशेषज्ञ यह भी साफ कर रहे हैं कि हंता वायरस कोरोना वायरस की तरह तेजी से इंसान से इंसान में नहीं फैलता. यही वजह है कि फिलहाल इसे कोविड जैसी वैश्विक महामारी मानना जल्दबाजी होगी. फिर भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता जरूरी मानी जा रही है.
भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी राज्यों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट तुरंत साझा करने और जरूरी मेडिकल तैयारी रखने को कहा गया है. डॉक्टरों ने लोगों को साफ-सफाई रखने, चूहों से दूरी बनाने और किसी भी असामान्य बुखार या सांस की समस्या होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद दुनिया अब किसी भी नए वायरस को लेकर ज्यादा सतर्क हो चुकी है. यही कारण है कि WHO शुरुआती स्तर पर ही निगरानी और नियंत्रण पर जोर दे रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से पहले रोका जा सके.

