भारतीय सहकारिता क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया प्रतिनिधित्व मिला है। IFFCO Chairman Dileep Sanghani को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस यानी International Cooperative Alliance (ICA) के ग्लोबल बोर्ड में At-Large Director के रूप में निर्वाचित किया गया है। चुनाव 15 सितंबर 2026 को पनामा में आयोजित ICA की जनरल असेंबली के दौरान हुआ। ICA के अनुसार नए ग्लोबल बोर्ड का कार्यकाल 2026 से 2030 तक रहेगा।
ICA की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस चुनाव में 15 At-Large Directors चुने गए। दिलीप संघाणी इन नए निदेशकों में शामिल हैं। उनके साथ कनाडा, चीन, जापान, तुर्किये और अन्य देशों के सहकारी प्रतिनिधि भी बोर्ड में निर्वाचित हुए हैं। इस चुनाव के बाद भारत को वैश्विक सहकारी संगठन के प्रमुख गवर्नेंस मंच पर प्रतिनिधित्व मिला है।

पनामा में हुआ ICA Global Board Election 2026
International Cooperative Alliance Global Board Election 2026 पनामा में ICA General Assembly के दौरान आयोजित किया गया। ICA के अनुसार जनरल असेंबली में 66 देशों के 193 सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 116 मतदाता शामिल हुए। चुनाव में 15 At-Large Director पदों के लिए मतदान हुआ।
ICA ने चुनाव से पहले बताया था कि ग्लोबल बोर्ड में कुल 30 सीटें होती हैं। इनमें अध्यक्ष, चार क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, आठ सेक्टोरल संगठनों के प्रतिनिधि, Youth Committee और Gender Equality Committee के अध्यक्ष तथा सदस्यों द्वारा चुने जाने वाले 15 At-Large Directors शामिल हैं।दिलीप संघाणी का ICA Global Board Director के रूप में चुनाव इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। नए बोर्ड को 2026-2030 की अवधि के लिए चुना गया है।
कौन हैं IFFCO Chairman Dileep Sanghani?
दिलीप संघाणी भारतीय सहकारिता क्षेत्र के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड यानी IFFCO के चेयरमैन हैं। इफको की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वह तीन दशकों से अधिक समय से भारतीय सहकारिता आंदोलन से जुड़े रहे हैं।
उनका अनुभव केवल सहकारिता क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वह अमरेली लोकसभा क्षेत्र का चार बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और गुजरात सरकार में कृषि, सहकारिता तथा पशुपालन जैसे विभागों से जुड़े मंत्री पदों पर भी रह चुके हैं।
दिलीप संघाणी को जनवरी 2022 में इफको का 17वां चेयरमैन चुना गया था। इससे पहले वह संगठन में वाइस चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके लंबे सहकारी और सार्वजनिक जीवन के अनुभव के कारण उनका नाम भारत के प्रमुख cooperative leaders में शामिल रहा है।
क्या है International Cooperative Alliance?
International Cooperative Alliance (ICA) वैश्विक स्तर पर सहकारी संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाला अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका Global Board संगठन के गवर्नेंस और रणनीतिक दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ICA के अनुसार बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारियों में संगठन की नीति संबंधी दिशा तय करना, वित्तीय स्थिरता की निगरानी, जोखिम प्रबंधन और ऑडिट की देखरेख तथा संगठन के लक्ष्यों के मुकाबले प्रदर्शन की समीक्षा करना शामिल है।
इस लिहाज से Dileep Sanghani elected as ICA At-Large Director केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित घटना नहीं है। इससे भारतीय सहकारिता क्षेत्र के अनुभव और मुद्दों को ICA के ग्लोबल बोर्ड में प्रस्तुत करने के लिए एक प्रत्यक्ष मंच मिलता है।
भारतीय सहकारिता आंदोलन के लिए क्या है इसका महत्व?
भारत में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, उर्वरक, डेयरी, बैंकिंग और मार्केटिंग सहित कई क्षेत्रों में सहकारी संस्थाएं सक्रिय हैं। ऐसे में India representation in International Cooperative Alliance भारत के सहकारी क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। ICA Global Board विभिन्न देशों और क्षेत्रों के सहकारी प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करता है। इस मंच पर नीतियों, सहकारी मॉडल, संस्थागत गवर्नेंस और वैश्विक स्तर पर सहकारी संस्थाओं के सामने मौजूद चुनौतियों पर चर्चा होती है।
दिलीप संघाणी के बोर्ड में शामिल होने से भारतीय सहकारी संस्थाओं के अनुभव, विशेष रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सहकारी मॉडल, अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्चाओं में सामने रखने का अवसर बढ़ेगा।

IFFCO और किसानों से जुड़ा संघाणी का अनुभव
इफको भारत की प्रमुख किसान-आधारित सहकारी संस्थाओं में से एक है। संगठन उर्वरक और कृषि से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करता है। IFFCO Chairman Dileep Sanghani के रूप में संघाणी किसानों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर संगठन का नेतृत्व करते रहे हैं।
IFFCO के अनुसार संघाणी NAFED, NCUI और GUJCOMASOL जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सहकारी संस्थाओं में भी प्रमुख जिम्मेदारियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनका ICA Global Board में पहुंचना भारत के कृषि सहकारी क्षेत्र और वैश्विक सहकारिता के बीच संवाद बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है।
ICA Global Board में क्या होगी भूमिका?
ICA का ग्लोबल बोर्ड संगठन की गवर्नेंस संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बोर्ड नीति की दिशा और संगठनात्मक प्राथमिकताओं की निगरानी करने के साथ वित्तीय स्थिरता, जोखिम और प्रदर्शन जैसे विषयों पर भी जिम्मेदारी निभाता है।
इसलिए Dileep Sanghani ICA Global Board Director के रूप में वैश्विक सहकारी क्षेत्र से जुड़े निर्णयों और चर्चाओं में हिस्सा ले सकेंगे। साथ ही भारतीय सहकारी संस्थाओं के अनुभव और दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने रखने का अवसर भी होगा।
2026 से 2030 तक रहेगा नए बोर्ड का कार्यकाल
ICA ने नए ग्लोबल बोर्ड को 2026-2030 mandate के लिए चुना है। इसी जनरल असेंबली में डॉ. एरियल गुआर्को को निर्विरोध ICA President चुना गया, जबकि 15 At-Large Directors का चुनाव सदस्यों द्वारा किया गया। ICA के मुताबिक निर्वाचित At-Large Directors में कुछ पुराने बोर्ड सदस्य हैं, जबकि कई सदस्य पहली बार ग्लोबल बोर्ड में पहुंचे हैं। दिलीप संघाणी नए निदेशकों में शामिल हैं।
वैश्विक सहकारिता में भारत को मिला नया मंच
IFFCO Chairman Dileep Sanghani elected to ICA Global Board की खबर भारतीय सहकारिता क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उनका 2026-2030 के लिए ICA Global Board में At-Large Director चुना जाना भारतीय सहकारी संस्थाओं को वैश्विक मंच पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा करने का एक अतिरिक्त अवसर देता है।आने वाले वर्षों में ICA के मंच पर कृषि सहकारिता, ग्रामीण विकास, सहकारी गवर्नेंस, तकनीकी नवाचार और टिकाऊ विकास जैसे विषय महत्वपूर्ण बने रहने की संभावना है। ऐसे में भारत का प्रतिनिधित्व इन चर्चाओं में देश के सहकारी क्षेत्र के अनुभव को सामने रखने में भूमिका निभा सकता है।
दिलीप संघाणी का चुनाव यह भी दिखाता है कि भारतीय सहकारिता आंदोलन अब केवल घरेलू स्तर की गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक cooperative dialogue में भी उसकी भागीदारी बढ़ रही है।
