भारत में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, टिकाऊ और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप की भूमिका लगातार बढ़ रही है। खेती की बढ़ती लागत, मिट्टी की घटती उर्वरता, कीटों का प्रकोप, अनियमित मौसम और कृषि श्रमिकों की उपलब्धता जैसी चुनौतियों के बीच अब Artificial Intelligence (AI), Internet of Things (IoT), Machine Learning और Electric Mechanisation जैसी तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी दिशा में काम कर रही IIT कानपुर से इनक्यूबेटेड Deep-Tech Agritech कंपनी ScaNxt Scientific Technologies Pvt. Ltd. ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
कंपनी ने घोषणा की है कि उसे Zerodha की निवेश इकाई Rainmatter, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) और भारतीय निर्यात-आयात बैंक (Exim Bank) से निवेश प्राप्त हुआ है। Rainmatter के नेतृत्व में हुए इस निवेश में शामिल राशि का खुलासा नहीं किया गया है। इस पूंजी निवेश से कंपनी को अपने Climate-Smart Agriculture Solutions, AI-Powered Pest Detection, Soil Health Technology और Electric Farm Mechanisation से जुड़े कारोबार को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
यह निवेश केवल एक Agritech Startup के व्यावसायिक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि भारत में विकसित स्वदेशी कृषि तकनीकों को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
छोटे और सीमांत किसानों के लिए विकसित होंगी नई कृषि तकनीकें
ScaNxt का मुख्य उद्देश्य ऐसी तकनीकों का विकास करना है, जिन्हें छोटे और सीमांत किसान भी आसानी से इस्तेमाल कर सकें। भारतीय कृषि व्यवस्था में छोटे किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आधुनिक तकनीकों की लागत और उनकी उपलब्धता है। कई बार किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति, फसल में लगने वाले कीटों और पोषक तत्वों की कमी की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। इसके कारण उर्वरकों और कीटनाशकों का अनावश्यक इस्तेमाल होता है, जिससे खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
ScaNxt इन समस्याओं के समाधान के लिए Hardware, Artificial Intelligence, Machine Learning और IoT आधारित तकनीकों को एक साथ जोड़कर काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, नए निवेश का इस्तेमाल Product Development, Research and Development (R&D), Distribution Network और Channel Partners के विस्तार में किया जाएगा।
इसके साथ ही कंपनी अपनी तकनीकों की पहुंच भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजारों तक बढ़ाने की योजना बना रही है। इसका विशेष ध्यान ऐसी तकनीकों पर रहेगा, जो किसानों की उत्पादन लागत कम करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और खेती को Climate Resilient बनाने में मदद कर सकें।
Bhu-Parikshak: बिना रसायन मिट्टी की जांच करने वाली तकनीक
ScaNxt का प्रमुख उत्पाद Bhu-Parikshak है, जो Chemical-Free Soil Testing की सुविधा प्रदान करता है। इस तकनीक में Near-Infrared (NIR) Spectroscopy और Machine Learning का इस्तेमाल किया जाता है।
परंपरागत तरीके से मिट्टी की जांच के लिए किसानों को खेत से मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं। कई क्षेत्रों में किसानों को Soil Testing Laboratories तक पहुंचने में भी परेशानी होती है। इसके कारण किसान अक्सर मिट्टी की वास्तविक पोषक स्थिति जाने बिना ही खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करते रहते हैं।
Bhu-Parikshak इस प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास करता है। इसमें Near-Infrared Spectroscopy के माध्यम से मिट्टी से प्राप्त स्पेक्ट्रल जानकारी का विश्लेषण किया जाता है। इसके बाद Machine Learning Algorithms की सहायता से मिट्टी की स्थिति का आकलन किया जाता है।
इस तरह की तकनीक किसानों को मिट्टी की जांच के लिए अधिक सुलभ विकल्प उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इससे Soil Health Management, Nutrient Management और Precision Agriculture को बढ़ावा मिल सकता है।
मिट्टी की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों का प्रबंधन करने से उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल को प्रोत्साहन मिलता है। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक सेहत को बनाए रखना भी है।
विशेष रूप से छोटे किसानों के लिए ऐसी तकनीक उपयोगी हो सकती है, जिन्हें समय पर और किफायती तरीके से मिट्टी की जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता होती है।
AI और Machine Learning से होगी फसलों में कीटों की पहचान
मिट्टी की जांच के अलावा ScaNxt फसलों में कीटों की पहचान और उनके प्रबंधन के लिए भी आधुनिक तकनीक विकसित कर रही है। कंपनी की पेटेंटेड Detect Technology और AgroLens Platform इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कृषि क्षेत्र में कीटों और रोगों के कारण किसानों को हर साल उत्पादन और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। कई बार किसान फसल में शुरुआती स्तर पर दिखाई देने वाले लक्षणों की सही पहचान नहीं कर पाते। परिणामस्वरूप कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है और बाद में नियंत्रण के लिए अधिक मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
ScaNxt की Detect Technology और AgroLens Platform का उद्देश्य AI-Powered Real-Time Pest Detection और Crop Advisory उपलब्ध कराना है। इन तकनीकों के माध्यम से फसलों में मौजूद कीटों की पहचान और किसानों को आवश्यक कृषि सलाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
Artificial Intelligence और Machine Learning आधारित सिस्टम कृषि से संबंधित डेटा का विश्लेषण करके किसानों को निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं। इससे Pest Monitoring और Crop Protection की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाएं बढ़ती हैं।
यदि किसानों को समय पर कीटों की पहचान और उचित प्रबंधन संबंधी सलाह मिलती है, तो अनावश्यक कीटनाशक छिड़काव को कम करने, फसल की सुरक्षा करने और उत्पादन लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
आज के समय में Sustainable Agriculture और Integrated Pest Management (IPM) को बढ़ावा देने के लिए ऐसी तकनीकों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
Electric Farm Mechanisation से कम होगी खेती में डीजल पर निर्भरता
ScaNxt का काम केवल Digital Agriculture और AI आधारित समाधानों तक सीमित नहीं है। कंपनी Affordable Precision Agriculture को बढ़ावा देने के लिए Indigenous Electric Farm Mechanisation पर भी काम कर रही है।
भारत में कृषि यंत्रीकरण का विस्तार हो रहा है, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए महंगी मशीनें खरीदना हमेशा आसान नहीं होता। इसके अलावा डीजल की बढ़ती कीमतें और कृषि कार्यों में ऊर्जा की लागत किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है।
ऐसे में Electric Farm Mechanisation किसानों को वैकल्पिक और संभावित रूप से किफायती तकनीकी समाधान उपलब्ध करा सकता है। इलेक्ट्रिक मशीनों के इस्तेमाल से कृषि कार्यों में जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा आधारित तकनीकों को बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं।
कंपनी का उद्देश्य स्वदेशी तकनीक के माध्यम से ऐसे कृषि उपकरण विकसित करना है, जो किसानों की जरूरतों के अनुरूप हों और जिनका संचालन अपेक्षाकृत आसान हो।
इस क्षेत्र में Electric Vehicles (EV) और कृषि यंत्रीकरण का संयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विशेष रूप से छोटे खेतों में उपयोग होने वाले उपकरणों, कृषि कार्यों और ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक तकनीक का विकास किया जा रहा है।
इसके अलावा कंपनी Smart Solar Drying Solutions पर भी काम कर रही है। फसल कटाई के बाद उपज को सुरक्षित रखना और उसकी गुणवत्ता बनाए रखना किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है। विशेष रूप से फल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों में Post-Harvest Losses के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान होता है।
Solar Drying Technology के माध्यम से कृषि उत्पादों को सौर ऊर्जा की मदद से सुखाने और उनके भंडारण की क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। इससे Post-Harvest Processing को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ कृषि उत्पादों के Value Addition में भी मदद मिल सकती है।
90 हजार किसानों और 200 से अधिक B2B ग्राहकों तक पहुंच
ScaNxt ने अपने कारोबारी और तकनीकी विस्तार के दौरान महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी के अनुसार, अब तक उसके प्लेटफॉर्म पर करीब 90,000 किसान पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा कंपनी 21 से अधिक राज्यों में 200 से ज्यादा Business-to-Business (B2B) ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही है।
यह नेटवर्क कंपनी के लिए अपनी तकनीकों को व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचाने का आधार तैयार करता है। कृषि क्षेत्र में किसी भी नई तकनीक की सफलता केवल उसके वैज्ञानिक विकास पर निर्भर नहीं करती, बल्कि किसानों द्वारा उसे अपनाने, उसकी उपयोगिता और बाजार में उसकी उपलब्धता पर भी निर्भर करती है।
इस लिहाज से 90 हजार किसानों का पंजीकरण और 200 से अधिक B2B ग्राहकों के साथ काम करना कंपनी की पहुंच को दर्शाता है। इसके साथ ही ScaNxt अपनी International Presence का भी विस्तार कर रही है।
नए निवेश से कंपनी को अपने Distribution Network और Channel Partner Ecosystem को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि उपकरणों, Soil Testing Solutions और AI आधारित कृषि सेवाओं को अधिक क्षेत्रों में उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
राजत वर्धन बोले- छोटे किसानों के लिए Climate-Smart Solutions विकसित करना प्राथमिकता
ScaNxt के Founder और CEO राजत वर्धन ने Rainmatter, SIDBI और Exim Bank के साथ साझेदारी को कंपनी के काम की महत्वपूर्ण मान्यता बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी लंबे समय से भारत के छोटे किसानों के लिए Climate-Smart और Technology-Driven Solutions विकसित करने पर काम कर रही है। ऐसे में Rainmatter, SIDBI और Exim Bank का निवेश कंपनी के प्रयासों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राजत वर्धन के अनुसार, Deep-Tech Agritech के क्षेत्र में लंबे समय के नजरिये और धैर्यपूर्ण निवेश की आवश्यकता होती है। इस तरह की तकनीकों को विकसित करने, उनका परीक्षण करने और किसानों के बीच व्यावसायिक स्तर पर स्थापित करने में समय लगता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य Precision Agriculture को किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। नए निवेश के सहयोग से ScaNxt अपने तकनीकी समाधानों का विस्तार करने और कृषि क्षेत्र में अपने प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
FIRST, IIT कानपुर ने स्वदेशी तकनीक के व्यावसायिक विस्तार को बताया अहम
FIRST, IIT Kanpur के CEO डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री ने ScaNxt की यात्रा को Research-Led Innovation से एक Diversified Agritech Enterprise के रूप में विकसित होने का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी नवाचार की वास्तविक सफलता केवल तकनीकी स्तर पर उसकी उपयोगिता साबित करने में नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक व्यावसायिक रूप से प्रासंगिक बनाने में है।
उनके अनुसार, ScaNxt ने अनुसंधान आधारित तकनीक को व्यावसायिक कृषि समाधानों में बदलने की दिशा में प्रगति की है। कंपनी का बढ़ता राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क इस बदलाव को दर्शाता है।
डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि निवेशकों की ओर से मिला समर्थन Technology, Capital और Markets के बीच मजबूत संबंध विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने ScaNxt की इस यात्रा पर गर्व व्यक्त किया।
FIRST यानी Foundation for Innovation & Research in Science & Technology, IIT कानपुर द्वारा स्थापित Section 8 Company है। यह संस्थान IIT कानपुर की Technology Business Incubation गतिविधियों को आगे बढ़ाने और Deep-Tech Startups को अनुसंधान से व्यावसायिक स्तर तक पहुंचाने में सहायता करता है।
Rainmatter ने Soil Health और Rural Decarbonisation को बताया महत्वपूर्ण क्षेत्र
Rainmatter by Zerodha के Lead, Climate and Deeptech अभिनव सिंह नेगी ने कहा कि मिट्टी का क्षरण और कीटों के कारण फसलों को होने वाला अप्रत्याशित नुकसान भारतीय किसानों के सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
उन्होंने बताया कि ScaNxt इन समस्याओं के समाधान के लिए उन्नत तकनीक को सीधे खेतों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। कंपनी Chemical-Free Soil Testing, AI-Powered Real-Time Pest Detection और Affordable Electric Farm Mechanisation जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है।
अभिनव सिंह नेगी के अनुसार, Rainmatter ने ScaNxt के साथ इसलिए साझेदारी की है, क्योंकि कंपनी केवल Software Solutions विकसित नहीं कर रही, बल्कि Hardware, AI और Engineering को एक साथ जोड़कर कृषि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान तलाश रही है।
उन्होंने ScaNxt के संस्थापक राजत वर्धन और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि IIT कानपुर में विकसित Deep-Tech Research को 90 हजार किसानों तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने यह भी कहा कि Soil Health और Rural Decarbonisation के लिए कंपनी का दीर्घकालिक दृष्टिकोण Rainmatter के निवेश संबंधी उद्देश्यों के अनुरूप है।
Exim Bank को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दिख रही संभावनाएं
Exim Bank के Ubharte Sitaare Programme का नेतृत्व कर रहे जनरल मैनेजर शैलेश प्रसाद ने ScaNxt की तकनीकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि कंपनी की मजबूत Technology Foundation, बढ़ती International Presence और Scalable Agritech Solutions विकसित करने पर ध्यान देने से भविष्य में निर्यात के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
उनके अनुसार, Exim Bank स्वदेशी और Climate-Smart Technologies को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने तथा भारत के Agri-Tech Exports को मजबूत करने की दिशा में काफी संभावनाएं देखता है।
यह पहल भारत में विकसित कृषि तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के व्यापक लक्ष्य से भी जुड़ी है। भारतीय कृषि तकनीक कंपनियों के लिए वैश्विक बाजारों में विस्तार से नए कारोबारी अवसर पैदा हो सकते हैं।
SIDBI की भागीदारी से MSME और Agritech Ecosystem को मिलेगा समर्थन
इस निवेश में Small Industries Development Bank of India (SIDBI) की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। SIDBI भारत में Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) क्षेत्र के विकास, वित्तपोषण और प्रोत्साहन के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान है।
कृषि क्षेत्र में काम करने वाले Deep-Tech Startups को अनुसंधान, उत्पाद विकास, तकनीकी परीक्षण और बाजार विस्तार के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है। ऐसे में वित्तीय संस्थानों की भागीदारी इन कंपनियों के विकास को गति देने में सहायक हो सकती है।
ScaNxt को मिले इस निवेश में SIDBI की भागीदारी स्वदेशी तकनीक और कृषि आधारित उद्यमों के लिए वित्तीय सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करती है।
Climate-Smart Agriculture के विकास में अहम हो सकती है Deep-Tech की भूमिका
जलवायु परिवर्तन के कारण भारतीय कृषि के सामने कई नई चुनौतियां उभर रही हैं। अनियमित वर्षा, तापमान में वृद्धि, सूखा, बाढ़, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट और कीटों के बदलते प्रकोप का सीधा असर किसानों की आय और उत्पादन पर पड़ता है।
ऐसे समय में Climate-Smart Agriculture की अवधारणा महत्वपूर्ण हो जाती है। इसका उद्देश्य ऐसी कृषि पद्धतियों और तकनीकों को बढ़ावा देना है, जो उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और कृषि क्षेत्र के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद करें।
Precision Agriculture, AI-Based Crop Monitoring, Soil Health Management, Electric Farm Equipment और Solar-Powered Post-Harvest Solutions इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ScaNxt का तकनीकी पोर्टफोलियो इन्हीं क्षेत्रों को जोड़ता है। कंपनी मिट्टी की जांच से लेकर कीटों की पहचान, फसल सलाह, इलेक्ट्रिक कृषि यंत्रीकरण और कटाई के बाद कृषि उत्पादों के प्रबंधन तक विभिन्न स्तरों पर समाधान विकसित कर रही है।
हालांकि, इन तकनीकों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसान इन्हें कितनी आसानी से अपना पाते हैं, इनकी लागत कितनी किफायती रहती है और ये खेती की उत्पादकता तथा किसानों की शुद्ध आय में कितना योगदान देती हैं।
कुल मिलाकर, Rainmatter, SIDBI और Exim Bank से मिला निवेश ScaNxt के लिए अपने स्वदेशी Deep-Tech Agritech Solutions को बड़े स्तर पर विकसित करने का अवसर है। कंपनी का लक्ष्य भारत के छोटे और सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने के साथ-साथ भारतीय नवाचार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करना है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AI, Electric Mechanisation और Soil Health आधारित ये समाधान भारतीय खेती को अधिक टिकाऊ, किफायती और जलवायु के अनुकूल बनाने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

