भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का युवा कार्यक्रम विभाग 20 और 21 मई 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स युवा उद्यमिता कार्य समूह (BRICS Youth Entrepreneurship Working Group) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और सतत विकास के केंद्र में रखकर वैश्विक सहयोग को मजबूत किया जा रहा है।
इस दो दिवसीय बैठक का आयोजन “सुदृढ़ता, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” विषय के अंतर्गत किया जाएगा। कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य देशों के युवा उद्यमी, नीति निर्माता, सरकारी प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह मंच युवाओं को अपने विचार साझा करने, उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान करेगा।
भारत लंबे समय से युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति मानता रहा है। देश की बढ़ती युवा आबादी को देखते हुए सरकार लगातार ऐसे मंच तैयार कर रही है, जहां युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर सकें। इंदौर में होने वाली यह बैठक भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। ब्रिक्स देशों के बीच यह संवाद न केवल आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देगा बल्कि सामाजिक और तकनीकी विकास के नए अवसर भी पैदा करेगा।
कार्यक्रम को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। अपने संबोधन में वे युवाओं की भूमिका, उद्यमिता के बदलते स्वरूप और वैश्विक साझेदारी के महत्व पर विचार रखेंगे। वहीं, उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री Raksha Khadse करेंगी। वे कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगी और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालेंगी।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Vishvas Kailash Sarang तथा युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव Pallavi Jain Govil भी अपने विचार व्यक्त करेंगी। उनके संबोधन में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहने की संभावना है।
बैठक के दौरान कई संरचित चर्चाएं, संवादात्मक सत्र और सहयोगात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन सत्रों का उद्देश्य ब्रिक्स देशों में युवा नेतृत्व वाले उद्यमशीलता इकोसिस्टम को मजबूत करना है। कार्यक्रम में डिजिटल नवाचार, समावेशी विकास, हरित अर्थव्यवस्था, सामाजिक उद्यमिता और सतत विकास जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही प्रतिभागियों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और नई साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। डिजिटल तकनीक और स्टार्टअप संस्कृति ने युवाओं को नए अवसर प्रदान किए हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग से नवाचार आधारित उद्यमों को वैश्विक स्तर पर नई दिशा मिल सकती है।
भारत की ओर से इस बैठक में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप हब में शामिल हो चुका है। इस अनुभव को ब्रिक्स देशों के साथ साझा करना भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाता है।
बैठक में शामिल युवा उद्यमियों को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशने का मौका मिलेगा। इसमें टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप, कृषि उद्यमिता, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सामाजिक नवाचार जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं द्वारा संचालित उद्यम भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
यह बैठक केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका उद्देश्य दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करना भी है। ब्रिक्स देशों के बीच साझा रणनीतियां विकसित करने से युवा उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने, निवेश आकर्षित करने और नई तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार सृजन और आर्थिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
इंदौर को इस आयोजन के लिए चुना जाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश का यह शहर तेजी से उभरते स्टार्टअप और नवाचार केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। स्वच्छता, स्मार्ट सिटी मॉडल और उद्यमिता के क्षेत्र में इंदौर की उपलब्धियां इसे ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान बनाती हैं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान आयोजित यह पहल युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह बैठक न केवल युवा उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, बल्कि ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक साझेदारी को भी और मजबूत करेगी। आने वाले समय में इस तरह के सहयोग वैश्विक स्तर पर नवाचार आधारित विकास और सतत प्रगति के नए अध्याय लिख सकते हैं।

