ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित IndiaSkills National Competition 2025–26 का भव्य समापन हो गया। Ministry of Skill Development and Entrepreneurship के तत्वावधान और National Skill Development Corporation के सहयोग से आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने देश के युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता में देशभर से 63 विभिन्न कौशल श्रेणियों में 650 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में कुल 288 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 63 स्वर्ण, 64 रजत, 68 कांस्य और 93 उत्कृष्टता पदक शामिल रहे। खास बात यह रही कि 45 महिला प्रतिभागियों ने भी पदक जीतकर कौशल विकास में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि आज का समय युवाओं के लिए सपने देखने और उन्हें साकार करने का सबसे बेहतरीन दौर है। उन्होंने जोर दिया कि कौशल और शिक्षा का समन्वय ही भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, जिससे युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके।
प्रतियोगिता में ओडिशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 57 पदक हासिल किए, जबकि तमिलनाडु 46 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता न केवल प्रतिस्पर्धा का मंच बनी, बल्कि विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर भी प्रदान किया।
इंडियास्किल्स में क्लाउड कंप्यूटिंग, वेब टेक्नोलॉजी, मोबाइल ऐप डेवलपमेंट और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों के साथ-साथ वेल्डिंग, फ्लोरिस्ट्री, फैशन और ब्यूटी थेरेपी जैसे पारंपरिक कौशल भी शामिल रहे। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में कौशल विकास का दायरा तेजी से विस्तृत हो रहा है।
इस प्रतियोगिता की एक खास उपलब्धि यह रही कि इसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3.65 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। यह संख्या इस बात का संकेत है कि देश के युवाओं में कौशल को करियर के रूप में अपनाने की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
प्रतियोगिता के विजेता अब WorldSkills Shanghai 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा, वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया, जिससे भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिली।
इस आयोजन में उद्योग जगत की भी सक्रिय भागीदारी रही। 200 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने इसमें सहयोग किया, जिससे प्रतिभागियों को उद्योग के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और मूल्यांकन मिला। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलने की संभावना भी बढ़ी है।
कुल मिलाकर, इंडियास्किल्स 2025–26 का सफल आयोजन भारत के कौशल विकास इकोसिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। यह प्रतियोगिता न केवल युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलती है, बल्कि देश को “कौशल भारत” और “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य की ओर भी तेजी से आगे बढ़ाती है।

