֍:क्या काम करेगी सैटेलाइट?§ֆ:जीएसएलवी GSLV-F15 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया यह नेविगेशन सैटेलाइट (NVS-02) परिवहन में उचित ट्रैकिंग और मार्गदर्शन में मदद करेगा। हवाई और समुद्री यातायात को कुशलतापूर्वक ट्रैक करेगा। वहीं, सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए सुरक्षित, स्थानीय नेविगेशन होने से रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा।
भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1,500 किलोमीटर आगे के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं (यूजर्स) को सटीक स्थिति, गति और समय की जानकारी प्रदान करेगी। नवीएस-02, एनवीएस को नेविगेशन सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है।
§इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रॉकेट लॉचिंग का शतक लगा दिया है। इसरो ने जीएसएलवी GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट (NVS-02) को बुधवार को लॉन्च किया। नाविक के तहत दूसरी पीढ़ी के पांच उपग्रह शामिल हैं। इससे पहले 29 मई 2023 को एनवीएस-01 को जीएसएलवी-एफ12 के जरिये लांच किया गया था।

