देश में बंदरगाह आधारित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुजरात स्थित दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण में एक अहम कनेक्टिविटी परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत एलसी-235 पर 132.51 करोड़ रुपये की लागत से रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण किया जाएगा।
यह परियोजना देश में लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और बंदरगाहों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक पहल मानी जा रही है। इससे कांडला पोर्ट पर कार्गो की आवाजाही अधिक सुगम और तेज हो सकेगी।
मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को मिलेगा नया आयाम
यह परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति के तहत लागू की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य देश में एकीकृत और कुशल मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी विकसित करना है, जिससे परिवहन लागत कम हो और व्यापार को गति मिले।
वर्तमान में इस परियोजना का निर्माण कार्य पश्चिम रेलवे द्वारा ‘डिपॉजिट बेसिस’ पर किया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद रेल क्रॉसिंग पर रुकावट समाप्त हो जाएगी और माल ढुलाई की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा।
भीड़भाड़ कम, कार्गो निकासी होगी तेज
प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज कांडला पोर्ट की मौजूदा लॉजिस्टिक चुनौतियों को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगा। अभी रेल क्रॉसिंग के कारण ट्रकों और मालगाड़ियों की आवाजाही बाधित होती है, जिससे देरी और अतिरिक्त लागत बढ़ती है।
नई परियोजना के जरिए इन बाधाओं को खत्म कर निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। इससे बंदरगाह पर भीड़भाड़ कम होगी और कार्गो की तेजी से निकासी संभव हो सकेगी। साथ ही, यह देश की सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाने में भी सहायक होगा।
वैश्विक नौवहन केंद्र बनने की दिशा में कदम
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक और कुशल पोर्ट कनेक्टिविटी विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि विश्व-स्तरीय बंदरगाह अवसंरचना के निर्माण से भारत को एक वैश्विक नौवहन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल व्यापार को गति मिलेगी, बल्कि सुरक्षा और संचालन दक्षता भी बढ़ेगी।
बेहतर समन्वय के लिए डिजिटल पहल
सरकार ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को अपनी परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मैप करने के निर्देश दिए हैं। इससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
यह पहल देश में एकीकृत बुनियादी ढांचा विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आर्थिक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन
इस परियोजना के पूरा होने के बाद कांडला पोर्ट की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। तेज और कुशल लॉजिस्टिक्स प्रणाली से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, 132.51 करोड़ रुपये की यह कनेक्टिविटी परियोजना भारत के बंदरगाह ढांचे को आधुनिक बनाने, लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

