देश की प्रमुख Tractor Manufacturing Companies में शामिल महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड (Mahindra & Mahindra Ltd.) के Farm Equipment Business (FEB) ने अक्टूबर 2026 के ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अक्टूबर महीने में घरेलू बाजार और निर्यात को मिलाकर कुल 64,846 ट्रैक्टरों की बिक्री की है। हालांकि, पिछले साल के समान महीने की तुलना में कंपनी की कुल बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इस दौरान घरेलू बाजार में बिक्री कम रहने के बावजूद निर्यात कारोबार में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अक्टूबर 2026 में महिंद्रा के ट्रैक्टर निर्यात में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में घरेलू बाजार में कुल 62,626 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 72,071 यूनिट था। इस तरह Domestic Tractor Sales में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की गिरावट आई है। दूसरी ओर, निर्यात बाजार में कंपनी ने 2,220 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जबकि पिछले वर्ष अक्टूबर में यह संख्या 1,589 यूनिट थी। इस प्रकार कंपनी के Export Business में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
महिंद्रा के अनुसार, घरेलू बाजार में बिक्री में आई कमी का प्रमुख कारण इस वर्ष त्योहारों के कैलेंडर में बदलाव रहा। पिछले साल अक्टूबर महीने में दिवाली का त्योहार मनाया गया था, जबकि वर्ष 2026 में दिवाली नवंबर में पड़ रही है। कंपनी का मानना है कि त्योहारों के समय में बदलाव का असर अक्टूबर महीने की ट्रैक्टर बिक्री पर पड़ा है।
घरेलू बाजार में महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री 62,626 यूनिट
भारत दुनिया के सबसे बड़े Tractor Markets में शामिल है। यहां कृषि कार्यों के मशीनीकरण, किसानों की आय, फसल उत्पादन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि निवेश में ट्रैक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में देश की प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों के मासिक बिक्री आंकड़े कृषि क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों और बाजार की स्थिति को समझने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अक्टूबर 2026 में भारतीय बाजार में 62,626 ट्रैक्टर बेचे। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने घरेलू बाजार में 72,071 ट्रैक्टरों की बिक्री की थी। इस प्रकार एक साल के भीतर कंपनी की घरेलू बिक्री में 9,445 यूनिट की कमी आई है।
प्रतिशत के आधार पर देखें तो घरेलू बिक्री में 13 प्रतिशत की Year-on-Year (YoY) गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस एक महीने के आंकड़े को कंपनी के पूरे वित्त वर्ष के प्रदर्शन का संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि त्योहारों की तारीखों में बदलाव का सीधा प्रभाव ग्रामीण बाजार में खरीदारी के समय पर पड़ सकता है।
भारत में ट्रैक्टर खरीदने का निर्णय केवल कृषि कार्यों की जरूरत पर निर्भर नहीं करता, बल्कि किसान की फसल बिक्री, नकदी उपलब्धता, बैंक ऋण, कृषि लागत और त्योहारों के दौरान मिलने वाले ऑफर जैसे कई कारक भी इसे प्रभावित करते हैं। विशेष रूप से खरीफ फसल की कटाई और रबी सीजन की तैयारियों के बीच ट्रैक्टरों की मांग में बदलाव देखने को मिलता है।
इस वर्ष दिवाली नवंबर में होने के कारण अक्टूबर महीने में पिछले साल की तुलना में त्योहार आधारित खरीदारी का प्रभाव कम रहा। कंपनी ने भी घरेलू बिक्री में आई गिरावट के पीछे मुख्य वजह यही बताई है।
निर्यात कारोबार में 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि
अक्टूबर 2026 में महिंद्रा के लिए निर्यात बाजार से सकारात्मक खबर सामने आई। कंपनी ने इस महीने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 2,220 ट्रैक्टरों का निर्यात किया, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 1,589 यूनिट था।
इस प्रकार कंपनी के निर्यात कारोबार में 631 ट्रैक्टरों की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशत के लिहाज से यह 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि महिंद्रा के ट्रैक्टरों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बनी हुई है। कंपनी भारतीय कृषि परिस्थितियों के अनुरूप ट्रैक्टरों के निर्माण के साथ-साथ अलग-अलग देशों की कृषि जरूरतों और बाजार की मांग के अनुसार अपने उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में Tractor Demand का संबंध कृषि मशीनीकरण, खेती के आकार, किसानों की क्रय शक्ति, सरकारी कृषि नीतियों और कृषि उपकरणों की उपलब्धता से होता है। कई विकासशील देशों में छोटे और मध्यम किसानों के बीच किफायती तथा बहुउपयोगी ट्रैक्टरों की मांग बढ़ रही है।
महिंद्रा के निर्यात में दर्ज हुई 40 प्रतिशत की वृद्धि कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, केवल एक महीने के प्रदर्शन के आधार पर निर्यात बाजार में दीर्घकालिक मांग का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। इसके लिए आने वाले महीनों के आंकड़ों पर भी नजर रखनी होगी।
कुल ट्रैक्टर बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट
अक्टूबर 2026 में महिंद्रा की Domestic और Export Sales को मिलाकर कुल ट्रैक्टर बिक्री 64,846 यूनिट रही। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने कुल 73,660 ट्रैक्टर बेचे थे।
इस तरह कंपनी की कुल बिक्री में 8,814 यूनिट की कमी दर्ज की गई है। सालाना आधार पर कुल बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि घरेलू बाजार में कंपनी की बिक्री में 13 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निर्यात बाजार में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। निर्यात में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद घरेलू बिक्री में आई कमी के कारण कंपनी की कुल मासिक बिक्री पिछले साल के स्तर तक नहीं पहुंच सकी।
कंपनी के कुल बिक्री आंकड़ों में CKD (Completely Knocked Down) यूनिट्स के निर्यात को भी शामिल किया गया है। CKD मॉडल के तहत ट्रैक्टरों को अलग-अलग हिस्सों या किट के रूप में संबंधित बाजारों में भेजा जाता है, जहां उनका असेंबल किया जा सकता है।
वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 3.38 लाख से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री
अक्टूबर महीने के आंकड़ों के साथ महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अक्टूबर तक की Cumulative Sales Performance भी जारी की है। इन आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में अब तक घरेलू और निर्यात बाजारों को मिलाकर कुल 3,38,914 ट्रैक्टरों की बिक्री की है।
पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि यानी अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक कंपनी की कुल बिक्री 3,30,685 यूनिट थी। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष में कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
यह आंकड़ा अक्टूबर महीने में आई गिरावट के बावजूद कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत देता है। इससे पता चलता है कि वित्त वर्ष के शुरुआती सात महीनों में कंपनी की कुल बिक्री पिछले साल की समान अवधि से अधिक रही है।
अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक घरेलू बिक्री में 2 प्रतिशत वृद्धि
महिंद्रा ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान भारतीय बाजार में कुल 3,25,498 ट्रैक्टर बेचे हैं। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में घरेलू बिक्री 3,19,407 यूनिट थी।
इस तरह कंपनी की घरेलू बिक्री में 6,091 यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। प्रतिशत के लिहाज से यह 2 प्रतिशत की वृद्धि है।
घरेलू बाजार में यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में ट्रैक्टरों की मांग कृषि गतिविधियों के साथ-साथ गैर-कृषि उपयोगों से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टरों का इस्तेमाल जुताई, बुवाई, परिवहन, कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने, निर्माण कार्यों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है।
ऐसे में ट्रैक्टर कंपनियों के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मांग और किसानों की निवेश क्षमता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
निर्यात कारोबार में 19 प्रतिशत की वृद्धि
अप्रैल से अक्टूबर 2026 के दौरान महिंद्रा ने कुल 13,416 ट्रैक्टरों का निर्यात किया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 11,278 ट्रैक्टरों का निर्यात किया था।
इस तरह कंपनी के निर्यात कारोबार में 2,138 यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। सालाना आधार पर यह 19 प्रतिशत की वृद्धि है।
अक्टूबर महीने में 40 प्रतिशत की वृद्धि और अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी का Export Business सकारात्मक स्थिति में रहा है।
महिंद्रा के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कंपनी को घरेलू बाजार की मांग में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच अपने कारोबार को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
महिंद्रा के अधिकारी ने क्या कहा?
महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के Farm Equipment Business के प्रेसिडेंट विजय नाकरा (Veejay Nakra) ने अक्टूबर 2026 के बिक्री प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने घरेलू बाजार में 62,626 ट्रैक्टरों की बिक्री की है।
उन्होंने बताया कि बिक्री में आई गिरावट का प्रमुख कारण त्योहारों के कैलेंडर में बदलाव है। पिछले वर्ष दिवाली अक्टूबर में थी, जबकि इस वर्ष दिवाली नवंबर में होने के कारण अक्टूबर महीने की बिक्री प्रभावित हुई।
उन्होंने निर्यात बाजार के प्रदर्शन पर जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी ने अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 2,220 ट्रैक्टरों की बिक्री की है।
उनके बयान से स्पष्ट है कि कंपनी घरेलू बिक्री में आई कमी को मुख्य रूप से त्योहारों की तारीखों में बदलाव से जोड़कर देख रही है, जबकि निर्यात बाजार में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है।
ट्रैक्टर उद्योग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है अक्टूबर का बिक्री आंकड़ा?
भारत का Tractor Industry कृषि मशीनीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश में छोटे, सीमांत और बड़े किसानों की खेती संबंधी जरूरतों के अनुसार अलग-अलग Horsepower Category के ट्रैक्टर उपलब्ध हैं।
ट्रैक्टरों की मांग में होने वाले बदलाव का संबंध केवल कृषि उत्पादन से नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और किसानों के निवेश निर्णयों से भी जुड़ा होता है।
अक्टूबर और नवंबर का समय भारतीय कृषि के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों की कटाई, रबी फसलों की बुवाई और खेतों की तैयारी का काम चलता है। गेहूं, सरसों, चना और अन्य रबी फसलों की बुवाई के लिए किसानों को ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों की जरूरत पड़ती है।
इसके अलावा, धान की कटाई और कृषि उत्पादों के परिवहन में भी ट्रैक्टरों का इस्तेमाल बढ़ जाता है।
किसानों के लिए ट्रैक्टर एक बड़ा पूंजी निवेश है। इसलिए ट्रैक्टर खरीदने से पहले किसान अपनी फसल की संभावित पैदावार, बाजार में मिलने वाले भाव, कृषि लागत और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का आकलन करते हैं।
अगर किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिलता है और ग्रामीण बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ता है, तो कृषि उपकरणों की मांग को समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत, फसल उत्पादन या कीमतों को लेकर अनिश्चितता होने पर किसान ट्रैक्टर खरीदने के फैसले को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं।
कृषि मशीनीकरण और किसानों के लिए महिंद्रा की भूमिका
भारत में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक्टरों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। खेतों की तैयारी से लेकर बुवाई, ढुलाई और कृषि से जुड़े अन्य कार्यों में ट्रैक्टर किसानों के लिए उपयोगी साधन बन चुके हैं।
विशेष रूप से मजदूरों की उपलब्धता, कृषि कार्यों को समय पर पूरा करने की जरूरत और खेती की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों के बीच कृषि मशीनों का महत्व बढ़ा है।
महिंद्रा लंबे समय से भारतीय कृषि उपकरण बाजार में सक्रिय है। कंपनी विभिन्न Horsepower Segment में ट्रैक्टर उपलब्ध कराती है। किसानों की जरूरतों के अनुसार ट्रैक्टरों में इंजन क्षमता, ईंधन दक्षता, हाइड्रोलिक लिफ्टिंग क्षमता, ट्रांसमिशन और विभिन्न कृषि उपकरणों के साथ काम करने की क्षमता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।
आज किसान ट्रैक्टर खरीदते समय केवल उसकी कीमत नहीं देखते, बल्कि Maintenance Cost, Fuel Efficiency, Resale Value, After-Sales Service और स्थानीय स्तर पर स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता जैसे पहलुओं का भी मूल्यांकन करते हैं।
कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण ट्रैक्टर उद्योग में तकनीकी सुधार, उत्पादों की विविधता और ग्राहक सेवाओं का महत्व भी बढ़ रहा है।
महिंद्रा ग्रुप की वैश्विक मौजूदगी
वर्ष 1945 में स्थापित महिंद्रा ग्रुप आज भारत के प्रमुख बहुराष्ट्रीय कारोबारी समूहों में शामिल है। कंपनी के अनुसार, समूह में 3,24,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और इसकी मौजूदगी दुनिया के 100 से अधिक देशों में है।
महिंद्रा ग्रुप की प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों में Farm Equipment, Utility Vehicles, Information Technology और Financial Services शामिल हैं। इसके अलावा समूह Renewable Energy, Agriculture, Logistics, Hospitality और Real Estate जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है।
कंपनी का कहना है कि वह ESG (Environmental, Social and Governance) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत करने, ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने और शहरी जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
महिंद्रा ग्रुप का उद्देश्य अपने कारोबार के माध्यम से समुदायों और विभिन्न Stakeholders के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। कंपनी इसे अपने ‘Rise’ विजन के साथ जोड़कर देखती है।
नवंबर में ट्रैक्टर बाजार की मांग पर रहेगी नजर
अक्टूबर 2026 के बिक्री आंकड़ों के बाद अब ट्रैक्टर उद्योग की नजर नवंबर महीने के प्रदर्शन पर रहेगी। इस वर्ष दिवाली नवंबर में होने के कारण त्योहारों से जुड़ी खरीदारी का प्रभाव अक्टूबर के बजाय नवंबर के बिक्री आंकड़ों में दिखाई दे सकता है।
इसके साथ ही रबी सीजन की तैयारियां, किसानों की फसल बिक्री से होने वाली आय, ग्रामीण बाजार में नकदी की उपलब्धता और कृषि कार्यों की गति भी ट्रैक्टरों की मांग को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे।
महिंद्रा के लिए आने वाले महीनों में घरेलू बाजार में बिक्री की गति बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा। वहीं, निर्यात बाजार में दर्ज की गई वृद्धि को आगे भी जारी रखना कंपनी की कारोबारी रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर 2026 में महिंद्रा के Farm Equipment Business का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। घरेलू बाजार में 13 प्रतिशत और कुल बिक्री में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन निर्यात कारोबार में 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि ने सकारात्मक संकेत दिए। वहीं, अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी यह बताती है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक कंपनी का प्रदर्शन पिछले वर्ष की समान अवधि से बेहतर बना हुआ है।
आने वाले महीनों में दिवाली के बाद की मांग और रबी सीजन की कृषि गतिविधियां यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी कि भारतीय ट्रैक्टर बाजार किस दिशा में आगे बढ़ता है और महिंद्रा अपनी बिक्री वृद्धि को किस स्तर तक बनाए रख पाती है।
महिंद्रा ट्रैक्टर बिक्री: अक्टूबर 2026 के प्रमुख आंकड़े
| बिक्री श्रेणी | अक्टूबर 2026 | अक्टूबर 2025 | बदलाव |
| घरेलू बिक्री | 62,626 | 72,071 | -13% |
| निर्यात | 2,220 | 1,589 | +40% |
| कुल बिक्री | 64,846 | 73,660 | -12% |
अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक की बिक्री
| बिक्री श्रेणी | FY27 | FY26 | बदलाव |
| घरेलू बिक्री | 3,25,498 | 3,19,407 | +2% |
| निर्यात | 13,416 | 11,278 | +19% |
| कुल बिक्री | 3,38,914 | 3,30,685 | +2% |
नोट: निर्यात के आंकड़ों में CKD (Completely Knocked Down) यूनिट्स शामिल हैं।
