ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 प्रदान करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल भी उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के तहत देशभर की 42 उत्कृष्ट पंचायतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार पंचायतों को बेहतर प्रशासन, जनभागीदारी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए जाते हैं।
42 पंचायतों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित इस समारोह में 34 ग्राम पंचायतों को दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP) तथा 8 पंचायतों को नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। चयनित पंचायतों ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल शासन और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
पंचायतों की सफलता की कहानियां बनेंगी प्रेरणा
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह के दौरान पुरस्कार प्राप्त पंचायतों की उपलब्धियों और नवाचारों को दस्तावेजीकृत करने वाली एक विशेष ई-पुस्तक का भी विमोचन किया जाएगा।
इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने और ग्रामीण विकास की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को साझा करने के लिए एक विशेष संकलन भी जारी किया जाएगा। मंत्रालय का मानना है कि इन सफल मॉडलों से देशभर की अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई दिशा दे सकेंगी।
पुरस्कार विजेता पंचायतें साझा करेंगी अपने अनुभव
समारोह से पहले आयोजित दो विशेष सत्रों में पुरस्कार प्राप्त पंचायतों के प्रतिनिधि अपनी सफलता की कहानियां, नवाचार और विकास मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभर से आए पंचायत प्रतिनिधियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि सीमित संसाधनों के बावजूद किस प्रकार स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रशासन और विकास कार्यों को सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायतों के बीच अनुभवों का यह आदान-प्रदान ग्रामीण विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी पहले ही दे चुके हैं विशेष श्रेणी के पुरस्कार
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की तीन विशेष श्रेणियों के अंतर्गत विजेता पंचायतों को सम्मानित किया था।
आज आयोजित समारोह में उन शेष श्रेणियों के पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं जिनका वितरण पहले नहीं हो सका था। इस प्रकार राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 की प्रक्रिया आज पूर्ण होगी।
ग्रामीण भारत के विकास में पंचायतों की बढ़ती भूमिका
पंचायती राज संस्थाएं भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की आधारशिला मानी जाती हैं। केंद्र सरकार लगातार पंचायतों को अधिक सशक्त, जवाबदेह और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रही है।
डिजिटल गवर्नेंस, ग्राम स्तरीय विकास योजनाओं, महिला भागीदारी और स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के माध्यम से पंचायतें ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार जैसी पहलें पंचायतों को नवाचार, पारदर्शिता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रहेगी मौजूदगी
आज के इस राष्ट्रीय समारोह में पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पंचायत प्रतिनिधि, नीति विशेषज्ञ और ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
समारोह में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्वशासन संस्थाओं का मनोबल बढ़ेगा और देशभर में पंचायत आधारित विकास मॉडल को और मजबूती मिलेगी।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 केवल सम्मान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में सुशासन, समावेशी विकास और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय मान्यता भी है।


