भारत सरकार ने पशुपालन और डेयरी सेक्टर में Digital Governance को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) की नई, डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (DBIM) के अनुरूप तैयार वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी Digital Brand Identity Manual 3.0 के अनुसार विकसित किया गया है।
नई वेबसाइट का उद्देश्य सरकारी सूचनाओं और सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इसके माध्यम से पशुपालक, डेयरी उद्यमी, किसान, शोधकर्ता और अन्य हितधारक पशुओं के स्वास्थ्य, पशुपालन योजनाओं, डेयरी विकास, पशु प्रबंधन तथा विभाग की विभिन्न पहलों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
डिजिटल इंडिया के विजन को मिलेगी मजबूती
वेबसाइट का शुभारंभ करते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पशुपालन और डेयरी विभाग की DBIM-अनुकूल वेबसाइट भारत सरकार की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी और सूचना प्रणाली अधिक पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के विजन के अनुरूप है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और संबंधित हितधारकों को आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े और डिजिटल माध्यम से सेवाओं का उपयोग अधिक सहज हो।
केंद्रीय मंत्री ने इस वेबसाइट को तैयार करने में योगदान देने वाली DAHD की IT टीम और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की सराहना की। उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों से नई वेबसाइट का उपयोग करने और इसमें उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील भी की।
क्या है DBIM 3.0 और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
Digital Brand Identity Manual यानी DBIM सरकारी वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकरूपता, पहचान और बेहतर User Experience सुनिश्चित करने से जुड़ा दिशा-निर्देश है। इसका उद्देश्य सरकारी डिजिटल सेवाओं को व्यवस्थित, उपयोगकर्ता-अनुकूल और अधिक सुलभ बनाना है।
पशुपालन और डेयरी विभाग की नई वेबसाइट को MeitY के DBIM Version 3.0 के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे वेबसाइट के डिजाइन, कंटेंट की प्रस्तुति और डिजिटल नेविगेशन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
आज के समय में सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए वेबसाइट एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। ऐसे में वेबसाइट का मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकना, जरूरी जानकारी को तेजी से खोज पाना और अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट उपलब्ध होना विशेष महत्व रखता है।
नई वेबसाइट इसी दिशा में काम करेगी। इसका फोकस केवल विभाग की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार सही जानकारी तक पहुंचने में मदद करना भी है।
नई वेबसाइट में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं
DAHD की नई वेबसाइट में कई ऐसे फीचर्स शामिल किए गए हैं, जो उपयोगकर्ताओं के लिए जानकारी प्राप्त करना आसान बना सकते हैं।
- उन्नत सर्च सुविधा
वेबसाइट में Advanced Search की सुविधा दी गई है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता विभाग की योजनाओं, दिशा-निर्देशों, संसाधनों और अन्य जरूरी सूचनाओं को अधिक आसानी से खोज सकेंगे। इससे अलग-अलग पेजों पर जाकर जानकारी तलाशने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है।
- भाषिणी के माध्यम से बहुभाषी सहायता
वेबसाइट में ‘भाषिणी’ के जरिए कई भाषाओं के समर्थन की सुविधा शामिल है। भारत जैसे बहुभाषी देश में यह फीचर महत्वपूर्ण है, क्योंकि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के लिए अंग्रेजी में उपलब्ध जानकारी को समझना आसान नहीं होता।
क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी तक पहुंच बेहतर होने से अलग-अलग राज्यों के किसान और पशुपालक डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते हैं।
- यूजर की जरूरतों के अनुसार मार्गदर्शन
नई वेबसाइट में User-Friendly Navigation और उपयोगकर्ताओं की जरूरतों के अनुरूप मार्गदर्शन पर जोर दिया गया है। इससे लोगों को संबंधित जानकारी और सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
- केंद्रीकृत कंटेंट मैनेजमेंट
वेबसाइट में Centralized Content Management की सुविधा भी शामिल है। इससे विभाग की डिजिटल सामग्री को व्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करने और सूचनाओं को एक समान प्रारूप में प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी।
इन सुविधाओं का संयुक्त उद्देश्य वेबसाइट को अधिक उपयोगी, सुव्यवस्थित और नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।
पशुपालकों के लिए एक ही प्लेटफॉर्म पर योजनाओं की जानकारी
पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में केंद्र सरकार की कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी, दिशा-निर्देश और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण है।
DAHD की नई वेबसाइट को एक ‘वन-स्टॉप डिजिटल हब’ के रूप में विकसित किया गया है। यहां विभाग की प्रमुख योजनाओं और पहलों से जुड़ी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित योजनाएं शामिल हैं:
पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF): यह योजना पशुपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ी है। इससे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध योजना विवरण और दिशा-निर्देश उपयोगी हो सकते हैं।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM): इस मिशन का संबंध देश में गोवंश के संरक्षण और विकास से है। वेबसाइट पर इससे जुड़ी जानकारी और विभागीय संसाधनों तक पहुंच बनाई जा सकती है।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM): पशुधन क्षेत्र के विकास से संबंधित इस मिशन की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध प्रमुख योजनाओं में शामिल है।
पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP): पशुओं के स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण से जुड़ी इस पहल के बारे में भी उपयोगकर्ता वेबसाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इन योजनाओं से संबंधित सूचनाएं, दिशा-निर्देश और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म एक ही जगह उपलब्ध होने से हितधारकों को जानकारी जुटाने में सुविधा मिल सकती है।
डेयरी सेक्टर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए डिजिटल जानकारी का महत्व
भारत में पशुपालन और डेयरी सेक्टर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन करते हैं, जबकि कई परिवारों के लिए दूध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय आय का प्रमुख स्रोत है।
ऐसे में सरकारी योजनाओं, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, पशुधन प्रबंधन और डेयरी विकास से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी तक आसान पहुंच किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म इस जानकारी को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई पशुपालक पशुपालन से संबंधित सरकारी योजना के बारे में जानना चाहता है, तो उसे योजना का विवरण, दिशा-निर्देश और संबंधित संसाधन एक ही वेबसाइट पर मिलने से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। इसी तरह डेयरी उद्यमी और अन्य हितधारक भी विभाग की पहलों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हालांकि, किसी योजना के तहत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, वित्तीय सहायता और अन्य शर्तों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देशों से करना जरूरी है। वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी सेवाओं या योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया एक जैसी होगी।
पारदर्शिता और बेहतर User Experience पर जोर
सरकारी वेबसाइटों की उपयोगिता केवल इस बात से तय नहीं होती कि उन पर कितनी जानकारी उपलब्ध है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ता उस जानकारी तक कितनी आसानी से पहुंच सकता है।
नई DAHD वेबसाइट में बेहतर सर्च, बहुभाषी सहायता, सरल नेविगेशन और केंद्रीकृत कंटेंट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं इसी जरूरत को ध्यान में रखकर शामिल की गई हैं।
एक सुव्यवस्थित डिजिटल प्लेटफॉर्म विभाग और नागरिकों के बीच सूचना के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इससे विभागीय योजनाओं और पहलों के बारे में जानकारी प्राप्त करना अधिक सहज हो सकता है तथा अलग-अलग हितधारकों को एक साझा डिजिटल माध्यम मिल सकता है।
वेबसाइट की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि जानकारी कितनी नियमित रूप से अपडेट होती है, योजनाओं के दिशा-निर्देश कितने स्पष्ट हैं और उपयोगकर्ताओं को उनकी जरूरत के अनुसार जानकारी कितनी आसानी से मिलती है।
कहां देखें नई वेबसाइट?
पशुपालन और डेयरी विभाग की नई वेबसाइट पर जाने के लिए आधिकारिक पोर्टल www.dahd.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। यहां विभाग की प्रमुख योजनाओं, पहलों, संसाधनों और संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह द्वारा शुरू की गई यह पहल सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। डिजिटल सुविधाओं और बहुभाषी सहायता के माध्यम से इसका उद्देश्य पशुपालकों, किसानों, डेयरी उद्यमियों और अन्य हितधारकों के लिए विभागीय जानकारी तक पहुंच को सरल बनाना है।

