NFSM Scheme: भारत कृषि प्रधान देश है और देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती है। बढ़ती जनसंख्या के साथ खाद्यान्न की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2007 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (National Food Security Mission – NFSM) की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में चावल, गेहूं, दालों और मोटे अनाज का उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है। आज यह योजना लाखों किसानों को आधुनिक खेती तकनीक, बेहतर बीज और आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
NFSM Scheme की शुरुआत कैसे हुई?
राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की कृषि समिति की सिफारिशों के आधार पर अक्टूबर 2007 में NFSM योजना शुरू की गई। उस समय देश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने की बड़ी चुनौती थी। सरकार चाहती थी कि किसान नई तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन करें और देश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बने। शुरुआत में इस योजना में मुख्य रूप से तीन फसलों को शामिल किया गया था:
- धान (Rice)
- गेहूं (Wheat)
- दालें (Pulses)
बाद में इसमें मोटे अनाज और पोषक अनाज भी शामिल किए गए। वर्ष 2024-25 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) कर दिया गया ताकि पोषण सुरक्षा पर भी जोर दिया जा सके।
NFSM Scheme का मुख्य उद्देश्य
NFSM योजना का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसानों को टिकाऊ खेती की ओर बढ़ाना भी है। इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:
- खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि
- किसानों की आय बढ़ाना
- मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना
- आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार
- उन्नत बीज उपलब्ध कराना
- कृषि लागत कम करना
- रोजगार के अवसर बढ़ाना
सरकार किसानों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और उपकरणों की सहायता देकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास कर रही है।
NFSM Scheme के तहत किसानों को क्या-क्या लाभ मिलता है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत किसानों को कई प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद मानी जाती है।
1. उन्नत बीजों पर सहायता
सरकार किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज कम कीमत पर उपलब्ध कराती है। इससे उत्पादन बढ़ता है और फसल रोगों का खतरा कम होता है।
2. कृषि उपकरणों पर सब्सिडी
किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने पर आर्थिक सहायता मिलती है। इससे खेती आसान और कम लागत वाली बनती है।
3. प्रदर्शन प्लॉट (Demonstration)
खेतों में नई तकनीकों का प्रदर्शन कराया जाता है ताकि किसान आधुनिक खेती के तरीकों को समझ सकें।
4. मिट्टी और पोषण प्रबंधन
योजना के तहत मिट्टी परीक्षण, जैविक खाद और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर दिया जाता है।
5. प्रशिक्षण कार्यक्रम
किसानों को खेती की नई तकनीकों, रोग नियंत्रण और फसल प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
6. फसल सुरक्षा सहायता
कीट और रोग नियंत्रण के लिए दवाइयों और तकनीकी सहायता की सुविधा भी मिलती है।
पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?
पिछले पांच वर्षों में NFSM योजना के जरिए देशभर के करोड़ों किसानों को फायदा मिला है। सरकार के अनुसार इस योजना के कारण खाद्यान्न उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से दालों और मोटे अनाज के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
सरकार ने किसानों को निम्न प्रकार से लाभ पहुंचाया:
- लाखों किसानों को उन्नत बीज वितरण
- हजारों प्रशिक्षण शिविर आयोजित
- फसल प्रदर्शन कार्यक्रम
- आधुनिक तकनीकों का प्रसार
- उत्पादन लागत में कमी
- प्रति हेक्टेयर उत्पादन में वृद्धि
धान और गेहूं की सरकारी खरीद से भी किसानों को MSP का लाभ मिला। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लाखों किसानों को MSP के माध्यम से करोड़ों रुपये का भुगतान हुआ।
किन राज्यों में लागू है NFSM योजना?
NFSM योजना देश के अधिकांश राज्यों में लागू है। अलग-अलग फसलों के आधार पर राज्यों और जिलों का चयन किया गया है।
योजना से लाभ पाने वाले प्रमुख राज्य:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- पंजाब
- हरियाणा
- महाराष्ट्र
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- गुजरात
- असम
दालों और मोटे अनाज के लिए लगभग सभी राज्यों के जिलों को शामिल किया गया है।
किसान इस योजना का फायदा कैसे उठाएँ?
यदि किसान NFSM योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसान निम्न प्रक्रिया अपना सकते हैं:
चरण 1: कृषि विभाग से संपर्क करें
किसान अपने ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय जाएं।
चरण 2: योजना की जानकारी लें
वहां उपलब्ध अधिकारियों से योजना के तहत मिलने वाली सहायता की जानकारी लें।
चरण 3: आवेदन करें
आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें।
चरण 4: सत्यापन प्रक्रिया
कृषि विभाग द्वारा किसान के दस्तावेज और भूमि का सत्यापन किया जाता है।
चरण 5: लाभ प्राप्त करें
सत्यापन के बाद किसान को बीज, प्रशिक्षण, सब्सिडी या अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
NFSM Scheme में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
आज कई राज्यों में NFSM के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।
ऑफलाइन प्रक्रिया
- नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय जाएं
- आवेदन पत्र भरें
- दस्तावेज जमा करें
- रसीद प्राप्त करें
ऑनलाइन प्रक्रिया
कुछ राज्यों में किसान कृषि विभाग की वेबसाइट या किसान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के लिए सामान्य प्रक्रिया:
- कृषि विभाग की वेबसाइट खोलें
- किसान पंजीकरण करें
- मोबाइल नंबर और आधार सत्यापन करें
- आवेदन फॉर्म भरें
- दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन सबमिट करें
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
NFSM योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास निम्न दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- भूमि संबंधित दस्तावेज
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- किसान पंजीकरण प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
कुछ राज्यों में भूमि रिकॉर्ड और खतौनी की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
NFSM योजना से खेती में क्या बदलाव आया?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन ने भारतीय कृषि में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है।
उत्पादन में बढ़ोतरी
नई तकनीकों और अच्छे बीजों के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ा है।
दाल उत्पादन में सुधार
भारत पहले दालों के आयात पर काफी निर्भर था, लेकिन अब घरेलू उत्पादन में सुधार हुआ है।
आधुनिक खेती को बढ़ावा
ड्रिप सिंचाई, संतुलित उर्वरक उपयोग और मशीनरी का उपयोग बढ़ा है।
किसानों की आय में सुधार
कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण किसानों की कमाई बढ़ी है।
मोटे अनाज और पोषण पर सरकार का फोकस
हाल के वर्षों में सरकार ने मोटे अनाज यानी मिलेट्स को बढ़ावा देना शुरू किया है। NFSM के तहत अब बाजरा, ज्वार और रागी जैसी फसलों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे किसानों को नए बाजार मिल रहे हैं और पोषण सुरक्षा भी मजबूत हो रही है।
महिलाओं और छोटे किसानों को भी लाभ
NFSM योजना में महिला किसानों और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। गांवों में महिला स्वयं सहायता समूह भी खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
खेती में तकनीक का बढ़ता उपयोग
आज किसान मोबाइल ऐप, मौसम जानकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से खेती कर रहे हैं। सरकार भी किसानों को डिजिटल तकनीकों से जोड़ रही है ताकि खेती अधिक स्मार्ट बन सके।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है NFSM?
आज खेती में लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में NFSM जैसी योजनाएं किसानों के लिए सहारा बन रही हैं। यह योजना किसानों को तकनीकी और आर्थिक दोनों प्रकार की सहायता देती है।
इस योजना के प्रमुख फायदे:
- कम लागत में बेहतर खेती
- आधुनिक तकनीक का उपयोग
- अधिक उत्पादन
- MSP का लाभ
- बेहतर बीज और प्रशिक्षण
- मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार
भविष्य में NFSM की क्या भूमिका होगी?
भारत की बढ़ती आबादी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में NFSM देश की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। सरकार अब पोषण, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती पर भी फोकस कर रही है।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण योजना साबित हुई है। इस योजना ने खेती को आधुनिक बनाने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय सुधारने में अहम योगदान दिया है। धान, गेहूं, दालों और मोटे अनाज के उत्पादन में बढ़ोतरी से देश की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत हुई है।
यदि किसान सही जानकारी लेकर इस योजना का लाभ उठाते हैं, तो वे कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा हासिल कर सकते हैं। आने वाले वर्षों में NFSM भारतीय कृषि को और मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
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