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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): किसानों के खेत तक पानी पहुंचाने की बड़ी पहल

Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana (PMKSY): A major initiative to provide water to farmers' fields

Fiza by Fiza
May 12, 2026
in योजना
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PMKSY

PMKSY

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PMKSY: भारत की खेती आज भी काफी हद तक मानसून पर निर्भर है। कई राज्यों में बारिश कम होने या समय पर न होने से किसानों को हर साल नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा देने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि हर खेत तक पानी पहुंचे और किसान कम पानी में भी अच्छी खेती कर सकें।
आज ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, माइक्रो सिंचाई और जल संरक्षण जैसी तकनीकों की मदद से किसान पानी बचाकर उत्पादन बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि PMKSY अब देश की सबसे महत्वपूर्ण कृषि योजनाओं में गिनी जाती है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) क्या है?

Ministry of Agriculture & Farmers Welfare द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एक राष्ट्रीय स्तर की सिंचाई योजना है। इसकी शुरुआत किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा देने, पानी की बर्बादी रोकने और खेती की लागत कम करने के लिए की गई थी।

इस योजना का नारा है:

“हर खेत को पानी” और “Per Drop More Crop”

यानी हर खेत तक पानी पहुंचे और पानी की हर बूंद का सही इस्तेमाल हो।

PMKSY की शुरुआत कब और क्यों हुई?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में Narendra Modi सरकार द्वारा की गई थी। उस समय देश के कई हिस्सों में किसान पानी की कमी, सूखा और असमान सिंचाई व्यवस्था की समस्या से जूझ रहे थे।

सरकार ने देखा कि:

  • कई किसानों के पास खेत तो हैं लेकिन सिंचाई का साधन नहीं है
  • बारिश का पानी सही तरीके से संग्रहित नहीं हो रहा
  • पुराने सिंचाई तरीकों से पानी की काफी बर्बादी हो रही है
  • छोटे किसान आधुनिक सिंचाई तकनीक नहीं अपना पा रहे

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए PMKSY लाई गई ताकि किसानों की आय बढ़े और खेती ज्यादा टिकाऊ बन सके।

योजना के मुख्य उद्देश्य

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के कई बड़े उद्देश्य हैं:

1. हर खेत तक पानी पहुंचाना

जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा नहीं है वहां पानी उपलब्ध कराना।

2. पानी की बचत

ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों से कम पानी में ज्यादा सिंचाई करना।

3. फसल उत्पादन बढ़ाना

बेहतर सिंचाई से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ते हैं।

4. किसानों की लागत कम करना

कम पानी और कम बिजली खर्च में खेती संभव बनाना।

5. जल संरक्षण को बढ़ावा

तालाब, चेक डैम और वर्षा जल संग्रहण जैसी योजनाओं को बढ़ावा देना।

PMKSY के मुख्य भाग

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कई हिस्सों में काम करती है।

1. हर खेत को पानी (Har Khet Ko Pani)

इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक सिंचाई पहुंचाना है जहां पानी की सुविधा नहीं है।

इसके तहत:

  • नहर निर्माण
  • तालाब
  • ट्यूबवेल
  • जल भंडारण
  • ग्रामीण सिंचाई परियोजनाएं

जैसे कार्य किए जाते हैं।

2. Per Drop More Crop

यह योजना का सबसे लोकप्रिय हिस्सा माना जाता है।

इसके तहत किसानों को:

  • ड्रिप इरिगेशन
  • स्प्रिंकलर सिस्टम
  • माइक्रो इरिगेशन

लगाने पर सब्सिडी दी जाती है।

इससे:

  • पानी की बचत होती है
  • उर्वरक की खपत कम होती है
  • उत्पादन बढ़ता है

3. Watershed Development

यह हिस्सा मिट्टी और पानी संरक्षण पर काम करता है।

इसके तहत:

  • जल संरक्षण
  • मिट्टी कटाव रोकना
  • वर्षा जल संचयन
  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों का विकास

जैसे काम किए जाते हैं।

किसानों को PMKSY से क्या फायदा मिलता है?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लाखों किसानों को मिल रहा है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना काफी उपयोगी साबित हुई है।

1. ड्रिप और स्प्रिंकलर पर सब्सिडी

कई राज्यों में किसानों को 55% से 75% तक सब्सिडी मिलती है।

महिला किसानों, SC/ST किसानों और छोटे किसानों को कई जगह अतिरिक्त लाभ भी दिया जाता है।

2. पानी की बचत

ड्रिप इरिगेशन से लगभग:

  • 40% से 60% तक पानी बच सकता है
  • फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है

3. बिजली और डीजल खर्च कम

कम पानी की जरूरत होने से:

  • मोटर कम चलती है
  • बिजली खर्च कम होता है
  • डीजल लागत घटती है

4. उत्पादन में बढ़ोतरी

विशेषज्ञों के अनुसार माइक्रो इरिगेशन अपनाने वाले किसानों की कई फसलों में:

  • 20% से 50% तक उत्पादन बढ़ा है

5. बागवानी किसानों को ज्यादा फायदा

फल, सब्जी और फूलों की खेती करने वाले किसानों को इस योजना से बड़ा लाभ मिल रहा है।

जैसे:

  • आम
  • अनार
  • केला
  • टमाटर
  • मिर्च
  • अंगूर

की खेती में ड्रिप इरिगेशन तेजी से बढ़ा है।

पिछले 5 सालों में किसानों को कितना फायदा मिला?

पिछले कुछ वर्षों में PMKSY के तहत देशभर में माइक्रो इरिगेशन का क्षेत्र तेजी से बढ़ा है।

सरकारी आंकड़ों और कृषि विभाग की रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • लाखों हेक्टेयर भूमि माइक्रो इरिगेशन के दायरे में लाई गई
  • करोड़ों रुपये की सब्सिडी किसानों को दी गई
  • कई राज्यों में जल उपयोग क्षमता में सुधार हुआ
  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती आसान हुई

पिछले 5 सालों में:

  • ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने वाले किसानों की संख्या तेजी से बढ़ी
  • महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्यों में माइक्रो इरिगेशन का बड़ा विस्तार हुआ
  • किसानों की फसल लागत कम हुई और आय बढ़ी

कई कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि PMKSY ने पानी की कमी वाले क्षेत्रों में खेती को नई दिशा दी है।

किन राज्यों के किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं?

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पूरे भारत में लागू है। लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य राज्य जहां योजना ज्यादा लोकप्रिय है:

  • Maharashtra
  • Gujarat
  • Rajasthan
  • Karnataka
  • Tamil Nadu
  • Madhya Pradesh
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Haryana
  • Punjab

हालांकि सब्सिडी की दर और आवेदन प्रक्रिया राज्यों के अनुसार अलग हो सकती है।

कौन किसान योजना के लिए पात्र हैं?

PMKSY का लाभ लेने के लिए किसान को कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं।

आमतौर पर:

  • किसान भारत का नागरिक होना चाहिए
  • खेती योग्य जमीन होनी चाहिए
  • जमीन के दस्तावेज होने चाहिए
  • कुछ राज्यों में आधार लिंक होना जरूरी है

योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

PMKSY में आवेदन करने के लिए किसानों को सामान्यतः ये दस्तावेज देने होते हैं:

  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • जमीन के कागजात
  • खतौनी / खसरा नंबर
  • बैंक पासबुक
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

कुछ राज्यों में:

  • पानी का स्रोत प्रमाण
  • बिजली कनेक्शन जानकारी

भी मांगी जा सकती है।

PMKSY में आवेदन कैसे करें?

किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

Step 1: राज्य की कृषि वेबसाइट पर जाएं

हर राज्य का कृषि विभाग अलग पोर्टल चलाता है।

उदाहरण:

  • कृषि विभाग वेबसाइट
  • माइक्रो इरिगेशन पोर्टल
  • किसान पोर्टल

Step 2: किसान पंजीकरण करें

  • मोबाइल नंबर दर्ज करें
  • आधार लिंक करें
  • OTP सत्यापन करें

Step 3: आवेदन फॉर्म भरें

फॉर्म में:

  • नाम
  • गांव
  • भूमि विवरण
  • फसल जानकारी
  • सिंचाई प्रणाली का प्रकार

भरना होता है।

Step 4: दस्तावेज अपलोड करें

सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं।

Step 5: आवेदन जमा करें

फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन नंबर मिलता है।

Step 6: फील्ड जांच

कृषि विभाग के अधिकारी खेत का निरीक्षण करते हैं।

Step 7: सब्सिडी स्वीकृति

सत्यापन के बाद सब्सिडी सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है या उपकरण कंपनी को भुगतान किया जाता है।

ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाते वे:

  • कृषि विभाग कार्यालय
  • ब्लॉक कार्यालय
  • जिला कृषि अधिकारी
  • CSC सेंटर

पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

ड्रिप इरिगेशन में किसानों को कितना खर्च आता है?

फसल और क्षेत्र के अनुसार लागत अलग हो सकती है।

उदाहरण:

  • 1 एकड़ ड्रिप सिस्टम की लागत लगभग ₹40,000 से ₹80,000 तक हो सकती है

लेकिन सब्सिडी मिलने के बाद किसान का खर्च काफी कम हो जाता है।

PMKSY से किन फसलों को ज्यादा फायदा?

यह योजना विशेष रूप से इन फसलों के लिए उपयोगी मानी जाती है:

बागवानी फसलें

  • आम
  • केला
  • अंगूर
  • अनार

सब्जियां

  • टमाटर
  • मिर्च
  • प्याज
  • गोभी

नकदी फसलें

  • गन्ना
  • कपास

अन्य फसलें

  • दालें
  • तिलहन

महिला किसानों को भी मिल रहा लाभ

आज बड़ी संख्या में महिला किसान भी PMKSY से जुड़ रही हैं। जिन महिलाओं के नाम जमीन है वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।

ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों से:

  • मेहनत कम होती है
  • पानी की बचत होती है
  • छोटी जमीन में भी अच्छी खेती संभव होती है

इससे महिला किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।

छोटे किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना?

भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत किसान हैं। इनके पास:

  • कम जमीन
  • सीमित संसाधन
  • पानी की कमी

जैसी समस्याएं होती हैं।

PMKSY ऐसी स्थिति में काफी मददगार साबित हो रही है क्योंकि:

  • कम पानी में खेती संभव होती है
  • लागत घटती है
  • उत्पादन बढ़ता है

खेती में बदल रही तकनीक की तस्वीर

आज खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

PMKSY ने किसानों को:

  • स्मार्ट सिंचाई
  • ऑटोमेटेड ड्रिप सिस्टम
  • सेंसर आधारित सिंचाई

जैसी आधुनिक तकनीकों की ओर बढ़ाया है।

इससे खेती ज्यादा वैज्ञानिक बन रही है।

किसानों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

योजना का लाभ लेने से पहले किसान:

  • सही कंपनी का चयन करें
  • कृषि विभाग से जानकारी लें
  • नकली उपकरण से बचें
  • अधिकृत विक्रेता से ही सामान खरीदें

योजना से जुड़ी चुनौतियां

हालांकि योजना सफल रही है लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियां हैं:

  • कई किसानों को जानकारी नहीं
  • कुछ क्षेत्रों में आवेदन प्रक्रिया धीमी
  • तकनीकी जानकारी की कमी
  • छोटे किसानों की शुरुआती लागत चिंता

लेकिन सरकार और कृषि विभाग लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं।

भविष्य में PMKSY का महत्व

जलवायु परिवर्तन और पानी की कमी को देखते हुए आने वाले समय में माइक्रो इरिगेशन का महत्व और बढ़ने वाला है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • भविष्य की खेती पानी बचाने वाली तकनीकों पर आधारित होगी
  • PMKSY किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी
  • सूखा प्रभावित क्षेत्रों में यह योजना बेहद जरूरी बनेगी

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भारत के किसानों के लिए एक बड़ी और उपयोगी योजना बनकर सामने आई है। इसने लाखों किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा, पानी बचाने की तकनीक और आधुनिक खेती अपनाने का मौका दिया है।

आज जब पानी की कमी खेती के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनती जा रही है, तब PMKSY जैसी योजनाएं किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही हैं। अगर किसान सही जानकारी और तकनीक के साथ इस योजना का लाभ लें, तो वे कम पानी में भी बेहतर उत्पादन और अच्छी कमाई हासिल कर सकते हैं।

Tags: AgricultureIndiaCropProductionHar Khet Ko PaniIrrigationSchemePM Krishi Sinchai YojanaPMKSYPradhanMantriKrishiSinchaiYojana
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