प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों के बीच इसके व्यापक प्रसार के उद्देश्य से 13 मार्च 2026 को लुधियाना में एक दिवसीय क्षेत्रीय सेमिनार एवं परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन रीजनल सेंटर फॉर ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मिंग द्वारा भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत किया गया।
इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, ज्ञान का आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्तर पर इसके प्रभावी प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में 120 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें किसान, वैज्ञानिक, कृषि अधिकारी, शिक्षाविद, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधि तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) से जुड़े सदस्य शामिल थे।
कार्यक्रम में मख्खन सिंह भुल्लर (डायरेक्टर, एक्सटेंशन एजुकेशन), उमेंद्र दत्त (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, खेती विरासत मिशन), एस. एस. वालिया (डायरेक्टर, स्कूल ऑफ ऑर्गेनिक एंड नेचुरल फार्मिंग) तथा आर. एस. एच. श्रीवत्स (रीजनल डायरेक्टर, RCONF, गाजियाबाद) ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने प्राकृतिक खेती को मिट्टी की सेहत सुधारने, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक प्रभावी विकल्प बताया।
इसके साथ ही PGS-India Certification System के तहत ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया और इसके लाभों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि किसान आसानी से अपने उत्पादों को प्रमाणित कर बेहतर बाजार प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती को सफलतापूर्वक अपनाने वाले 10 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। सेमिनार के अंत में प्रतिभागियों के बीच विचार-विमर्श और अनुभव साझा किए गए, जिससे जमीनी स्तर पर प्राकृतिक खेती को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीतियों पर सहमति बनी।

