भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 35 वर्षों से अधिक के अपने शोध अनुभव के दौरान उन्होंने कृषि विज्ञान, विशेष रूप से क्रॉपिंग सिस्टम और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. प्रेम सिंह अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से बीएससी (कृषि) में टॉप किया था और एमएससी (एग्रोनॉमी) में गोल्ड मेडल हासिल किया था। अपने करियर में उन्होंने वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार का परिचय देते हुए किसानों और वैज्ञानिक समुदाय के बीच मजबूत सेतु का कार्य किया।
उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आईसीएआर–आईआईएफएसआर, मोदीपुरम (मेरठ) में प्रिंसिपल साइंटिस्ट और क्रॉपिंग सिस्टम एवं रिसोर्स मैनेजमेंट विभाग के प्रभारी प्रमुख के रूप में 28 फरवरी 2021 तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने फसल प्रणाली अनुसंधान को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
डॉ. सिंह ने अपने करियर में अनेक शोध पत्र प्रकाशित किए और देश-विदेश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम किया। वे न केवल प्रयोगशाला तक सीमित रहे, बल्कि किसानों के साथ सीधे संवाद बनाकर उनके अनुभवों और जरूरतों को भी अपने शोध का हिस्सा बनाया। यही कारण था कि उनके कार्यों का सीधा लाभ कृषि क्षेत्र और किसानों को मिला।
ICAR ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉ. प्रेम सिंह का योगदान हमेशा याद किया जाएगा और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके निधन से वैज्ञानिक समुदाय और कृषि क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। संस्थान ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

