प्रकृति, वन्यजीव और जैव-विविधता के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा नागरिकों को प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के करीब लाने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (National Zoological Park) में रविवार को विशेष Nature Walk का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत तीसरी ‘Butterfly and Dragonfly Walk @NZP’ और 13वीं ‘Sunday Bird Walk @NZP’ आयोजित की गई।
यह विशेष भ्रमण कार्यक्रम सुबह 6:45 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पक्षियों, तितलियों और ड्रैगनफ्लाई की विभिन्न प्रजातियों से परिचित कराना, उनकी पहचान एवं व्यवहार को समझाना तथा Biodiversity Monitoring और Biodiversity Conservation में जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।
इस आयोजन में पक्षी एवं तितली प्रेमियों के साथ-साथ Nature Enthusiasts, विद्यार्थियों, Wildlife Photographers, Volunteers और जैव-विविधता संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कुल 16 प्रतिभागियों ने इस विशेष Nature Walk में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण करते हुए पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं का अवलोकन किया। इस दौरान 44 प्रजातियों के 700 से अधिक पक्षियों को देखा और उनका दस्तावेजीकरण किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों ने तितलियों की 4 प्रजातियां, एक Dragonfly और एक Damselfly Species भी दर्ज की।
Nature Walk में विशेषज्ञों ने दिया महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
कार्यक्रम को अधिक ज्ञानवर्धक और वैज्ञानिक बनाने के लिए Butterfly और Dragonfly विशेषज्ञ श्री संजय तिवारी तथा श्री सी. बी. मौर्य ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने भ्रमण के दौरान विभिन्न पक्षियों, तितलियों और Dragonflies की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास, व्यवहार और पारिस्थितिक भूमिका के बारे में जानकारी साझा की।
प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी क्षेत्र में मौजूद पक्षी, तितलियां, Dragonflies और अन्य छोटे जीव केवल देखने में आकर्षक नहीं होते, बल्कि वे पूरे Ecosystem Health को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों ने समझाया कि तितलियां और अन्य Pollinators पौधों में परागण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं कई Dragonflies और Damselflies प्राकृतिक रूप से कीटों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इस प्रकार ये जीव Natural Pest Control के साथ-साथ पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में योगदान देते हैं।
कार्यक्रम में यह भी समझाया गया कि किसी क्षेत्र में पक्षियों और कीटों की प्रजातियों की संख्या तथा उनकी उपस्थिति में होने वाले बदलावों का अध्ययन Biodiversity Monitoring के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है।
700 से अधिक पक्षियों का हुआ रिकॉर्ड
इस Sunday Bird Walk की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 700 से अधिक पक्षियों का रिकॉर्ड किया जाना रहा। प्रतिभागियों ने कुल 44 Bird Species को देखा और उनके बारे में जानकारी जुटाई।
Bird Watching के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न पक्षियों को उनके आकार, रंग, आवाज, उड़ान के तरीके, व्यवहार और प्राकृतिक आवास के आधार पर पहचानने का अवसर मिला।
इस तरह की गतिविधियां केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनमें Citizen Science का महत्वपूर्ण पहलू भी जुड़ा होता है। आम नागरिक जब विभिन्न प्रजातियों का अवलोकन और दस्तावेजीकरण करते हैं, तो इससे किसी क्षेत्र की Biodiversity के बारे में उपयोगी जानकारी तैयार करने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान जैसे Urban Green Space में इस प्रकार की गतिविधियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बड़े शहरों में प्राकृतिक आवास लगातार दबाव में रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में पक्षियों, तितलियों और अन्य जीवों की उपस्थिति उस क्षेत्र के Ecological Value को दर्शाती है।
300 से अधिक Painted Storks बने आकर्षण का केंद्र
इस बार की Bird Walk का एक प्रमुख आकर्षण 300 से अधिक Painted Storks की मौजूदगी रही। ये पक्षी अगस्त के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रीय प्राणी उद्यान पहुंचे थे और उन्होंने यहां स्थित तालाब के आसपास के पेड़ों पर घोंसले बनाना शुरू कर दिया है।
Painted Stork का राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आना और यहां Nesting तथा Breeding Activity का होना क्षेत्र के Wetland Ecosystem और Tree-Covered Habitat के महत्व को दर्शाता है।
तालाब और उसके आसपास मौजूद पेड़ पक्षियों के लिए भोजन, आश्रय और प्रजनन के महत्वपूर्ण स्थान उपलब्ध कराते हैं। इसलिए Painted Storks का यहां बड़ी संख्या में पहुंचना और घोंसले बनाना इस बात का संकेत है कि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में मौजूद कुछ प्राकृतिक और अर्ध-प्राकृतिक आवास पक्षियों के लिए उपयोगी Habitat उपलब्ध करा रहे हैं।
Painted Storks की Nesting Activity ने पर्यटकों, विद्यार्थियों, प्रशिक्षुओं, Volunteers और Citizen Scientists को पक्षियों के प्राकृतिक व्यवहार को करीब से देखने और समझने का अवसर भी प्रदान किया है।
पक्षियों के घोंसला बनाने, भोजन तलाशने, समूह में रहने और प्रजनन से जुड़े व्यवहार का प्रत्यक्ष अवलोकन Wildlife Education के लिए बेहद उपयोगी है। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलती है कि प्राकृतिक वातावरण और Wildlife Habitat को सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है।
बारिश के कारण Butterfly और Dragonfly की संख्या रही कम
कार्यक्रम के दौरान पक्षियों की अच्छी संख्या के बावजूद Butterflies और Dragonflies की अपेक्षाकृत कम प्रजातियां दर्ज की गईं। इसके पीछे प्रमुख कारण बीच-बीच में हो रही बारिश को माना गया।
Butterflies और Dragonflies का व्यवहार मौसम की परिस्थितियों से काफी प्रभावित होता है। बारिश और बादलों के कारण इनकी गतिविधियां कम हो सकती हैं। इसलिए Nature Walk के दौरान इनकी कम संख्या दिखाई देना मौसम से जुड़ी प्राकृतिक परिस्थितियों का परिणाम माना गया।
इसके बावजूद प्रतिभागियों को चार Butterfly Species, एक Dragonfly और एक Damselfly Species देखने और दस्तावेजीकृत करने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों ने बताया कि इन छोटे जीवों का संरक्षण भी Biodiversity Conservation का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई बार बड़े और आकर्षक वन्यजीवों पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जबकि छोटे Insects और Pollinators भी Ecosystem Functioning में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Pollinators और Natural Pest Controllers की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान श्री सी. बी. मौर्य ने पक्षियों, तितलियों और Dragonflies की Ecology तथा Behaviour के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि Butterflies और अन्य Pollinators पौधों के प्रजनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक फूल से दूसरे फूल तक पराग पहुंचाने की प्रक्रिया में Pollinators का योगदान पौधों की विविधता और प्राकृतिक Vegetation को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
इसी प्रकार Dragonflies और Damselflies की उपस्थिति भी किसी Wetland या जल आधारित Ecosystem की स्थिति को समझने में उपयोगी हो सकती है। ये कीट अन्य छोटे कीटों को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं और प्राकृतिक Food Web का हिस्सा होते हैं।
इस प्रकार Bird Watching और Insect Watching जैसी गतिविधियां केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से लोगों को Food Chain, Food Web, Ecosystem Services और Biodiversity Conservation जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं को आसानी से समझने का अवसर मिलता है।
विद्यार्थियों और युवाओं के लिए Nature Education का प्रभावी माध्यम
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित इस तरह की Nature Walk विद्यार्थियों और युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। किताबों में पक्षियों और कीटों के बारे में पढ़ने के बजाय जब विद्यार्थी उन्हें अपने प्राकृतिक वातावरण में देखते हैं, तो उनका सीखने का अनुभव अधिक प्रभावी हो जाता है।
Bird Identification, Species Documentation, Nature Photography और Field Observation जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में मदद करती हैं।
ऐसी गतिविधियों से युवा यह समझ सकते हैं कि Wildlife Conservation केवल जंगलों या संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित विषय नहीं है। शहरों के भीतर मौजूद Wetlands, Parks, Green Spaces और Tree Cover भी Biodiversity के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक ने बताया Nature Walk का महत्व
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के Nature Walk कार्यक्रमों के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं।
उन्होंने बताया कि Field Observation के माध्यम से प्रतिभागियों की विभिन्न Species की पहचान करने की क्षमता मजबूत होती है। इसके साथ ही उन्हें Food Chain और Ecosystem के आपसी संबंधों को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम Biodiversity Documentation में आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद करते हैं। जब लोग अपने आसपास मौजूद Wildlife को पहचानने और उसके बारे में जानकारी जुटाने लगते हैं, तो उनके भीतर Wildlife और Biodiversity Conservation के प्रति अधिक गहरी समझ विकसित होती है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान का उद्देश्य इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से लोगों और प्रकृति के बीच संबंध को मजबूत करना है। Nature Walk नागरिकों को यह समझने का अवसर देती है कि उनके आसपास मौजूद प्रत्येक जीव Ecosystem में किसी न किसी भूमिका का निर्वहन करता है।
Citizen Science को मिल रहा बढ़ावा
इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू Citizen Science भी है। Citizen Science के माध्यम से आम नागरिक वैज्ञानिक अवलोकन, Species Identification और Biodiversity Documentation जैसी गतिविधियों में भाग ले सकते हैं।
Bird Walk और Butterfly Walk में जब प्रतिभागी किसी प्रजाति को देखते हैं, उसकी पहचान करते हैं और उसका रिकॉर्ड तैयार करते हैं, तो यह Biodiversity Monitoring के व्यापक प्रयासों में योगदान कर सकता है।
आज के समय में Smartphone और Digital Apps की उपलब्धता ने Nature Documentation को और आसान बना दिया है। नागरिक अब पक्षियों, तितलियों और अन्य जीवों की तस्वीरें लेकर उनकी पहचान सीख सकते हैं और उनके बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं।
इससे Nature Lovers और Professional Researchers के बीच भी एक सकारात्मक संवाद विकसित हो सकता है।
प्रत्येक रविवार आयोजित होती है Nature Walk
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान द्वारा प्रत्येक रविवार आयोजित की जाने वाली Nature Walk में प्रतिभागियों की संख्या को सीमित रखा जाता है ताकि प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण Learning Experience मिल सके।
प्रत्येक सत्र में लगभग 20 से 25 लोगों को शामिल किया जाता है। इसमें भाग लेने के लिए Prior Registration अनिवार्य है और प्रवेश ‘First Come, First Served’ के आधार पर दिया जाता है।
इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित Google Form के माध्यम से अपना Registration करा सकते हैं। Registration Form प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार तक खुला रहता है।
पंजीकरण से संबंधित Link राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली की Official Website तथा ‘NZP Sathi’ Mobile App पर उपलब्ध कराया जाता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य Nature Walk में सीमित संख्या में प्रतिभागियों को शामिल करके उन्हें विशेषज्ञों के साथ बेहतर संवाद और Field Learning का अवसर उपलब्ध कराना है।
20 सितंबर को होगी अगली Bird और Insect-Spider Walk
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में प्रकृति प्रेमियों के लिए अगला विशेष आयोजन रविवार, 20 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
इस दिन तीसरी ‘Sunday Insect and Spider Walk’ तथा 14वीं ‘Sunday Bird Walk’ आयोजित की जाएगी।
आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से भी प्रतिभागियों को विभिन्न पक्षियों, Insects और Spiders की पहचान, उनके व्यवहार, Habitat और Ecosystem में उनकी भूमिका के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली ये गतिविधियां Wildlife Education और Biodiversity Awareness को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं।
Biodiversity Conservation के लिए जनभागीदारी जरूरी
आज तेजी से बदलते शहरी और प्राकृतिक परिदृश्य के बीच Biodiversity Conservation एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है। केवल सरकारी संस्थाओं या Wildlife Experts के प्रयासों से जैव-विविधता का संरक्षण संभव नहीं है। इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Nature Walk, Bird Watching, Butterfly Watching, Wildlife Photography और Citizen Science जैसी गतिविधियां लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम करती हैं।
जब नागरिक अपने आसपास मौजूद पक्षियों, तितलियों और अन्य जीवों को पहचानना शुरू करते हैं, तो उनमें उनके संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में आयोजित Sunday Bird Walk और Butterfly and Dragonfly Walk इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कार्यक्रम मनोरंजन के साथ-साथ Nature Education, Biodiversity Monitoring, Wildlife Awareness और Conservation को एक साथ जोड़ता है।
700 से अधिक पक्षियों का रिकॉर्ड, 44 Bird Species की पहचान और 300 से अधिक Painted Storks की मौजूदगी इस बात को दर्शाती है कि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान न केवल वन्यजीवों को देखने का स्थान है, बल्कि यह Urban Biodiversity और Environmental Education के लिए भी महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों, प्रकृति प्रेमियों, Researchers, Photographers और आम नागरिकों की भागीदारी जैव-विविधता संरक्षण के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रकृति के प्रति जागरूक समाज ही अपने Wildlife, Wetlands, Green Spaces और Biodiversity को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान की यह पहल लोगों को प्रकृति को केवल देखने के बजाय उसे समझने, दस्तावेजीकृत करने और संरक्षित करने की दिशा में प्रेरित करती है।

