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Home कृषि समाचार

Swaraj Tractors और Mahindra Susten ने पंजाब में 42 MWp सोलर प्रोजेक्ट किया शुरू, ट्रैक्टर निर्माण की 50% बिजली जरूरत होगी पूरी

Swaraj Tractors and Mahindra Susten launch 42 MWp solar project in Punjab

Emran Khan by Emran Khan
September 3, 2026
in कृषि समाचार
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Mahindra Group के Planet Positive लक्ष्य को मजबूती

Mahindra Group के Planet Positive लक्ष्य को मजबूती

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भारत में कृषि मशीनीकरण और सतत विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में Swaraj Tractors और Mahindra Susten ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। महिंद्रा समूह की ट्रैक्टर कंपनी Swaraj Tractors और समूह के Renewable Energy Platform तथा Independent Power Producer Mahindra Susten ने पंजाब के बठिंडा में 42 MWp क्षमता वाले ग्रुप कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट को कमीशन कर दिया है।

यह परियोजना पंजाब में अपनी तरह की सबसे बड़ी ग्रुप कैप्टिव सोलर परियोजनाओं में शामिल है। इस सोलर प्लांट से Swaraj Tractors की पंजाब स्थित मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की बिजली जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा होने की उम्मीद है।

इस परियोजना के शुरू होने के साथ Swaraj Tractors ने अपने कम-कार्बन और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण मॉडल की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। कंपनी का लक्ष्य ऊर्जा खपत को कम करने के साथ-साथ पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की जगह धीरे-धीरे Renewable Energy का इस्तेमाल बढ़ाना है।

बठिंडा में 141 एकड़ में तैयार हुआ सोलर प्रोजेक्ट

42 MWp Swaraj Tractors Solar Project पंजाब के बठिंडा जिले के तलवंडी साबो क्षेत्र के गांव तेओना पुजरियां में स्थापित किया गया है। यह सोलर परियोजना करीब 141 एकड़ भूमि में फैली हुई है।

परियोजना को Mahindra Susten ने विकसित और कमीशन किया है। यहां उच्च दक्षता वाले N-Type TOPCon Bifacial Solar Modules लगाए गए हैं। इन सोलर मॉड्यूल्स को Fixed-Tilt Structures पर स्थापित किया गया है।

इस तकनीक का चयन अधिक ऊर्जा उत्पादन और उपलब्ध भूमि के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

सोलर प्रोजेक्ट से उत्पादित Renewable Electricity का इस्तेमाल पंजाब में स्थित Swaraj Tractors की मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और फाउंड्री गतिविधियों के लिए किया जाएगा।

परियोजना की अतिरिक्त क्षमता का इस्तेमाल पंजाब में स्थित महिंद्रा समूह की अन्य कंपनियों की बिजली खपत को भी Green Energy में बदलने के लिए प्रस्तावित है।

Swaraj Tractors की करीब 50% बिजली जरूरत होगी पूरी

इस सोलर प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे Swaraj Tractors की मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की बिजली जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने की उम्मीद है।

इसका सीधा असर कंपनी के ऊर्जा स्रोतों पर पड़ेगा। पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होने से कंपनी के विनिर्माण संचालन को अधिक Sustainable बनाने में मदद मिलेगी।

Swaraj Tractors के लिए यह परियोजना केवल Renewable Energy की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी की व्यापक Decarbonisation Strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंपनी ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और Renewable Energy के उपयोग को बढ़ाने के साथ अपने उत्पादन तंत्र को भविष्य के लिए अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में काम कर रही है।

हर साल 42,000 टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन में कमी

Mahindra Susten के अनुसार, बठिंडा में स्थापित यह 42 MWp Solar Project हर साल 42,000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन को कम करने में मदद कर सकता है।

यह उपलब्धि कंपनी के पर्यावरणीय लक्ष्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। Renewable Energy से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों की जगह लेने से औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलती है।

इस परियोजना से हर साल लगभग 61.54 मिलियन यूनिट Renewable Electricity पैदा होने का अनुमान है।

इस तरह यह परियोजना एक ओर Swaraj Tractors की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, वहीं दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी योगदान देगी।

97% से अधिक घटक भारत से लिए गए

सोलर प्रोजेक्ट में घरेलू विनिर्माण और भारत में बने उपकरणों के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

परियोजना में इस्तेमाल होने वाले 97 प्रतिशत से अधिक घटक भारत से प्राप्त किए गए हैं।

इससे देश के Renewable Energy Manufacturing Ecosystem को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ घरेलू कंपनियों और सप्लाई चेन को भी समर्थन मिलता है।

यह पहल Renewable Energy क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और भारत में Clean Energy Infrastructure के विकास के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।

रोबोटिक सिस्टम से होगी सोलर पैनलों की सफाई

बठिंडा Solar Project में पानी के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। Solar Modules की सफाई के लिए Semi-Automated Robotic Systems का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस तकनीक के जरिए परियोजना में अनुमानित 19.2 लाख लीटर पानी हर साल बचाने की उम्मीद है।

पानी की बचत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़े सोलर प्लांट में नियमित रूप से Solar Panels की सफाई की आवश्यकता होती है। पारंपरिक सफाई प्रणालियों में बड़ी मात्रा में पानी इस्तेमाल हो सकता है।

रोबोटिक क्लीनिंग सिस्टम के इस्तेमाल से पानी की खपत कम करने के साथ-साथ सोलर मॉड्यूल्स की नियमित सफाई को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

Swaraj Tractors ने रखा Decarbonisation पर फोकस

Swaraj Tractors के Chief Executive Officer गगनजोत सिंह ने कहा कि करीब आधी सदी पहले Swaraj की स्थापना आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर हुई थी।

उन्होंने कहा कि जिस समय भारत जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और अधिक हरित वातावरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, Swaraj भी ऊर्जा खपत कम करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को Renewable Energy से बदलने की दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इस साल की शुरुआत में Swaraj को Golden Peacock Award for Energy Efficiency से सम्मानित किया गया था।

अब कंपनी अपने Energy Efficiency Initiatives के साथ Renewable Energy का उपयोग भी बढ़ा रही है। कंपनी के अनुसार, इस परियोजना के जरिए उसकी ऊर्जा जरूरतों के आधे से अधिक हिस्से को Renewable Sources से पूरा करने की दिशा में प्रगति हुई है।

उन्होंने कहा कि Mahindra Susten के साथ सहयोग से बठिंडा में यह अत्याधुनिक Solar Project विकसित करना संभव हुआ है।

यह परियोजना Swaraj की Energy Self-Reliance को मजबूत करने के साथ-साथ Mahindra Group के Planet Positive बनने के लक्ष्य में भी योगदान देती है।

2023 में सभी Swaraj Plants को मिला EP100 Certification

Swaraj Tractors की Sustainability Journey केवल Renewable Energy तक सीमित नहीं है।

कंपनी के अनुसार, वर्ष 2023 में Swaraj के सभी Tractor Manufacturing Plants ने EP100 Certification हासिल किया था।

EP100 का उद्देश्य ऊर्जा उत्पादकता को बढ़ाना और कंपनियों को कम ऊर्जा में अधिक उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Swaraj ने यह उपलब्धि Mahindra Group की निर्धारित समयसीमा से सात वर्ष पहले हासिल की थी।

इससे पता चलता है कि कंपनी अपने Manufacturing Operations में Energy Efficiency को लंबे समय से प्राथमिकता देती रही है।

Mahindra Susten की Renewable Energy में नई पहल

Mahindra Susten के Managing Director एवं CEO अविनाश राव ने कहा कि कंपनी को Swaraj Tractors के साथ साझेदारी कर उसकी Renewable Energy Transition और Sustainability Strategy को आगे बढ़ाने पर गर्व है।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना Mahindra Susten के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह Group Captive Structure के माध्यम से Creditworthy Commercial और Industrial Customers को बिजली की आपूर्ति करने की दिशा में कंपनी का पहला प्रमुख कदम है।

Mahindra Susten अब तक मुख्य रूप से Government Utilities को Renewable Power Supply करने के मॉडल पर काम करती रही है।

बठिंडा Solar Project के जरिए कंपनी ने Commercial और Industrial Customers के लिए Renewable Energy Solutions उपलब्ध कराने की दिशा में भी अपनी क्षमता का विस्तार किया है।

क्या है Group Captive Solar Project?

Group Captive Solar Project ऐसा मॉडल है जिसमें किसी कंपनी या कंपनियों का समूह Renewable Energy Project में हिस्सेदारी रखता है और उससे उत्पादित बिजली का उपयोग अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए करता है।

इस मॉडल से बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को अपनी बिजली जरूरतों के एक हिस्से को Renewable Sources से पूरा करने का अवसर मिलता है।

Swaraj Tractors के मामले में बठिंडा Solar Project से प्राप्त Renewable Electricity का उपयोग कंपनी की Manufacturing, Assembly और Foundry Operations में किया जाएगा।

इससे कंपनी को अपने ऊर्जा स्रोतों को अधिक Sustainable बनाने में मदद मिलेगी।

Swaraj Tractors के सभी Plants Water Positive

Swaraj Tractors ने Sustainability के क्षेत्र में कई अन्य पहल भी की हैं।

कंपनी के अनुसार, उसके सभी Manufacturing Plants Water Positive हैं। इसके अलावा सभी प्लांट्स को Zero Waste to Landfill Certification भी प्राप्त है।

Swaraj की Foundry को भारत में Zero Waste to Landfill Certification प्राप्त करने वाली पहली Foundry Operation बताया गया है।

इसका उद्देश्य Manufacturing Process से उत्पन्न Waste को कम करना, Recycling और Reuse को बढ़ावा देना तथा लैंडफिल में जाने वाले कचरे को न्यूनतम करना है।

Scope 3 Emissions कम करने पर भी फोकस

आने वाले समय में Swaraj Tractors का Sustainability Focus केवल अपने Manufacturing Plants तक सीमित नहीं रहने वाला है।

कंपनी Product-related Scope 3 Emissions को कम करने, Suppliers के Decarbonisation को तेज करने और ESG Capabilities को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

इसके साथ ही Green Dealership Programmes के विस्तार और कंपनी के Operations में Diversity को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

Scope 3 Emissions में कंपनी की अपनी प्रत्यक्ष गतिविधियों के बाहर Value Chain से जुड़े उत्सर्जन शामिल होते हैं। इसलिए इन्हें कम करने के लिए Suppliers, Logistics और अन्य Business Partners के साथ मिलकर काम करना आवश्यक होता है।

ग्रामीण समुदायों के विकास पर भी जोर

Swaraj Tractors की Sustainability Strategy में Social Impact भी शामिल है। कंपनी के अनुसार, फरवरी 2026 में उसे Golden Peacock Award for CSR Excellence से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान ग्रामीण समुदायों को मजबूत करने और भारत के गांवों में Inclusive Growth को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।

इस तरह Swaraj की Sustainability Strategy में Environment के साथ-साथ People और Community Development को भी महत्व दिया जा रहा है।

Swaraj Tractors का कृषि क्षेत्र में योगदान

Swaraj Tractors Mahindra Group के Farm Equipment Business का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1974 में पंजाब में हुई थी।

Swaraj को एक तेजी से बढ़ते भारतीय Tractor Brand के रूप में पहचान मिली है। कंपनी का ब्रांड दर्शन ‘By the Farmers, For the Farmers’ पर आधारित है।

कंपनी के अनुसार, उसके कई कर्मचारी Farming Community से आते हैं। इस वजह से खेती से जुड़े वास्तविक अनुभवों को Tractor और Farm Machinery के विकास में शामिल करने में मदद मिलती है।

Swaraj Tractors वर्तमान में 11.2 kW यानी 15 HP से लेकर 49.2 kW यानी 65 HP तक के ट्रैक्टरों की रेंज उपलब्ध कराता है।

इसके अलावा कंपनी Farm Machinery और Harvesters के क्षेत्र में भी काम करती है और Horticulture Mechanisation के लिए भी समाधान विकसित कर रही है।

Mahindra Group के Planet Positive लक्ष्य को मजबूती

Swaraj Tractors और Mahindra Susten का यह Solar Project Mahindra Group के व्यापक Sustainability Goals के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Mahindra Group ने Climate Action और ESG Principles को अपनी Business Strategy का हिस्सा बनाया है। Renewable Energy, Energy Efficiency, Water Conservation और Waste Management जैसी पहलों के माध्यम से Group अपने Environmental Impact को कम करने पर जोर दे रहा है।

बठिंडा में 42 MWp Solar Project इसी व्यापक Sustainability Framework का हिस्सा है।

यह परियोजना औद्योगिक उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

Project Facts: एक नजर में

परियोजना: 42 MWp Group Captive Solar Project
स्थान: गांव तेओना पुजरियां, तलवंडी साबो, बठिंडा, पंजाब
क्षेत्रफल: लगभग 141 एकड़
Solar Technology: N-Type TOPCon Bifacial Modules
Structure: Fixed-Tilt Structures
वार्षिक अनुमानित बिजली उत्पादन: 61.54 मिलियन यूनिट
अनुमानित CO₂ उत्सर्जन में कमी: 42,000 टन से अधिक प्रति वर्ष
घरेलू घटकों की हिस्सेदारी: 97% से अधिक
अनुमानित पानी की बचत: 19.2 लाख लीटर प्रति वर्ष
Swaraj की Manufacturing Electricity जरूरत का हिस्सा: लगभग 50%
परियोजना का विकास: Mahindra Susten

कृषि मशीनरी उद्योग में Green Manufacturing का बढ़ता महत्व

कृषि मशीनरी उद्योग में उत्पादन प्रक्रिया ऊर्जा-गहन हो सकती है। ऐसे में Tractor Manufacturing Companies के लिए Energy Efficiency और Renewable Energy का इस्तेमाल बढ़ाना उनके Carbon Footprint को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Swaraj Tractors का बठिंडा Solar Project इस बदलाव का एक उदाहरण है। इससे कंपनी अपनी Manufacturing Operations के लिए Renewable Electricity का इस्तेमाल बढ़ा सकेगी।

भविष्य में कृषि मशीनरी उद्योग में Green Manufacturing, Low-Carbon Production, Sustainable Supply Chains और Energy-Efficient Technologies की भूमिका और बढ़ने की संभावना है।

Swaraj की ओर से Renewable Energy, Water Conservation, Zero Waste और Energy Productivity पर किया जा रहा काम इसी दिशा में कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति को दर्शाता है।

Swaraj Tractors और Mahindra Susten द्वारा पंजाब में 42 MWp Group Captive Solar Project को कमीशन करना Renewable Energy और Sustainable Manufacturing की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बठिंडा के करीब 141 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह परियोजना हर साल लगभग 61.54 मिलियन यूनिट Renewable Electricity पैदा करने में सक्षम होगी। इससे Swaraj Tractors की Manufacturing Electricity Requirements का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने की उम्मीद है।

परियोजना से हर साल 42,000 टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन कम होने और लगभग 19.2 लाख लीटर पानी बचाने का अनुमान है। साथ ही 97 प्रतिशत से अधिक घटकों की घरेलू सोर्सिंग भारत के Renewable Energy Manufacturing Ecosystem को भी समर्थन देती है।

Swaraj Tractors की Energy Efficiency, Water Positive, Zero Waste to Landfill और Renewable Energy पहलों को देखते हुए यह परियोजना कंपनी की व्यापक Decarbonisation Strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में Tractor Manufacturing और Renewable Energy को जोड़ने वाली यह पहल आने वाले समय में Green Manufacturing और Sustainable Agriculture Equipment Industry के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।

 

Tags: AgricultureFarmingmahindraSwaraj
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