देश के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) तथा अन्य ग्रामीण संपर्क योजनाओं के तहत 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 18,907 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आई, जिसकी अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने की।
बैठक में विभिन्न राज्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, राजस्थान और तेलंगाना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
हर पात्र बस्ती तक सड़क पहुंचाने पर जोर
बैठक के दौरान सचिव रोहित कंसल ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे पीएमजीएसवाई-1 और पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत अब तक सड़क संपर्क से वंचित सभी पात्र बस्तियों को जल्द से जल्द जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों की बस्तियों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास का आधार मजबूत सड़क संपर्क है और प्रत्येक गांव तक सर्वकालिक (ऑल वेदर) सड़क पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने, भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान करने तथा निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण को प्राथमिकता
समीक्षा बैठक में रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज (RCPLWEA) की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केंद्र सरकार का मानना है कि सड़क नेटवर्क का विस्तार न केवल विकास को गति देता है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाता है।
सचिव ने संबंधित राज्यों से कहा कि वे परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वीकृत सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है ताकि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
गुणवत्ता और स्थायित्व पर विशेष ध्यान
बैठक का एक प्रमुख विषय ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता भी रहा। सचिव ने कहा कि केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी गुणवत्ता और रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्यों को निर्माण कार्यों के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
राज्यों से कहा गया कि वे फील्ड स्तर पर निरीक्षण की संख्या बढ़ाएं, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाएं तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़कें अधिक टिकाऊ होंगी और लंबे समय तक लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान कर सकेंगी।
e-MARG प्लेटफॉर्म के उपयोग को अनिवार्य बनाने की पहल
बैठक में डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए e-MARG (Electronic Maintenance of Rural Roads under PMGSY) प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण सड़कों के रखरखाव से जुड़ी गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी करने में मदद करता है।
इसके माध्यम से सड़क रखरखाव कार्यों की प्रगति, भुगतान की स्थिति और प्रदर्शन मूल्यांकन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। मंत्रालय का मानना है कि सभी राज्यों में e-MARG के सार्वभौमिक उपयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश
समीक्षा बैठक के समापन पर सचिव रोहित कंसल ने राज्यों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आने वाली बाधाओं को शीघ्र दूर किया जाए ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।
इसके अलावा राज्यों को परियोजना लक्ष्यों के अनुरूप समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने, निर्धारित माइलस्टोन का पालन करने तथा राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी (NRIDA) और ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया।
राज्यों ने समय पर लक्ष्य पूरा करने का दिया भरोसा
बैठक में शामिल राज्यों ने अपने-अपने कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया और मंत्रालय को आश्वस्त किया कि लंबित परियोजनाओं तथा वर्ष 2026-27 के सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। राज्यों ने यह भी भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी और रखरखाव के मानकों को और बेहतर बनाया जाएगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि 26,474 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण का यह लक्ष्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि देश की प्रत्येक पात्र ग्रामीण बस्ती तक सर्वकालिक सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जाए। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य ग्रामीण भारत के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

