Weather Update: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इस समय पांच प्रमुख मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं, जिसके कारण उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 21 राज्यों के लिए बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर चेतावनी जारी की है।
दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों तक मानसून का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका भी जताई गई है।
कौन-कौन से 5 मौसमी सिस्टम हैं सक्रिय?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में निम्नलिखित पांच सिस्टम मानसून को लगातार ऊर्जा दे रहे हैं।
1. कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area)
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। यह सिस्टम पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक भारी बारिश करा सकता है।
2. मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough)
मानसूनी ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है। इसकी वजह से उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
3. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance)
एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी राज्यों और उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना है।
4. ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation)
मध्य भारत और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में बारिश को और तेज कर सकता है।
5. अरब सागर से नमी वाली हवाएं
अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण पश्चिमी भारत और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
इन 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, उनमें शामिल हैं:
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- हरियाणा
- पंजाब
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- गोवा
- असम
- मेघालय
- नागालैंड
- मणिपुर
- अरुणाचल प्रदेश
इन राज्यों के कई जिलों में बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। कई इलाकों में तेज बारिश के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश का असर
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य जिलों में भारी बारिश की संभावना अधिक है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, अयोध्या और आसपास के जिलों में तेज बारिश का अनुमान है।
नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा
बिहार और झारखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।कृषि क्षेत्रों में पानी भरने की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सबसे ज्यादा असर
बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक प्रभाव पश्चिम बंगाल और ओडिशा में देखने को मिल सकता है।इन राज्यों के तटीय और आंतरिक जिलों में तेज बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत में लगातार बारिश
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए कृषि विशेषज्ञ किसानों को निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
- खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें।
- कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव बारिश रुकने के बाद ही करें।
- सब्जियों और बागवानी फसलों में जलभराव न होने दें।
- पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करें।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में न रहें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
- मोबाइल में मौसम संबंधी अपडेट नियमित रूप से देखते रहें।
अगले कुछ दिन क्यों हैं महत्वपूर्ण?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून काफी मजबूत स्थिति में बना रहेगा। इससे कई राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।
यदि कम दबाव का क्षेत्र और अधिक मजबूत होता है तो कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा और स्थानीय बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए प्रशासन और लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है।
निष्कर्ष
देश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पांच सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर सहित 21 राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने, प्रशासन की सलाह का पालन करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। वहीं किसानों के लिए भी यह समय फसलों की सुरक्षा और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने का है।

