केंद्र सरकार ने किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाते हुए कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों को राहत दी है। सरकार ने 2026 रबी सीजन के दौरान कर्नाटक में उगाए जाने वाले 9,023 टन सूरजमुखी बीज की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने की मंजूरी दे दी है।
यह फैसला खासतौर पर उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें मंडियों में कम दाम मिलने की चिंता रहती है। MSP पर खरीद सुनिश्चित होने से सूरजमुखी उत्पादकों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।
वहीं महाराष्ट्र के चना उत्पादक किसानों के लिए भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में चने की अधिकतम खरीद सीमा बढ़ाकर 8,19,882 टन कर दी गई है। इसके साथ ही खरीद की समय-सीमा को 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे उन किसानों को फायदा होगा जो पहले निर्धारित समय में अपनी फसल नहीं बेच पाए थे।
यह पूरी प्रक्रिया प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत लागू की जाएगी। यह योजना तब सक्रिय होती है जब बाजार में फसलों की कीमत MSP से नीचे चली जाती है। ऐसे में सरकार सीधे हस्तक्षेप कर किसानों से MSP पर खरीद करती है, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।
केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि इस फैसले से कर्नाटक के सूरजमुखी किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा। साथ ही महाराष्ट्र के चना किसानों को भी राहत मिलेगी, खासकर उन किसानों को जो समय पर बिक्री नहीं कर पाए थे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को MSP का लाभ दिलाना है, ताकि वे बाजार के दबाव में अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर न हों।
यह कदम किसानों की आय बढ़ाने, बाजार स्थिरता बनाए रखने और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

