कृषि इनपुट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी थाकर केमिकल्स ने अपना नया स्लो-रिलीज़ जिंक उर्वरक ‘अल्ट्रॉन जिंक’ आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह पेटेंटेड जिंक पॉलीफॉस्फेट तकनीक पर आधारित एक उन्नत सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक है, जिसे फसलों को लंबे समय तक पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
कंपनी के अनुसार, अल्ट्रॉन जिंक में 16 प्रतिशत जिंक और 9 प्रतिशत मैंगनीज मौजूद है। स्लो-रिलीज़ तकनीक के कारण इसमें मौजूद पोषक तत्व धीरे-धीरे उपलब्ध होते हैं, जिससे फसलों को लंबे समय तक संतुलित पोषण मिलता है और पोषक तत्वों के नुकसान की संभावना कम हो जाती है।
डायरेक्टर सेल्स और मार्केटिंग विवेक मित्तल इस प्रोडक्ट को लेकर बहुत उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि यह प्रोडक्ट भारतीय किसानों के साथ-साथ डीलरों के लिए भी गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह उत्पाद विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है जहां मिट्टी में जिंक और मैंगनीज की कमी पाई जाती है। जिंक पौधों की वृद्धि, एंजाइम गतिविधि और प्रकाश संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जबकि मैंगनीज फसल की जैविक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
कंपनी ने बताया कि अल्ट्रॉन जिंक फॉस्फेट आधारित उर्वरकों के साथ पूरी तरह संगत है, जिससे किसान इसे अपनी मौजूदा उर्वरक प्रबंधन प्रणाली में आसानी से शामिल कर सकते हैं। कंपनी का दावा है कि उत्पाद के उपयोग से शुरुआती वृद्धि बेहतर हो सकती है, पौधों में हरियाली बढ़ सकती है और उत्पादन क्षमता में सुधार देखने को मिल सकता है।
थाकर केमिकल्स ने अल्ट्रॉन जिंक को ‘न्यू-एज स्लो-रिलीज़ फर्टिलाइज़र’ बताते हुए इसे आधुनिक फसल पोषण प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। कंपनी को उम्मीद है कि यह उत्पाद किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से होने वाले नुकसान को कम करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद करेगा।

