Punjab Agricultural University (पीएयू) के अंतर्गत संचालित Punjab Agri Business Incubator (पीएबीआई) ने एक बार फिर राज्य के उभरते एग्रीबिजनेस स्टार्टअप्स को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। Startup Punjab के सहयोग से पीएबीआई लगातार नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है।
इसी क्रम में, “स्टार्टअप पंजाब” पहल के तहत दो उभरते स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। M/s Agrizen Organics को उनके शुरुआती व्यावसायिक विकास और विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए सीड-स्टेज फंडिंग दी गई है। वहीं, M/s Shayra Food Private Limited को रेंटल सब्सिडी का लाभ मिला है, जिससे उनके संचालन लागत में कमी आएगी और वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्तीय सहायता के चेक औपचारिक रूप से डॉ. तेजिंदर सिंह रियार और डॉ. पूनम ए. सचदेव द्वारा स्टार्टअप प्रतिनिधियों को सौंपे गए। कार्यक्रम के दौरान दोनों अधिकारियों ने स्टार्टअप्स के प्रयासों की सराहना की और उन्हें उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए नवाचार एवं सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. तेजिंदर सिंह रियार ने अपने संबोधन में कहा कि पीएबीआई का उद्देश्य राज्य में एग्रीबिजनेस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि स्टार्टअप्स को समय पर वित्तीय सहायता मिले, ताकि वे अपनी क्षमताओं को विकसित कर सकें और कृषि अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान दे सकें।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पहलें किसानों और उद्यमियों के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती हैं।
वहीं, डॉ. पूनम ए. सचदेव ने कहा कि लक्षित वित्तीय सहायता जैसे सीड फंडिंग और रेंटल सब्सिडी स्टार्टअप्स के विभिन्न विकास चरणों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है, बल्कि बाजार तक पहुंच भी सशक्त होती है और वे टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल विकसित कर पाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सहयोग से राज्य में रोजगार सृजन और मूल्य संवर्धन को भी बढ़ावा मिलता है।
पीएबीआई की भूमिका केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्टार्टअप्स को संरचित इनक्यूबेशन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बाजार से जुड़ाव और नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान करता है। इससे नए उद्यमों को अपने विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदलने और उन्हें बड़े स्तर पर स्थापित करने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें पंजाब को एग्रीबिजनेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में अहम योगदान देंगी। स्टार्टअप्स के माध्यम से नई तकनीकों और नवाचारों का प्रसार होगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी।
इस पहल के माध्यम से पीएयू का पीएबीआई न केवल स्टार्टअप्स को सशक्त बना रहा है, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रहा है। आने वाले समय में इससे और अधिक नवाचार, रोजगार और सतत विकास की संभावनाएं प्रबल होंगी।

