ֆ:प्रदर्शनी में कुल नौ ELP इकाइयों को प्रस्तुत किया गया, जिनमें शामिल थीं:
कॉमर्शियल एपिकल्चर (मधुमक्खी पालन), कॉमर्शियल हॉर्टिकल्चर, फूड टेक्नोलॉजी, मशरूम उत्पादन, बीज उत्पादन तकनीक, व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती और लैंडस्केपिंग, जैव-एजेंट उत्पादन तथा मृदा, पौध और जल विश्लेषण। इस अवसर पर PAU के रजिस्ट्रार डॉ. ऋषि पाल सिंह (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रदर्शनी का मूल्यांकन डॉ. एस.के. ढिल्लों, चेयरपर्सन, अकादमिक कार्य, तथा डॉ. मनमीत कौर, एसोसिएट प्रोफेसर, विस्तार शिक्षा द्वारा किया गया।
§ֆ:छात्रों ने अपने अनुभवों को जानकारीपूर्ण चार्ट्स, वीडियो, मॉडल्स और स्वयं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे उनके व्यावहारिक प्रशिक्षण का सार स्पष्ट रूप से झलकता था। मुख्य अतिथि डॉ. ऋषि पाल सिंह ने छात्रों एवं संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा, “आपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप से लागू कर यह साबित किया है कि नई सोच और नवाचार से स्वरोजगार के रास्ते खोले जा सकते हैं।” उन्होंने छात्रों से नवोन्मेषी सोच अपनाने और अपने कार्यों का सही दस्तावेजीकरण करने पर भी बल दिया।§ֆ:डॉ. सी.एस. औलख ने छात्रों की प्रतिबद्धता और रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि ELP जैसे कार्यक्रम छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त बनाते हैं। उन्होंने छात्रों से इन कार्यक्रमों से सीखे गए कौशल को रोजगार के अवसरों में बदलने का आह्वान किया।प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बीज उत्पादन तकनीक ELP को प्रथम, मधुमक्खी पालन को द्वितीय, और मशरूम उत्पादन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। यह आयोजन न केवल छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का अवसर बना, बल्कि उन्हें कृषि-आधारित उद्यमिता की ओर प्रेरित करने का भी माध्यम बना।§
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना के छात्रों द्वारा अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम (ELP) के अंतर्गत किए गए कार्यों और तैयार किए गए उत्पादों की एक प्रदर्शनी का आयोजन कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के डीन कार्यालय परिसर में किया गया। यह आयोजन डॉ. सी.एस. औलख, डीन, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

