Pinarayi Vijayan केरल में गैर-घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। इस संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें गैस की उपलब्धता और वितरण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने तय किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की कमी या अव्यवस्था को तुरंत रोका जा सके।
बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य स्तर पर एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो गैस सिलेंडरों की खपत और वितरण की नियमित निगरानी करेगी। इसके अलावा सभी जिलों में जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटियां भी बनाई जाएंगी। इन कमेटियों का काम होगा कि गैस की आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बनाए रखा जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
सरकार ने गैस आपूर्ति पर बेहतर निगरानी के लिए एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड तैयार करने का भी फैसला किया है। इस डैशबोर्ड के जरिए घरेलू और गैर-घरेलू दोनों तरह के एलपीजी सिलेंडरों की रोजाना खपत और वितरण का डेटा उपलब्ध रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक इससे राज्य सरकार को यह समझने में आसानी होगी कि किस क्षेत्र में गैस की मांग ज्यादा है और कहां आपूर्ति बढ़ाने की जरूरत है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि गैस सिलेंडरों के वितरण के लिए प्राथमिकता सूची बनाई जाएगी। संकट की स्थिति में अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों, स्कूलों, पब्लिक किचन, आईटी पार्कों की कैंटीन और फैक्ट्रियों की कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को सबसे पहले गैस उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गैस की कमी के कारण श्मशान घाटों के संचालन में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
सरकार ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का भी फैसला किया है। इसके तहत राजस्व विभाग, सिविल सप्लाई विभाग, पुलिस और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक विशेष एनफोर्समेंट टीम बनाई जाएगी। यह टीम औद्योगिक उपयोग के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल को रोकने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई तेज करेगी।
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भी गैर-घरेलू गैस सिलेंडरों की आवंटित सीमा बढ़ाने की मांग करने का फैसला किया है। फिलहाल केरल को गैर-घरेलू सिलेंडरों का आवंटन कुल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत तक ही सीमित है। राज्य सरकार का कहना है कि केरल में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं, जिसके कारण यहां गैस की मांग सामान्य राज्यों की तुलना में अधिक रहती है।
इसके अलावा सिविल सप्लाई विभाग को गैस संकट से जुड़ी अफवाहों और फर्जी खबरों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों में घबराहट न फैले और बाजार में कृत्रिम संकट पैदा न हो।
इस हाई-लेवल बैठक में सिविल सप्लाई मंत्री जी.आर. अनिल, वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल, स्थानीय स्वशासन मंत्री एम.बी. राजेश, मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक और विभिन्न तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और गैस आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

