मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 23 मई कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह फैसला लेते हुए किसानों को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है, जिससे वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना का पूरा लाभ उठा सकें। इससे पहले स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख 9 मई तय की गई थी।
सरकार का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब प्रदेश के कई हिस्सों में किसान स्लॉट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया को लेकर परेशान थे। कई जगहों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि तकनीकी खामियों और पेचीदा प्रक्रिया के कारण वे समय पर स्लॉट बुक नहीं कर पा रहे हैं। इसका सीधा असर गेहूं खरीद की गति पर भी पड़ा है, जो अपेक्षा से धीमी चल रही है।
किसानों की मुख्य शिकायत यह है कि ऑनलाइन सिस्टम में बार-बार दिक्कत आती है और स्लॉट जल्दी भर जाते हैं, जिससे छोटे और दूरदराज के किसान पीछे रह जाते हैं। कई किसानों के पास डिजिटल साधनों की कमी भी एक बड़ी बाधा बन रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज एमएसपी पर बेचने से वंचित न रह जाए।
कैसे करें आसान स्लॉट बुकिंग?
सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे मध्य प्रदेश के ई-उपार्जन पोर्टल पर जाकर आसानी से स्लॉट बुक कर सकते हैं। पोर्टल पर जाने के बाद “रबी सीजन 2026-27” के तहत “किसान स्लॉट बुकिंग (गेहूं)” विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद किसान को अपनी समग्र आईडी या पंजीयन नंबर दर्ज करना होता है। जरूरी जानकारी भरने के बाद उपलब्ध तारीख और केंद्र का चयन कर स्लॉट बुक किया जा सकता है।
यदि किसी किसान को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो रही है, तो वह नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), सहकारी समिति या कृषि उपज मंडी में जाकर भी सहायता ले सकता है। वहां मौजूद ऑपरेटर किसानों की स्लॉट बुकिंग में मदद करते हैं।
खरीद प्रक्रिया को तेज करने पर जोर
राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहतर करें और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही तकनीकी समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने पर भी जोर दिया गया है।
इस फैसले से उम्मीद है कि अब ज्यादा से ज्यादा किसान समय पर स्लॉट बुक कर सकेंगे और अपनी फसल उचित मूल्य पर बेच पाएंगे। सरकार का यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को भी गति देगा।

